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सारनाथ: कठिन चीवर दान आयोजन में 12 देशों के अनुयाई हुए शामिल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 25 Nov 2018 07:49 PM IST
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सारनाथ स्थित मूलगंध कुटी विहार के श्रीलंकन मंदिर परिसर में आज दूसरे दिन कठिन चीवर दान का कार्यक्रम संपन्न हुआ। गुरुवार के इस आयोजन में श्रीलंका सहित लगभग 12 देशों से बौद्ध अनुयाई आए और अपने यहां का व्यंजन बनाकर बौद्ध भिक्षु को दान किए। पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे शाम को दीपदान किया गया और बोधी पूजा की गई। इसके बाद 28 बौद्ध मूर्तियों को पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे रखकर विशेष पूजन किया गया। पूरा मूलगंध कुटी विहार परिसर व मंदिर विद्युत रंग बिरंगी झालरों से सजाया गया है।
श्रीलंका तथा विभिन्न बौद्ध देशों से आए अनुयाई बौद्ध भिक्षुओं को सर्वप्रथम भोजन दान दिए, तदुपरांत जब बौद्ध भिक्षु भोजन ग्रहण कर लिए उसके बाद कठिन चीवरदान दिया गया। कठिन चीवरदान बौद्ध मठ में एक बहुत ही कठिन पूजा प्रक्रिया है। जिसमें बौद्ध अनुयाई रात भर पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे बैठकर मंत्र उच्चारण व धम्म सूत्र पाठ से पूरा करते हैं और उस के दूसरे दिन उसे बौद्ध भिक्षुओं को चीवर( विशेष परिधान जो बौद्ध भिक्षु पहनते हैं) दान में दिया जाता है।
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श्रीलंका तथा विभिन्न बौद्ध देशों से आए अनुयाई बौद्ध भिक्षुओं को सर्वप्रथम भोजन दान दिए, तदुपरांत जब बौद्ध भिक्षु भोजन ग्रहण कर लिए उसके बाद कठिन चीवरदान दिया गया। कठिन चीवरदान बौद्ध मठ में एक बहुत ही कठिन पूजा प्रक्रिया है। जिसमें बौद्ध अनुयाई रात भर पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे बैठकर मंत्र उच्चारण व धम्म सूत्र पाठ से पूरा करते हैं और उस के दूसरे दिन उसे बौद्ध भिक्षुओं को चीवर( विशेष परिधान जो बौद्ध भिक्षु पहनते हैं) दान में दिया जाता है।
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