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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Case of missing sisters in Varanasi No clue found NDRF divers continued to search for second day

वाराणसी में लापता बहनों का मामला:  नहीं लगा सुराग, दूसरे दिन भी एनडीआरएफ के गोताखोर तलाश में लगे रहे

Mon, 20 Dec 2021 10:43 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 20 Dec 2021 10:43 PM IST
सार

वाराणसी में अदलहाट थाना क्षेत्र के रैपुरिया घाट के समीप रविवार को हुए नाव हादसे में सोमवार की देर शाम 6.30 बजे तक टीम ने खोजने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी

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Case of missing sisters in Varanasi No clue found  NDRF divers continued to search for second day
demo pic - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

वाराणसी में अदलहाट थाना क्षेत्र के रैपुरिया घाट के समीप रविवार को नाव हादसे में गंगा नदी में तीन बच्चियां लापता हो गईं थीं। लापता आकांक्षा, साक्षी और शिवांगी दूसरे दिन सोमवार को भी नहीं मिल सकीं। मौके पर एसओ चितईपुर सहित सुबह छह बजे से एनडीआरएफ की टीमें मौजूद रहीं। घटनास्थल पर पानी में तेज बहाव के चलते चार नावों पर सवार एनडीआरएफ की दो टीमों के पांच गोताखोर और जल पुलिस को पता लगाने में परेशानी हो रही थी। देर शाम 6.30 बजे तक टीम ने खोजने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। मंगलवार की सुबह से फिर खोजबीन शुरू की जाएगी।

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सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस
टिकरी गांव के सामने रैपुरिया घाट से महज 100 मीटर के भीतर नाव हादसे में रविवार को तीन बच्चियां पानी में समा गईं। इसके बाद भी अदलहाट थाने की पुलिस घटनास्थल वाराणसी बताकर अपनी जान बचाते रहे। सोमवार की दोपहर सदर तहसील के नायब तहसीलदार योगेंद्र शरण साह और चुनार के नायब तहसीलदार मोटरबोट पर सवार होकर मौके पर पहुंचे। दोनों लोगों की मौजूदगी में घटनास्थल मिर्जापुर जिले में बताया गया। इसके बाद अदलहाट थाने की पुलिस शिकायती पत्र लेकर कार्रवाई में जुट गई। 
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विरोध की वजह से नाव से वापस लौटे सीओ चुनार
रैपुरिया घाट पर नाव हादसे के छह घंटे के बाद देर रात सीओ चुनार नाव से नदी में लापता बच्चियों के परिजनों से बात करने पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद परिजन सहित स्थानीय लोग सीओ चुनार को जिम्मेदार बताने लगे। सीओ की बातें सुनकर लोग आक्रोशित हो गए और उनका विरोध करने लगे। मौके पर मौजूद लंका व चितईपुर थाने की पुलिस ने बीच-बचाव किया। इसके बाद सीओ नाव से वापस लौट गए।

घरों में नहीं जले चूल्हे
आकांक्षा, साक्षी और शिवांगी की मौत के बाद दूसरे दिन सोमवार को भी टिकरी यादव बस्ती, मांझी बस्ती, हरिजन बस्ती सहित आसपास के घरों में चूल्हे नहीं जले। पिता नखड़ूू और बालकिशुन के साथ घर के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। घर की महिलाएं बच्चियों की आस में दरवाजे की चौखट पर बैठकर बेटियों के आने का इंतजार कर रही हैं। 

डोंगी में दो की जगह पांच को बैठाया
रैपुरिया घाट के सामने गंगा में नाव हादसे के दूसरे दिन मौके पर मौजूद कल्लू साहनी ने बताया कि उनका बेटा गोलू खेत में सब्जी की निराई कर रहा था। सुशीला के कहने पर खेत से जाने के लिए निकला। उनकी डोंगी सिर्फ मछली मारने के लिए दो लोगों के सवार होने के लिए बनी है। गोलू समेत पांच लोग सवार हो गए। उसके बाद हादसा हो गया
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