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CBSE 10th Result : नौ साल बाद हुई अंकों की बरसात, मेधावियों ने इस पहल को माना बेहतर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 29 May 2018 11:35 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सीबीएसई बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में करीब नौ साल बाद अंकों की बरसात हुई। इस साल एक बार फिर से दसवीं में विद्यार्थियों को अंक मिले, टॉपर्स घोषित किए गए। इसे मेधावियों ने सराहा भी। उनका साफ कहना था कि सीजीपीए से बेहतर अंक हैं। हमें पता चलता है कि हमने कितना स्कोर किया है जबकि सीजीपीए में हम खुद को जज नहीं कर पाते हैं।
दसवीं बोर्ड में छात्र-छात्राओं के तनाव को कम करने के लिहाज से सीबीएसई ने ग्रेडिंग व्यवस्था कर दी थी। विद्यार्थियों को सीजीपीए में ग्रेड मिला करते थे लेकिन 2017-18 से इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया।
मंगलवार को परिणाम सबके सामने थे। जो टॉपर थे उन्होंने अंक, पर्सेंटेज की इस व्यवस्था को सराहा। सनबीम स्कूल के अनंत बर्मन ने कहा कि अंकों की व्यवस्था सीजीपीए से बेहतर है। सुयश तिवारी का कहना था कि इससे हमें अपने एक्चुअल मार्क्स का पता चलता है जबकि सीजीपीए में हम खुद को जज नहीं कर पाते थे।
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शलेवा सिंह ने कहा कि सीजीपीए की बस एक चीज अच्छी थी कि इससे छात्र-छात्राओं के फर्क को कम किया था लेकिन अंकों की व्यवस्था ज्यादा बेहतर है। प्रियांशी सिंह का कहना है कि अंकों से हम खुद को आंक सकते हैं। बोर्ड की ये पहल अच्छी है।
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दसवीं बोर्ड में छात्र-छात्राओं के तनाव को कम करने के लिहाज से सीबीएसई ने ग्रेडिंग व्यवस्था कर दी थी। विद्यार्थियों को सीजीपीए में ग्रेड मिला करते थे लेकिन 2017-18 से इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया।
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मंगलवार को परिणाम सबके सामने थे। जो टॉपर थे उन्होंने अंक, पर्सेंटेज की इस व्यवस्था को सराहा। सनबीम स्कूल के अनंत बर्मन ने कहा कि अंकों की व्यवस्था सीजीपीए से बेहतर है। सुयश तिवारी का कहना था कि इससे हमें अपने एक्चुअल मार्क्स का पता चलता है जबकि सीजीपीए में हम खुद को जज नहीं कर पाते थे।
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शलेवा सिंह ने कहा कि सीजीपीए की बस एक चीज अच्छी थी कि इससे छात्र-छात्राओं के फर्क को कम किया था लेकिन अंकों की व्यवस्था ज्यादा बेहतर है। प्रियांशी सिंह का कहना है कि अंकों से हम खुद को आंक सकते हैं। बोर्ड की ये पहल अच्छी है।
निर्धारित समय से पहले आया रिजल्ट
सीबीएसई दसवीं का परिणाम मंगलवार को घोषित होते ही मेधावियों के चेहरे खिल गए। वर्ष भर की कड़ी मेहनत का परिणाम सामने आया तो उम्मीदों और सपनों को नए पंख लग गए। मेधावियों के चेहरे पर सफलता की चमक छाने के साथ उनका उत्साह दोगुना हो गया। रिजल्ट जानने की उत्सुकता तो उस वक्त और बढ़ गई जब निर्धारित समय से तीन घंटे पहले ही रिजल्ट जारी हो गया।
पूर्व सूचना के अनुसार सीबीएसई दसवीं का परिणाम शाम चार बजे घोषित होना था लेकिन परिणाम दिन में करीब सवा एक बजे ही जारी हो गया। ऐसे में बेसब्री से इंतजार कर रहे बच्चों और उनके अभिभावकों की उत्सुकता और बढ़ गई।
स्कूल प्रबंधनों की ओर से बच्चों का रिजल्ट बताने के लिए अलग प्रबंध किए गए थे। दोपहर डेढ़ बजे के बाद स्कूलों में रौनक छा गई। फिर तो परीक्षार्थियों के घरों तक जश्न की धूम मच गई। टॉप करने वाले मेधावियों के घरों की खुशियां ही दूनी थीं।
