काशी मां अन्नपूर्णा की नगरी, यहां कोई भूखा नहीं सोता, सरकार को है सबकी चिंता: राज्यमंत्री
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कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन में प्रदेश सरकार की ओर से की जा रही सहायता और कार्रवाई पर स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने विस्तार से जानकारी दी। सोमवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान गैर-भाजपा पार्षदों के वार्ड में हो रही अनियमितता को सिरे से खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि विपक्षियों का काम है विरोध करना, वह करेंगे, मगर सरकार को सबकी चिंता है और हम अपनी जनता की सेवा में लगे हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। वहां जो भी शिकायतें आ रही हैं, उसका जल्द समाधान किया जा रहा है।
राज्यमंत्री रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि काशी मां अन्नपूर्णा की नगरी है, यहां कोई भूखा नहीं सोता है। इसी आधार पर सरकार भी अलग-अलग योजनाएं बनाकर जरूरतमंदों में खाद्यान्न से लेकर पैसे तक बांट रही है। राज्यमंत्री ने बताया कि राशनकार्ड धारकों को उनके राशन के साथ एक माह का राशन फ्री दिया गया है।
इसके साथ ही कुछ लोगों की शिकायतें आईं कि जिनके पास राशनकार्ड नहीं है, उन्हें कैसे राशन मिलेगा। इसको संज्ञान में लेते हुए शहर से लेकर गांवों तक लेखपाल, प्रधान व पार्षदों के मध्यम से बिना राशनकार्ड वाले 44553 लोगों को चिह्नित कर उनको राशन दिया गया।
साथ ही जो मजदूर वर्ग के लोग हैं, उनका अकाउंट नंबर और आधार मंगवाकर 21,000 लोगों के अकाउंट में 1000 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही अब तक जिन लोगों के पास रहने को मकान और भोजन बनाने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे 81 लाख 969 लोगों में पका हुआ भोजन दिया जा रहा है। बाहर से आकर फंसे लोगों लोगों के रहने और खाने की व्यवस्था की गई है।