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समाज का अग्रणी और मार्गदर्शक रहा है ब्राह्मण
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प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि ब्राह्मण सदैव से समाज का अग्रणी और मार्गदर्शक रहा है और आगे भी रहेगा। इस बात को समझने की आवश्यकता है। भारत ही नहीं विश्व पटल पर ब्राह्मण हमेशा से समाज का पथ प्रदर्शक रहा है। वर्तमान में प्रशासनिक विज्ञान, तकनीकी, चिकित्सा, न्याय, ज्योतिष, योग के क्षेत्र में ब्राह्मण अभी भी पूरे विश्व में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा के बल पर अग्रणी भूमिका निर्वाह कर रहा है। इसलिए हमें किसी भी तरह की हीन भावना से दूर रहना होगा।
सोमवार को पराड़कर भवन में भगवान परशुराम के जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर विश्व ब्राह्मण परिसंघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयुष मंत्री ने कहा कि ब्राह्मण समाज की मेघा का परिणाम है जो लोग ब्राह्मण समाज को अपशब्द बोलकर नारे लगाते थे, वही बाद में तिलक लगाकर सम्मानित करने को विवश हुए। ध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित राधे मोहन त्रिपाठी ने ब्राह्मणों को छोटे-छोटे मतभेदों को भुलाकर एक होने का आह्वान किया। विश्व ब्राह्मण परिसंघ के अध्यक्ष प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी ने संगठन को मजबूत करने की अपील की। विशिष्ट अतिथि डॉ. अत्री भारद्वाज ने कहा की ब्राह्मण की मेघा को समझ पाना सबके बस की बात नहीं है। इस दौरान विद्यासागर पांडेय, पं. दिवाकर द्विवेदी, सतीश चंद्र मिश्र, प्रो. राघवेंद्र द्विवेदी, अमरनाथ चौबे, चंद्रशेखर मिश्रा, आलोक पंड्या, प्रो. पद्मनाथ द्विवेदी, अजयप्रकाश दुबे, अजय कुमार उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को पराड़कर भवन में भगवान परशुराम के जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर विश्व ब्राह्मण परिसंघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयुष मंत्री ने कहा कि ब्राह्मण समाज की मेघा का परिणाम है जो लोग ब्राह्मण समाज को अपशब्द बोलकर नारे लगाते थे, वही बाद में तिलक लगाकर सम्मानित करने को विवश हुए। ध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित राधे मोहन त्रिपाठी ने ब्राह्मणों को छोटे-छोटे मतभेदों को भुलाकर एक होने का आह्वान किया। विश्व ब्राह्मण परिसंघ के अध्यक्ष प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी ने संगठन को मजबूत करने की अपील की। विशिष्ट अतिथि डॉ. अत्री भारद्वाज ने कहा की ब्राह्मण की मेघा को समझ पाना सबके बस की बात नहीं है। इस दौरान विद्यासागर पांडेय, पं. दिवाकर द्विवेदी, सतीश चंद्र मिश्र, प्रो. राघवेंद्र द्विवेदी, अमरनाथ चौबे, चंद्रशेखर मिश्रा, आलोक पंड्या, प्रो. पद्मनाथ द्विवेदी, अजयप्रकाश दुबे, अजय कुमार उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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