{"_id":"69a0aa1643d0420cce0d5bb0","slug":"budget-increased-sewer-problem-of-old-18-wards-will-be-solved-varanasi-news-c-20-vns1056-1304669-2026-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: बजट बढ़ा, पुराने 18 वार्डों की सीवर समस्या होगी दूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: बजट बढ़ा, पुराने 18 वार्डों की सीवर समस्या होगी दूर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। नगर निगम की कार्यकारिणी ने इस बार 2533.33 करोड़ रुपये का बजट पास किया है। इसे आगामी सदन की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा और सदन की मंजूरी के बाद यह प्रभावी माना जाएगा। इस बजट में विशेष रूप से सड़क, सीवर और जल संरक्षण पर जोर दिया गया है।
सड़क को माॅडल बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क सुधार और विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। जल संरक्षण के लिए 10 करोड़ रुपये और सीवर सफाई के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बजट का सबसे बड़ा लाभ पुराने वार्डों के लोगों को मिलेगा। घाटों के किनारे और पुराने वार्डों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या दूर होगी। कार्य ट्रेंचलेस विधि से कराया जाएगा। पहले चरण में 18 पुराने वार्डों में 823 करोड़ रुपये की लागत से नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य होगा। इससे पुराने वार्डों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या से मुक्ति मिलने की उम्मीद है।
शहर की जलनिकासी के लिए अब भी लगभग 200 वर्ष पुराने ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम (शाही नाले) पर निर्भर है। पुराने मोहल्लों में अंग्रेजों के जमाने की सीवर पाइपलाइन के कारण जाम और ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है। खास तौर पर गंगा घाटों के किनारे के मोहल्लों में अक्सर सीवर जाम रहता है। इसे देखते हुए नगर निगम ने इन 18 वार्डों में सीवर पाइपलाइन बदलने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
बजट में मदवार आंकड़े (करोड़ रुपये में)
सफाई : 180
सड़क : 90
करसड़ा कूड़ा निस्तारण प्लांट : 80
एसटीपी मरम्मत : 30
जल संरक्षण : 10
विज्ञापन
सड़क को माॅडल बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क सुधार और विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। जल संरक्षण के लिए 10 करोड़ रुपये और सीवर सफाई के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बजट का सबसे बड़ा लाभ पुराने वार्डों के लोगों को मिलेगा। घाटों के किनारे और पुराने वार्डों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या दूर होगी। कार्य ट्रेंचलेस विधि से कराया जाएगा। पहले चरण में 18 पुराने वार्डों में 823 करोड़ रुपये की लागत से नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य होगा। इससे पुराने वार्डों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या से मुक्ति मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
शहर की जलनिकासी के लिए अब भी लगभग 200 वर्ष पुराने ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम (शाही नाले) पर निर्भर है। पुराने मोहल्लों में अंग्रेजों के जमाने की सीवर पाइपलाइन के कारण जाम और ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है। खास तौर पर गंगा घाटों के किनारे के मोहल्लों में अक्सर सीवर जाम रहता है। इसे देखते हुए नगर निगम ने इन 18 वार्डों में सीवर पाइपलाइन बदलने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
बजट में मदवार आंकड़े (करोड़ रुपये में)
सफाई : 180
सड़क : 90
करसड़ा कूड़ा निस्तारण प्लांट : 80
एसटीपी मरम्मत : 30
जल संरक्षण : 10