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केंद्रीय मंत्री उमा भारती पहुंचीं वाराणसी, किया महादेव का दर्शन पूजन
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 18 Jul 2017 02:24 PM IST
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केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा सफाई मंत्री उमा भारती
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा सफाई मंत्री उमा भारती देर सोमवार शाम शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन पूजन किया। यहां पहले वह मां गंगा का विधि विधान से पूजन किया। इसके बाद बाबा का दर्शन पूजन किया। प्रसाद लेने के बाद मे चली गई।
इसके बाद बाबा विश्वनाथ, कालभैरव और चौबेपुर कैथी स्थित मारकंडे महादेव का दर्शन पूजन किया। सर्किट हाउस में उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। हालचाल पूछा। देर रात मुगलसराय से वापस दिल्ली रवाना हो गईं।
काशी कांवरिया शिविर में भक्तों की सेवा
रथयात्रा स्थित काशी कांवरिया शिविर में भक्तों की खूब सेवा की गई। इस शिविर में भक्तों के लिए चलाए जाने वाले भंडारे की जिम्मेदारी भक्तों ने उठाई। शिविर के संचालक गोपाल सिंह के निर्देशन में20 से अधिक सेवादार दिन भर जूझते रहे। भक्तों के पैरों पर पानी की फुहार डालने के साथ ही चाय-बिस्किट भी पहुंचाया जाता रहा। इसके अलावा गोदौलिया, बांसफाटक, चौक, नीचीबाग के शिविरों में भक्तों को सुविधाएं मुहैया कराई गईं।
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यादव बंधुओं ने किया जलाभिषेक
सावन के दूसरे सोमवार पर सीरगोवर्धन के यादव बंधुओं ने बीएचयू स्थित बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। सोमवार की सुबह अस्सी घाट से गगरों में जलभरकर हर-हर महादेव के जयघोष और डमरू के निनाद के साथ यादव बंधुओं का रेला विश्वनाथ मंदिर की ओर चल पड़ा। डमरू की थाप पर झूमते हुए यादव बंधुओं ने बाबा को जल अर्पण किया।
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इसके बाद बाबा विश्वनाथ, कालभैरव और चौबेपुर कैथी स्थित मारकंडे महादेव का दर्शन पूजन किया। सर्किट हाउस में उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। हालचाल पूछा। देर रात मुगलसराय से वापस दिल्ली रवाना हो गईं।
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काशी कांवरिया शिविर में भक्तों की सेवा
रथयात्रा स्थित काशी कांवरिया शिविर में भक्तों की खूब सेवा की गई। इस शिविर में भक्तों के लिए चलाए जाने वाले भंडारे की जिम्मेदारी भक्तों ने उठाई। शिविर के संचालक गोपाल सिंह के निर्देशन में20 से अधिक सेवादार दिन भर जूझते रहे। भक्तों के पैरों पर पानी की फुहार डालने के साथ ही चाय-बिस्किट भी पहुंचाया जाता रहा। इसके अलावा गोदौलिया, बांसफाटक, चौक, नीचीबाग के शिविरों में भक्तों को सुविधाएं मुहैया कराई गईं।
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यादव बंधुओं ने किया जलाभिषेक
सावन के दूसरे सोमवार पर सीरगोवर्धन के यादव बंधुओं ने बीएचयू स्थित बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। सोमवार की सुबह अस्सी घाट से गगरों में जलभरकर हर-हर महादेव के जयघोष और डमरू के निनाद के साथ यादव बंधुओं का रेला विश्वनाथ मंदिर की ओर चल पड़ा। डमरू की थाप पर झूमते हुए यादव बंधुओं ने बाबा को जल अर्पण किया।