हर ओर बधाइयों का सिलसिला चला तो सोशल मीडिया पर इस सफलता को साझा करने में न तो मां पिता पीछे रहे और ना ही स्कूल प्रबंधन। साल भर की मेहनत का फल पाकर विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के साथ बड़ों का आशीर्वाद लिया। सफल होने वाले छात्र-छात्राओं का मुंह मीठा कराया गया। खुशी और जश्न का ये सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।
पूर्व सूचना के अनुसार सीबीएसई दसवीं का परिणाम शाम चार बजे घोषित होना था लेकिन परिणाम दिन में करीब सवा एक बजे ही जारी हो गया। ऐसे में बेसब्री से इंतजार कर रहे बच्चों और उनके अभिभावकों की उत्सुकता और बढ़ गई।
स्कूल प्रबंधनों की ओर से बच्चों का रिजल्ट बताने के लिए अलग प्रबंध किए गए थे। दोपहर डेढ़ बजे के बाद स्कूलों में रौनक छा गई। फिर तो परीक्षार्थियों के घरों तक जश्न की धूम मच गई। टॉप करने वाले मेधावियों के घरों की खुशियां ही दूनी थीं।
हर ओर बधाइयों का सिलसिला चला तो सोशल मीडिया पर इस सफलता को साझा करने में न तो मां पिता पीछे रहे और ना ही स्कूल प्रबंधन। साल भर की मेहनत का फल पाकर विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के साथ बड़ों का आशीर्वाद लिया। सफल होने वाले छात्र-छात्राओं का मुंह मीठा कराया गया। खुशी और जश्न का ये सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।
बेटियों ने फिर जमाई धाक
सुष्मिता ने हासिल किए 98.6 प्रतिशत अंक
- फोटो : अमर उजाला
बेटियों ने एक बार फिर सफलता के नए प्रतिमान स्थापित कर दिए हैं। सीबीएसई दसवीं में सुष्मिता सेन ने जिले में टॉप किया है। सनबीम भगवानपुर की छात्रा सुष्मिता को 98.6 फीसदी अंक हासिल हुए हैं।
बीएचयू में मेडिकल अफसर डॉ. पीआर सेन और पर्यावरणविद डॉ. मीताली सेन की इस होनहार बेटी ने अपनी मेहनत और उपलब्धि से न सिर्फ माता-पिता बल्कि समूची काशी को गर्व करने का मौका दिया है।
मंगलवार को सीबीएसई बोर्ड दसवीं का परिणाम निर्धारित समय से तीन घंटे पहले ही घोषित हो गया। सनबीम भगवानपुर की सुष्मिता सेन जहां सर्वाधिक अंक हासिल कर जिले की टॉपर बनी, वहीं सेकंड टॉपर भी इसी विद्यालय से रहे।
98.2 फीसदी अंकों के साथ शिवांगी यादव और अर्पित गर्ग ने संयुक्त रूप से यह उपलब्धि हासिल की। वहीं तीसरे स्थान पर द आर्यन इंटरनेशनल स्कूल के अक्षांश अग्रवाल ने 98 फीसदी अंक के साथ जगह बनाई है।
इन टॉपर्स की कामयाबी पर अभिभावकों का सिर जहां गर्व से ऊंचा हो गया है, वहीं स्कूलों में भी खुशियां छाई हैं। मेधावियों ने माता-पिता और गुरुजनों को अपनी इस कामयाबी का श्रेय दिया।
बीएचयू में मेडिकल अफसर डॉ. पीआर सेन और पर्यावरणविद डॉ. मीताली सेन की इस होनहार बेटी ने अपनी मेहनत और उपलब्धि से न सिर्फ माता-पिता बल्कि समूची काशी को गर्व करने का मौका दिया है।
मंगलवार को सीबीएसई बोर्ड दसवीं का परिणाम निर्धारित समय से तीन घंटे पहले ही घोषित हो गया। सनबीम भगवानपुर की सुष्मिता सेन जहां सर्वाधिक अंक हासिल कर जिले की टॉपर बनी, वहीं सेकंड टॉपर भी इसी विद्यालय से रहे।
98.2 फीसदी अंकों के साथ शिवांगी यादव और अर्पित गर्ग ने संयुक्त रूप से यह उपलब्धि हासिल की। वहीं तीसरे स्थान पर द आर्यन इंटरनेशनल स्कूल के अक्षांश अग्रवाल ने 98 फीसदी अंक के साथ जगह बनाई है।
इन टॉपर्स की कामयाबी पर अभिभावकों का सिर जहां गर्व से ऊंचा हो गया है, वहीं स्कूलों में भी खुशियां छाई हैं। मेधावियों ने माता-पिता और गुरुजनों को अपनी इस कामयाबी का श्रेय दिया।