वाराणसी में ब्लैक स्पॉट: विश्वसुंदरी पुल-टेंगरा मोड़ सबसे खतरनाक, यहां छह महीने में 37 हादसे, 30 की गई जान
सड़क पर जिस जगह बार-बार हादसे होते हैं, उन्हें ब्लैक स्पॉट कहा जाता है। वाराणसी जिले में आठ ब्लैक स्पॉट बनाए गए हैं। इसमें विश्वसुंदरी पुल-टेंगरा मोड़ सबसे खतरनाक है।
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वाराणसी जिले में आठ ब्लैक स्पॉट बनाए गए हैं। इसमें विश्वसुंदरी पुल-टेंगरा मोड़ सबसे खतरनाक है। अप्रैल 2023 से लेकर अब तक यहां 37 हादसे हो चुके हैं। 30 लोगों की मौत हुई है। इसी तरह गिलट बाजार-शिवपुर तरना मोड़ जिले का ऐसा ब्लैक स्पॉट है, जहां सबसे अधिक 28 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।
ब्लैक स्पॉट सर्वाधिक दुर्घटना वाले क्षेत्र होते हैं। सूजाबाद से रामनगर, हरहुआ बाजार, मोहनसराय बाईपास पर सर्वाधिक हादसे हुए हैं। इन सभी स्थानों पर मरने वालों की संख्या भी अधिक है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के सभी ब्लैक स्पॉट के पास साइनेज, लाल पट्टियां, आवश्यकता के अनुसार स्पीड ब्रेकर भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद क्षेत्र ब्लैक स्पॉट की सूची से बाहर नहीं आ सके।
ब्लैक स्पॉट घोषित करने की प्रक्रिया
सड़क पर जिस जगह बार-बार हादसे होते हैं, उन्हें ब्लैक स्पॉट कहा जाता है। सड़क, हाईवे, एक्सप्रेस वे पर अगर एक ही जगह तीन साल में पांच सड़क हादसे हो जाएं तो पुलिस-प्रशासन ब्लैक स्पॉट घोषित कर सकता है। किसी स्थान पर तीन साल में दस मौत हो जाए तो उसे ब्लैक स्पॉट घोषित कर दिया जाता है। हादसे के आसपास का 500 मीटर का एरिया इस दायरे में आता है।
आई रेड एप पर होता है पूरा डाटा
आई रेड (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटा) एप के पोर्टल पर हादसे का शिकार होने वालों की पूरी जानकारी डाली जाती है। इससे हादसे का मुख्य कारण का पता चल पाता है। साथ ही स्थान का चयन करने में आसानी होती है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने कहा कि सभी ब्लैक स्पॉट पर सड़क के नियमों और सावधानियों के साइनेज लगाए जाएंगे। इसमें कुछ सड़कों पर चौड़ीकरण का काम हो रहा है। सड़क चौड़ीकरण के बाद ब्लैक स्पॉट की संख्या में कमी आएगी।
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जिले के आठों ब्लैक स्पॉट
- हरहुआ बाजार
- गिलट बाजार से तरना
- विश्वसुंदरी पुल से टेंगरा मोड़
- मोहनसराय बाइपास
- अमरा अखरी बाइपास
- धमरी पुल
- चिलबिला
- सूजाबाद से रामनगर