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बोन मैरो ट्रांसप्लांट सुविधा जल्द
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 17 Mar 2017 02:03 AM IST
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लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बीएचयू में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने की उम्मीद है। बीएचयू के स्थापना स्थल पर बन रहे बोन मैरो ट्रांसप्लांट एंड स्टेम सेल रिसर्च सेंटर के भवन निर्माण का काम लगभग पूरा होने को है। उम्मीद है कि मार्च के अंत तक केंद्रीय लोक निर्माण विभाग नवनिर्मित भवन को विश्वविद्यालय को हैंड ओवर कर दे। भवन हैंडओवर होने के बाद ही इसके आगे की प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जाएंगी। हालांकि औपचारिकताओं को पूरा करने में पांच से छह माह लगेगा। चिकित्सा विज्ञान संस्थान इसे जल्द शुरू कराने की कोशिश में लगा हुआ है।
जनवरी, 2013 में बीएचयू में स्थापना स्थल के पास बोन मैरो ट्रांसप्लांट एंड स्टेम सेल रिसर्च सेंटर की आधारशिला रखी गई थी। ताकि यहां न सिर्फ बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा पूर्वांचल के मरीजों को मिल सके बल्कि स्टेम सेल से जुड़ी बीमारियों पर अंतरविषयी शोध की सहूलियत विद्यार्थियों को मिले। इस रिसर्च सेंटर के भवन निर्माण में तकरीबन 35 करोड़ रुपये की लागत आई है। वहीं, 40 करोड़ रुपये अत्याधुनिक उपकरण के लिए खर्च होने हैं।
आईएमएस निदेशक प्रो. वीके शुक्ला ने बताया कि उम्मीद है कि इस माह के आखिर तक बिल्डिंग हमें हैंड ओवर कर दी जाएगी। इसके बाद ही उपकरणों के खरीद की प्रक्रिया शुरू होगी। फैकल्टी और स्टाफ की भर्तियां भी इसके बाद शुरू कराई जाएंगी। पावर बैकअप के लिए सब स्टेशन बनाने की प्रक्रिया चल रही है। हम अगले छह माह में सेंटर शुरू कराने की पूरी कोशिश में हैं।
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जनवरी, 2013 में बीएचयू में स्थापना स्थल के पास बोन मैरो ट्रांसप्लांट एंड स्टेम सेल रिसर्च सेंटर की आधारशिला रखी गई थी। ताकि यहां न सिर्फ बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा पूर्वांचल के मरीजों को मिल सके बल्कि स्टेम सेल से जुड़ी बीमारियों पर अंतरविषयी शोध की सहूलियत विद्यार्थियों को मिले। इस रिसर्च सेंटर के भवन निर्माण में तकरीबन 35 करोड़ रुपये की लागत आई है। वहीं, 40 करोड़ रुपये अत्याधुनिक उपकरण के लिए खर्च होने हैं।
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आईएमएस निदेशक प्रो. वीके शुक्ला ने बताया कि उम्मीद है कि इस माह के आखिर तक बिल्डिंग हमें हैंड ओवर कर दी जाएगी। इसके बाद ही उपकरणों के खरीद की प्रक्रिया शुरू होगी। फैकल्टी और स्टाफ की भर्तियां भी इसके बाद शुरू कराई जाएंगी। पावर बैकअप के लिए सब स्टेशन बनाने की प्रक्रिया चल रही है। हम अगले छह माह में सेंटर शुरू कराने की पूरी कोशिश में हैं।
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