1.25 लाख भक्तों ने किया बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक
सावन के दूसरे सोमवार पर जलाभिषेक के लिए पहुंचे कांवरियों से काशी हुई शिवमय
- फोटो : अमर उजाला
भक्त बाबा काशी विश्वनाथ की झलक पाने के लिए काशी की सड़कों पर उमड़ पड़े। हर तरफ बोल बम और हर हर महादेव के गगनभेदी जयकारे गूंजे तो शिविरों में सेवा के तरह-तरह के रंग छाए रहे। दोपहर तक भक्तों की लंबी कतार लगी रही और जयकारे गूंजते रहे।
सावन दूसरे सोमवार को चहुंदिशि ऐसा की दृश्य था। केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्री उमा भारती ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। देर शाम तक 1.25 लाख भक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया।
भोलेनाथ की तरह-तरह की झांकियां लेकर श्रद्धालु निकले तो काशी शिवमय हो गई। कहीं महिलएं कंधे कंधे पर रंग-बिरंगी कांवर लिए बढ़ीं तो कहीं भोलेनाथ के वेश में कांवरिए आस्था के पथ पर चल रहे थे। भोले भक्तों के समूह बोल कंवरिया बोल बम... के जयकारे लगाते हुए हर तरफ बढ़ते नजर आए।
मंगला आरती से पहले ही लंबी कतार लग गई थी। भोर में भक्त बैरीकेडिंग की बल्लियों पर खड़े नजर आने लगे। भोर में मंगला आरती के बाद पट खुलते ही श्रद्धालु बाबा के दरबार में बढ़ने लगे। दिन के 11 बजे तक 60 हजार भक्तों ने बाबा का जलाभिषेक किया। दोपहर बाद भीड़ का दबाव कम पड़ने लगा।
हालांकि लाइन एक तरफ चौक से और दूसरी ओर बांसफाटक पर हरी चश्मा वाले तक लगी थी लेकिन चुस्त इंतजामों के चलते भक्तों को आगे बढ़ने में दिक्कत नहीं हो रही थी। दोपहर बाद ही इस बार बैरीकेडिंग खाली हो गई। भीड़ का दबाव न के बराबर था।
हालांकि सुबह दशाश्वमेध घाट से लेकर चितरंजन पार्क के शिव शक्ति कांवरिया तीर्थयात्री सेवा शिविर तक कांवरियों का रेला इस कदर था कि पैदल भी लोग नहीं चल पा रहे थे। शिविर में कांवर रखने की जगह नहीं बची थी।
सावन दूसरे सोमवार को चहुंदिशि ऐसा की दृश्य था। केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्री उमा भारती ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। देर शाम तक 1.25 लाख भक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया।
भोलेनाथ की तरह-तरह की झांकियां लेकर श्रद्धालु निकले तो काशी शिवमय हो गई। कहीं महिलएं कंधे कंधे पर रंग-बिरंगी कांवर लिए बढ़ीं तो कहीं भोलेनाथ के वेश में कांवरिए आस्था के पथ पर चल रहे थे। भोले भक्तों के समूह बोल कंवरिया बोल बम... के जयकारे लगाते हुए हर तरफ बढ़ते नजर आए।
मंगला आरती से पहले ही लंबी कतार लग गई थी। भोर में भक्त बैरीकेडिंग की बल्लियों पर खड़े नजर आने लगे। भोर में मंगला आरती के बाद पट खुलते ही श्रद्धालु बाबा के दरबार में बढ़ने लगे। दिन के 11 बजे तक 60 हजार भक्तों ने बाबा का जलाभिषेक किया। दोपहर बाद भीड़ का दबाव कम पड़ने लगा।
हालांकि लाइन एक तरफ चौक से और दूसरी ओर बांसफाटक पर हरी चश्मा वाले तक लगी थी लेकिन चुस्त इंतजामों के चलते भक्तों को आगे बढ़ने में दिक्कत नहीं हो रही थी। दोपहर बाद ही इस बार बैरीकेडिंग खाली हो गई। भीड़ का दबाव न के बराबर था।
हालांकि सुबह दशाश्वमेध घाट से लेकर चितरंजन पार्क के शिव शक्ति कांवरिया तीर्थयात्री सेवा शिविर तक कांवरियों का रेला इस कदर था कि पैदल भी लोग नहीं चल पा रहे थे। शिविर में कांवर रखने की जगह नहीं बची थी।