{"_id":"5982d9a84f1c1b45298b463b","slug":"ca-dwivedi-convert-black-money-into-white-for-rs-yadav","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आरएस यादव की ब्लैक मनी को व्हाइट करने में मददगार थे सीए द्विवेदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरएस यादव की ब्लैक मनी को व्हाइट करने में मददगार थे सीए द्विवेदी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 03 Aug 2017 01:37 PM IST
विज्ञापन
सीए द्विवेदी के घर पर ईडी की टीम ने मारा छापा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जेल में बंद आरएस यादव की ब्लैक मनी को व्हाइट करने में उनके सीए एसके द्विवेदी की भूमिका को जांच एजेंसियां बेहद अहम मान रही हैं। जांच एजेंसियों की मानें तो सीए के इशारे पर ही अलग-अलग संपत्तियों और कंपनियों में ब्लैक मनी खपाई गई। सीए की मदद से ही यादव ने चार बोगस कंपनियां बनाई थीं।
इनमें तीन कंपनियां पश्चिम बंगाल और एक कानपुर में रजिस्टर्ड है। कंपनियों के जरिए ही अरबों की काली कमाई को सफेद किया जाता था। इन कंपनियों में बेटे, बेटी, भाई, चालक और रिश्तेदारों के अलावा खुद द्विवेदी भी शेयर होल्डर हैं।
कंपनी का कारोबार भले ही वाराणसी में रहा हो लेकिन निदेशकगण आयकर रिटर्न पश्चिम बंगाल में भरते थे। रिटर्न के कागजात भी ईडी ने अपने कब्जे में लिए हैं। यादव की ऑरबिट विनमय प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, सुपीरियर निर्माण प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और क्रिस्टल अपार्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का पता चल सका है।
विज्ञापन
द्विवेदी ने कंपनी में आठ हजार शेयर खरीदे
ऑरबिट विनमय प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक यादव के बेटे अपूर्व यादव और महेंद्र प्रताप मौर्या हैं। 2006 में ये कंपनी शुरू हुई। आरएस के भाई ब्रह्मदेव यादव, प्रेमचंद यादव, बेटे अपूर्व यादव समेत 19 लोगों ने शेयर खरीदे है। एक शेयर की कीमत दस रुपये है।
ब्रह्मदेव ने 21750, प्र्रेमचंद ने 21750, अपूर्व ने 33750, गंगोत्री देवी ने 19000, बेटी पूनम यादव ने 18000, जेपीएन राज ने 18000, दुर्गा राज ने 15000, लभेश्वरी मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड ने 19000, प्रेमचंद यादव ने 20750, ब्रह्मदेव यादव ने 21250, द्विवेदी कसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने 8000, कृष्णा डीलर्स प्राइवेट लिमिटेड ने 10000, कुदरत मर्चेंट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 10000, मिलन टाई यूपी प्राइवेट लिमिटेड ने 10000, नंदन वनिजय प्राइवेट लिमिटेड ने 10000, आरएनजी ने 10000, ग्रोव सप्लायर्स ने 10000, ग्रांट सप्लायर्स ने 30000, ग्लेज कंस्ट्रक्शन ने 10000 और यूनिटी डिस्ट्रीब्यूटर्स ने 20000 शेयर खरीदे हैं। इस तरह कुल मिलाकर 336250 शेयरों की खरीदे गए।
विज्ञापन
इनमें तीन कंपनियां पश्चिम बंगाल और एक कानपुर में रजिस्टर्ड है। कंपनियों के जरिए ही अरबों की काली कमाई को सफेद किया जाता था। इन कंपनियों में बेटे, बेटी, भाई, चालक और रिश्तेदारों के अलावा खुद द्विवेदी भी शेयर होल्डर हैं।
विज्ञापन
कंपनी का कारोबार भले ही वाराणसी में रहा हो लेकिन निदेशकगण आयकर रिटर्न पश्चिम बंगाल में भरते थे। रिटर्न के कागजात भी ईडी ने अपने कब्जे में लिए हैं। यादव की ऑरबिट विनमय प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, सुपीरियर निर्माण प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और क्रिस्टल अपार्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का पता चल सका है।
विज्ञापन
द्विवेदी ने कंपनी में आठ हजार शेयर खरीदे
