भाजपा का मिशन-2027: 133 विधानसभा सीटों के प्रभारियों का प्रशिक्षण वर्ग आज से, संगठन मजबूत करने पर जोर
काशी की 71 और गोरक्ष क्षेत्र की 62 विधानसभा सीटों के पदाधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग आज से शुरू होगा। बीएल संतोष, विनोद तावड़े और धर्मपाल सिंह के मार्गदर्शन में छह सत्रों का आयोजन होगा। बूथ प्रबंधन से लेकर विधानसभा स्तर पर संगठन की सक्रियता पर जोर रहेगा।
विस्तार
उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से करीब एक-तिहाई सीटों की संगठनात्मक मशीनरी आज काशी में जुटेगी। भाजपा ने मिशन-2027 की तैयारियों के बीच काशी और गोरक्ष क्षेत्र की 133 विधानसभा सीटों के प्रभारी और विस्तारकों को एक मंच पर लाने की तैयारी की है। नरिया स्थित चौधरी शोध संस्थान में बुधवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में 266 प्रभारी-विस्तारक शामिल होंगे।
राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह की मौजूदगी में होने वाली इस प्रशिक्षण कार्यशाला में विधानसभा स्तर पर संगठन की भूमिका, बूथ प्रबंधन और चुनावी तैयारियों को लेकर मार्गदर्शन दिया जाएगा। खास बात यह है कि इसमें दो क्षेत्रों की संगठनात्मक टीम एक साथ प्रशिक्षण लेगी।
भाजपा की इस कार्यशाला का दायरा पूर्वांचल के बड़े हिस्से में फैले दो संगठनात्मक क्षेत्रों तक है। काशी क्षेत्र की 71 विधानसभा सीटों के 142 और गोरक्ष क्षेत्र की 62 सीटों के 124 प्रभारी-विस्तारक इसमें शामिल होंगे। इस तरह प्रदेश की कुल 403 विधानसभा सीटों में से 133 सीटों की संगठनात्मक जिम्मेदारी संभालने वाले पदाधिकारी एक साथ प्रशिक्षण लेंगे।
विधानसभा प्रभारी और विस्तारक पार्टी की संगठनात्मक रणनीति को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम कड़ी माने जाते हैं। इनकी जिम्मेदारी सिर्फ संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि बूथों की सक्रियता, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और मतदाताओं तक पहुंच बनाने जैसे काम भी इससे जुड़े होते हैं। ऐसे में दोनों क्षेत्रों के पदाधिकारियों को एक साथ जुटाने के पीछे विधानसभा स्तर पर कामकाज में समन्वय बढ़ाने और संगठन की तैयारियों को व्यवस्थित करने का महत्व है।
बूथ से विधानसभा तक संगठन की सक्रियता पर नजर
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के सामने संगठन की सक्रियता को लगातार बनाए रखने और उसे चुनावी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की चुनौती है। कार्यशाला में बूथ प्रबंधन, कार्यकर्ताओं की भूमिका, मतदाता संपर्क और विधानसभा स्तर पर संगठनात्मक जिम्मेदारियों के निर्वहन जैसे विषयों पर मार्गदर्शन मिलने की संभावना है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के बीच बूथ स्तर पर संगठन की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। मतदाता सूची से जुड़े कार्यों और संगठनात्मक गतिविधियों के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि, कार्यशाला के सभी सत्रों का विस्तृत एजेंडा सार्वजनिक रूप से पुष्ट नहीं है।
कार्यशाला में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह मार्गदर्शन करेंगे। संगठन के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेतृत्व की मौजूदगी में विधानसभा स्तर के पदाधिकारियों को पार्टी की कार्यपद्धति और आगामी चुनाव की तैयारियों के अनुरूप काम करने की दिशा दी जाएगी। दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में छह सत्र प्रस्तावित हैं। इनमें संगठनात्मक कार्यों की प्राथमिकताओं, विधानसभा स्तर पर जिम्मेदारियों और चुनावी तैयारियों से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। संबंधित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भी प्रस्तावित है।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं। इनमें काशी और गोरक्ष क्षेत्र की 133 सीटें शामिल हैं, जो कुल सीटों का करीब 33 प्रतिशत हैं। इन दोनों क्षेत्रों के प्रभारी-विस्तारकों को एक साथ प्रशिक्षण देने से पार्टी नेतृत्व को संगठनात्मक अनुभवों के आदान-प्रदान और क्षेत्रीय स्तर पर कामकाज में समन्वय का अवसर मिलेगा। कार्यशाला का समापन 15 अक्तूबर को होगा। मिशन-2027 से पहले विधानसभा स्तर के पदाधिकारियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की यह कवायद भाजपा की संगठनात्मक तैयारियों को गति देने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।