घोसी सांसद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती व युवक पर वाराणसी में मुकदमा
घोसी के बसपा सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने वाली युवती और सत्यम प्रकाश राय के खिलाफ जन्मतिथि में कूटरचित दस्तावेज के जरिये हेराफेरी के मामले में वाराणसी के कैंट थाने में मंगलवार को मुकदमा दर्ज किया गया। बसपा सांसद के भाई गाजीपुर के वीरपुर, भांवरकोल निवासी पवन कुमार सिंह के अधिवक्ता अनुज यादव की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश सीजेएम एसपी सिंह यादव की अदालत ने सोमवार को दी थी।
यह जानकारी सांसद के अधिवक्ता अनुज यादव ने अपनी चौकी पर आयोजित प्रेसवार्ता में दी। अधिवक्ता के साथ मुकदमा दर्ज कराने वाले सांसद के भाई पवन सिंह भी मौजूद रहे। अदालत के आदेश पर युवती और सत्यम के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471 व 120बी में कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़िता पर आरोप है कि यूपी कॉलेज के तत्कालीन अध्यक्ष अमृतेश के खिलाफ जब उसने 2015 में मुकदमा दर्ज कराया था, तब अपनी जन्मतिथि 10 मार्च 1997 बताकर खुद को बालिग बताया था। हनी ट्रैपिंग के जरिये अवैध धन प्राप्त करने के बाद वह बयान से मुकर गई।
2019 में जब उसने अतुल के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया, तब अपनी जन्मतिथि 10 जून 1997 दर्ज कराई। आरोप है कि नाजायज लाभ प्राप्त करने के आशय से कूटरचित प्रपत्र के आधार पर अपनी उम्र कहीं कम और कहीं अधिक हाईस्कूल के प्रमाणपत्र में दिखाई।
अदालत ने प्रपत्रों के अवलोकन के बाद कहा कि दोनों आरोपियों ने मिलकर गलत तथ्यों और कूटरचित हाईस्कूल अंकपत्र के आधार पर आवेदक पवन सिंह के भाई सांसद अतुल राय के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। यह भी स्पष्ट है कि पीड़िता ने पहले भी गलत प्रपत्र के आधार पर शिवपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपियों द्वारा संज्ञेय प्रकृति का अपराध किया जाना प्रकट होता है, जिसके संबंध में बिना मुकदमा दर्ज कर विवेचना के समुचित साक्ष्य संकलित किया जाना संभव नहीं है। ऐसे में प्रभारी निरीक्षक कैंट से मुकदमा दर्ज कर प्राथमिकी की प्रति अदालत में दाखिल करने का आदेश दिया था।