ऑरबिट विनमय प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक यादव के बेटे अपूर्व यादव और महेंद्र प्रताप मौर्या हैं। 2006 में ये कंपनी शुरू हुई। आरएस के भाई ब्रह्मदेव यादव, प्रेमचंद यादव, बेटे अपूर्व यादव समेत 19 लोगों ने शेयर खरीदे है। एक शेयर की कीमत दस रुपये है।
ब्रह्मदेव ने 21750, प्र्रेमचंद ने 21750, अपूर्व ने 33750, गंगोत्री देवी ने 19000, बेटी पूनम यादव ने 18000, जेपीएन राज ने 18000, दुर्गा राज ने 15000, लभेश्वरी मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड ने 19000, प्रेमचंद यादव ने 20750, ब्रह्मदेव यादव ने 21250, द्विवेदी कसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने 8000, कृष्णा डीलर्स प्राइवेट लिमिटेड ने 10000, कुदरत मर्चेंट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 10000, मिलन टाई यूपी प्राइवेट लिमिटेड ने 10000, नंदन वनिजय प्राइवेट लिमिटेड ने 10000, आरएनजी ने 10000, ग्रोव सप्लायर्स ने 10000, ग्रांट सप्लायर्स ने 30000, ग्लेज कंस्ट्रक्शन ने 10000 और यूनिटी डिस्ट्रीब्यूटर्स ने 20000 शेयर खरीदे हैं। इस तरह कुल मिलाकर 336250 शेयरों की खरीदे गए।
आरएस यादव की बोगस कंपनियां
अदालत में पेश किये जाने के दौरान आरएस यादव
- फोटो : अमर उजाला
एक
तीन करोड़ से शुरू सुपीरियर निर्माण प्राइवेट लिमिटेड कंपनी 14 दिसंबर, 2009 को कोलकाता में रजिस्टर्ड की गई। आरएस यादव के भाई ब्रह्मदेव यादव और प्रेमचंद इसके निदेशक बनाए गए। यादव के बेटे अपूर्व यादव ने एक अक्तूबर, 2013 को निदेशक के रुप में कंपनी ज्वाइन की। कंपनी का आधिकारिक पता 498/एच/1, रबिंद्र सरानी 8, श्यामपुकु र, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) है।
दो
ऑरबिट विनमय प्राइवेट लिमिटेड कंपनी 25 जनवरी, 2006 को शुरू की गई थी। तीन करोड़ 60 लाख रुपये की लागत ने खड़ी की गई कंपनी के निदेशक आरएस यादव के बेटे अपूर्व यादव और चालक महेंद्र मौर्या को बनाया गया। ये कंपनी भी कानपुर के पते पर रजिस्टर्ड है। कंपनी का आधिकारिक पता 13, खुदीराम बोस सरानी, द्वितीय तल, कमरा नंबर 204 ए, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) है।
तीन
क्रिस्टल अपार्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी 19 दिसंबर, 2011 को शुरू हुई। करीब एक करोड़ की कंपनी का आधिकारिक दफ्तर रामापुरा लक्सा, वाराणसी में दिखाया गया है। यादव के बेटे अपूर्व यादव, बेटी रिचा यादव, सुनील धानुका, दिलीप कुमार, बिनोद कुमार कंपनी के निदेशक बनाए गए हैं। रिचा यादव और अपूर्व ने एक फरवरी, 2017 ने कंपनी ज्चाइन की थी। बाकी तीन ने 2011 में कंपनी ज्वइन की।
तीन करोड़ से शुरू सुपीरियर निर्माण प्राइवेट लिमिटेड कंपनी 14 दिसंबर, 2009 को कोलकाता में रजिस्टर्ड की गई। आरएस यादव के भाई ब्रह्मदेव यादव और प्रेमचंद इसके निदेशक बनाए गए। यादव के बेटे अपूर्व यादव ने एक अक्तूबर, 2013 को निदेशक के रुप में कंपनी ज्वाइन की। कंपनी का आधिकारिक पता 498/एच/1, रबिंद्र सरानी 8, श्यामपुकु र, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) है।
दो
ऑरबिट विनमय प्राइवेट लिमिटेड कंपनी 25 जनवरी, 2006 को शुरू की गई थी। तीन करोड़ 60 लाख रुपये की लागत ने खड़ी की गई कंपनी के निदेशक आरएस यादव के बेटे अपूर्व यादव और चालक महेंद्र मौर्या को बनाया गया। ये कंपनी भी कानपुर के पते पर रजिस्टर्ड है। कंपनी का आधिकारिक पता 13, खुदीराम बोस सरानी, द्वितीय तल, कमरा नंबर 204 ए, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) है।
तीन
क्रिस्टल अपार्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी 19 दिसंबर, 2011 को शुरू हुई। करीब एक करोड़ की कंपनी का आधिकारिक दफ्तर रामापुरा लक्सा, वाराणसी में दिखाया गया है। यादव के बेटे अपूर्व यादव, बेटी रिचा यादव, सुनील धानुका, दिलीप कुमार, बिनोद कुमार कंपनी के निदेशक बनाए गए हैं। रिचा यादव और अपूर्व ने एक फरवरी, 2017 ने कंपनी ज्चाइन की थी। बाकी तीन ने 2011 में कंपनी ज्वइन की।