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नर्सिंग छात्रा को थप्पड़ मारने के मामले में बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर पर मुकदमा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 05 Dec 2018 11:01 AM IST
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बीएचयू में बीएससी नर्सिंग की छात्रा मंजू कुमारी पर गंभीर प्रहार कर चोट पहुंचाने के आरोप में मंगलवार को चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। जिस छात्रा की पिटाई हुई थी वह अनुसूचित जाति संवर्ग की है, इसे लेकर माना जा रहा है कि विवेचना के दौरान प्रो. रोयाना सिंह पर एससी-एसटी एक्ट के तहत धाराएं बढ़ाई जा सकती है।
उधर, चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह की तहरीर पर 125 अज्ञात छात्र-छात्राओं के खिलाफ सड़क जाम करने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। विश्वविद्यालय के नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बीएससी नर्सिंग की मान्यता को लेकर 29 नवंबर को कॉलेज के सामने रास्ता जाम कर धरना दिया था।
छात्रों का आरोप था कि इस दौरान धरना स्थल पर पहुंची चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह और उनके साथ आए सुरक्षा कर्मियों ने मारपीट की। यह भी आरोप लगाया गया था कि चीफ प्रॉक्टर ने छात्रा मंजू को थप्पड़ मारा, जिससे उसके कान में चोट लगी।
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एक दिसंबर को छात्रा मंजू बीएचयू स्थित सर सुंदर लाल अस्पताल के नाक, कान, गला रोग विभाग की ओपीडी में पहुंची और जांच के बाद बाएं कान के पर्दे में छेद होने की रिपोर्ट आई तो वह घबरा गई। उसी दिन छात्रा ने लंका थाने में तहरीर देकर चीफ प्रॉक्टर पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी।
लंका थानाध्यक्ष ने बताया कि छात्रा और चीफ प्रॉक्टर की तहरीर पर दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। विवेचना में सामने आए तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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उधर, चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह की तहरीर पर 125 अज्ञात छात्र-छात्राओं के खिलाफ सड़क जाम करने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। विश्वविद्यालय के नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बीएससी नर्सिंग की मान्यता को लेकर 29 नवंबर को कॉलेज के सामने रास्ता जाम कर धरना दिया था।
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छात्रों का आरोप था कि इस दौरान धरना स्थल पर पहुंची चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह और उनके साथ आए सुरक्षा कर्मियों ने मारपीट की। यह भी आरोप लगाया गया था कि चीफ प्रॉक्टर ने छात्रा मंजू को थप्पड़ मारा, जिससे उसके कान में चोट लगी।
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एक दिसंबर को छात्रा मंजू बीएचयू स्थित सर सुंदर लाल अस्पताल के नाक, कान, गला रोग विभाग की ओपीडी में पहुंची और जांच के बाद बाएं कान के पर्दे में छेद होने की रिपोर्ट आई तो वह घबरा गई। उसी दिन छात्रा ने लंका थाने में तहरीर देकर चीफ प्रॉक्टर पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी।
लंका थानाध्यक्ष ने बताया कि छात्रा और चीफ प्रॉक्टर की तहरीर पर दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। विवेचना में सामने आए तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नहीं बनी बात तो छात्रों का विरोध मार्च
विरोध मार्च निकालते छात्र
- फोटो : amar ujala
बीएचयू में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह और छात्रों के बीच विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। केंद्रीय कार्यालय पर छात्रों का धरना जारी रहा तो नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को भी कक्षाओं का बहिष्कार किया।
शाम को बिरला छात्रावास चौराहे से लंका रविदास गेट तक विरोध मार्च निकालकर छात्रों ने कुलपति से तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस दौरान नारेबाजी भी की गई। विश्वविद्यालय में 29 नवंबर को नर्सिंग कॉलेज के सामने धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं की पिटाई के बाद से ही विरोध जारी है।
नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने चीफ प्रॉक्टर पर कार्रवाई होने तक कक्षाओं में न जाने का निर्णय लिया है, वहीं केंद्रीय कार्यालय पर धरने पर बैठे छात्र भी चीफ प्रॉक्टर को हटाए जाने तक धरना देने पर अडे़ हैं। मंगलवार को केंद्रीय कार्यालय पर छात्रों के धरने का वीडियो बना रही एक महिला डिप्टी चीफ प्रॉक्टर के साथ छात्रों की नोंकझोंक भी हुई।
दूसरी ओर, चीफ प्रॉक्टर की पिटाई के बाद जिस छात्रा के कान का पर्दा फटा, उसके साथ ही नर्सिंग की अन्य छात्राओं पर हॉस्टल से बाहर न निकलने और मामले में कुछ भी न बोलने का दबाव बनाने का आरोप भी लगाया गया है।
शाम को बिरला छात्रावास चौराहे से लंका रविदास गेट तक विरोध मार्च निकालकर छात्रों ने कुलपति से तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस दौरान नारेबाजी भी की गई। विश्वविद्यालय में 29 नवंबर को नर्सिंग कॉलेज के सामने धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं की पिटाई के बाद से ही विरोध जारी है।
नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने चीफ प्रॉक्टर पर कार्रवाई होने तक कक्षाओं में न जाने का निर्णय लिया है, वहीं केंद्रीय कार्यालय पर धरने पर बैठे छात्र भी चीफ प्रॉक्टर को हटाए जाने तक धरना देने पर अडे़ हैं। मंगलवार को केंद्रीय कार्यालय पर छात्रों के धरने का वीडियो बना रही एक महिला डिप्टी चीफ प्रॉक्टर के साथ छात्रों की नोंकझोंक भी हुई।
दूसरी ओर, चीफ प्रॉक्टर की पिटाई के बाद जिस छात्रा के कान का पर्दा फटा, उसके साथ ही नर्सिंग की अन्य छात्राओं पर हॉस्टल से बाहर न निकलने और मामले में कुछ भी न बोलने का दबाव बनाने का आरोप भी लगाया गया है।