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सारनाथ के मिनी जू में हृदय गति रुकने से काले हिरन की मौत
Mon, 15 Feb 2021 11:37 PM IST
हरि User
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: हरि User
Updated Mon, 15 Feb 2021 11:37 PM IST
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हिरन की फाइल फोटो।
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वाराणसी स्थित सारनाथ के मिनी में जू में रखे गए एक काले हिरन की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। वह पिछले डेढ़ साल पहले सारनाथ के मिनी जू में लाया गया था। अब चिड़ियाघर में एक की मौत के बाद सिर्फ पांच हिरन बचे हैं। इसके अलावा 120 चीतल की प्रजाति के भूरे रंग के हिरन हैं।
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प्रभागीय वनाधिकारी महावीर कौजलगी ने बताया कि सारनाथ के मिनी जू में डेढ़ साल पहले काले हिरन को लाया गया था। उसकी रविवार को अचानक मौत हो गई। जांच के लिए चिरईगांव ब्लॉक के पशुचिकित्सक को सूचित किया गया। उधर, पशुचिकित्सक डॉ. रामधार चौधरी ने बताया कि हिरन की मौत कार्डिएक अरेस्ट (हृदय गति रुकने) के कारण हो गई थी। उसकी उम्र लगभग 14 वर्ष पूरी हो चुकी थी। अमूमन काले हिरन की उम्र 14 से 15 वर्ष तक होती है। हालांकि जो जंगल में होते है उनकी उम्र 16 वर्ष तक होती है।
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मुन्ना नाम से पुकारते थे वनकर्मी
जू के कर्मचारियों ने बताया कि काले हिरन को मुन्ना नाम से पुकारते थे, मुन्ना अपने हिरन के समूह में सबसे बलवान व दबंग किस्म का था। मुन्ना की दबंगई के कारण उसे अलग बाड़े में रखा गया था।