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वाराणसी में बसपा नेता सहित आठ के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 03 Nov 2017 10:47 AM IST
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- फोटो : demo
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ट्रस्ट और विद्यालय की जमीन पर फर्जी तरीके से कब्जा करने के आरोप में तिलमापुर निवासी बसपा नेता चंद्रकुमार मिश्र उर्फ गुड्डू महाराज सहित आठ लोगोें के खिलाफ धोखाधड़ी, लूट, बलवा सहित अन्य आरोपों में चौबेपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई बुधवार की रात गाजीपुर के सिधौना निवासी विजय भारती की बेटी वैशाली भारती की तहरीर पर की गई है।
चौबेपुर थाने पहुंची वैशाली ने बताया कि बहादुरपुर में मेरे दादा फूलचंद भारती ने 16 जुलाई, 2012 को ट्रस्ट के माध्यम से डॉ. अमृत लाल इशरत मेमोरियल सनबीम के अध्यक्ष से स्कूल खोलने की बातचीत की थी। पांच अगस्त, 2014 को बहादुरपुर में डालिम्स सनबीम स्कूल खोला गया। फूलचंद भारती की मौत के बाद वैशाली को मुख्य ट्रस्टी बनाया गया।
वैशाली ने बताया कि इसके बाद वह शादी होने के कारण पारिवारिक जिम्मेदारियों में व्यस्त हो गईं तो उन्होंने वर्ष 2014 से 2016 तक किराये पर स्कूल संचालित करने का जिम्मा चंद्र कुमार मिश्र को दे दिया।
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इसी दौरान चंद्र कुमार मिश्र ने आलमारी तोड़ कर कागजात निकाले और कागजात पर फर्जी हस्ताक्षर कर विद्यालय और ट्रस्ट अपने कब्जे में ले लिया। दो वर्ष पूरे होने पर जब वे स्कूल गईं और संचालन का जिम्मा सौंपने को कहा तो चंद्र कुमार मिश्र ने अभद्रता करते हुए भगा दिया।
वैशाली की तहरीर पर सीओ पिंडरा के आदेश से चंद्र कुमार मिश्र, अलका मिश्रा, ऋचा मिश्रा, रजत, आशुतोष मिश्र और इंद्र कुमार मिश्र सहित आठ के खिलाफ चौबेपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
उधर, शहर दक्षिणी विधानसभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके चंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि वे ही मुख्य ट्रस्टी हैं और विद्यालय वही चला रहे हैं। सारे आरोप निराधार हैं। मैंने 50 लाख रुपये वैशाली के पिता विजय भारती को दिए थे। रुपये न देने पर मुकदमा दर्ज कराया तो विजय जेल चला गया। अब गलत आरोप लगाकर मुझे बेवजह परेशान किया जा रहा है।
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चौबेपुर थाने पहुंची वैशाली ने बताया कि बहादुरपुर में मेरे दादा फूलचंद भारती ने 16 जुलाई, 2012 को ट्रस्ट के माध्यम से डॉ. अमृत लाल इशरत मेमोरियल सनबीम के अध्यक्ष से स्कूल खोलने की बातचीत की थी। पांच अगस्त, 2014 को बहादुरपुर में डालिम्स सनबीम स्कूल खोला गया। फूलचंद भारती की मौत के बाद वैशाली को मुख्य ट्रस्टी बनाया गया।
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वैशाली ने बताया कि इसके बाद वह शादी होने के कारण पारिवारिक जिम्मेदारियों में व्यस्त हो गईं तो उन्होंने वर्ष 2014 से 2016 तक किराये पर स्कूल संचालित करने का जिम्मा चंद्र कुमार मिश्र को दे दिया।
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इसी दौरान चंद्र कुमार मिश्र ने आलमारी तोड़ कर कागजात निकाले और कागजात पर फर्जी हस्ताक्षर कर विद्यालय और ट्रस्ट अपने कब्जे में ले लिया। दो वर्ष पूरे होने पर जब वे स्कूल गईं और संचालन का जिम्मा सौंपने को कहा तो चंद्र कुमार मिश्र ने अभद्रता करते हुए भगा दिया।
वैशाली की तहरीर पर सीओ पिंडरा के आदेश से चंद्र कुमार मिश्र, अलका मिश्रा, ऋचा मिश्रा, रजत, आशुतोष मिश्र और इंद्र कुमार मिश्र सहित आठ के खिलाफ चौबेपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
उधर, शहर दक्षिणी विधानसभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके चंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि वे ही मुख्य ट्रस्टी हैं और विद्यालय वही चला रहे हैं। सारे आरोप निराधार हैं। मैंने 50 लाख रुपये वैशाली के पिता विजय भारती को दिए थे। रुपये न देने पर मुकदमा दर्ज कराया तो विजय जेल चला गया। अब गलत आरोप लगाकर मुझे बेवजह परेशान किया जा रहा है।