डेस्टीनेशन नार्थ ईस्ट समारोह में बोले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह- पूर्वोत्तर भारत का नया इंजन
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शनिवार को आईआईटी बीएचयू के टेक्निकल ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री ने कहा कि साहित्य, संगीत और नृत्य में ही पूर्वोत्तर आगे नहीं है, बल्कि वीरता में भी आगे हैं। इस कार्यक्रम में बीएचयू के 200 छात्र भी पूर्वोत्तर के हैं। स्टार्टअप के लिए बाकी क्षेत्रों में भी पूर्वोत्तर का बड़ा महत्व है। देश के पूर्वोत्तर हिस्से के राज्यों की सांस्कृतिक झलक काशी में दिखी।
राज्यों की कला एवं पर्यटन संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। इस मौके पर मिजोरम के मंत्री पीयू जोरामथंगा, एनईआर के सचिव इंद्रजीत सिंह, असम राइफल्स के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल सुखदीप संगवान, कुलपति प्रो. राकेश भटनागर, आईआईटी के निदेशक प्रो. पीके जैन आदि ने अपने विचार रखे। एनईआर के ब्लाइंड बैंड, मेघालय के इंडियन आइडल के अमित पाल और त्रिपुरा के सौरभी देबर्मा ने अपनी प्रस्तुति से सबका दिल जीत लिया।
धरती का स्वर्ग है पूर्वोत्तर : जीनत अमान
विशिष्ट अतिथि सिने स्टार जीनत अमान ने कहा कि धरती का स्वर्ग अगर कहीं है तो वह पूर्वोत्तर में है। यहां के कपड़े और ज्वैलरी काफी आकर्षित करते हैं। मेरे पास काफी ज्वैलरी है। इस प्रकार का आयोजन एक दूसरे संस्कृति को जानने के लिए बहुत ही बढ़िया है।
पिंक बाल टेस्ट क्रिकेट का भविष्य : आरपी सिंह
विशिष्ट अतिथि क्रिकेटर आरपी सिंह ने कहा कि पिंक बाल टेस्ट क्रिकेट का भविष्य है। पिंक बाल से गेंदबाजों को फायदा मिलेगा। पिंक बाल से बल्लेबाजों को संभल कर खेलना होगा। पत्रकारों के एक सवाल पर कहा हर फार्मेट में पिंक बाल संभव नहीं है। सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए इस प्रकार के आयोजन जरूरी हैं।
प्रदर्शनी में इन राज्यों के लगे स्टाल
उत्तर पूर्व के आठ राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के हस्तशिल्प, वस्त्र, क्षेत्रीय उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। लाइव किचन विशेष आक र्षण का केंद्र रहा। उत्तर पूर्वी क्षेत्रों के व्यंजनों का भी लोगों ने लुत्फ उठाया। पूर्वोत्तर राज्यों की कला, संस्कृति, खानपान, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम, बांस और लकड़ी के उत्पाद के 150 स्टॉल लगे थे। बांस से बने आइटम लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।