फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   bio-toilets will be installed in locomotives of railway train engine from new year in varanasi

नए साल से ही रेल मालगाड़ी के इंजनों में लगाया जाएगा बायो टॉयलेट, ड्राइवर की खत्म होंगी परेशानियां

Sat, 02 Jan 2021 01:20 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 02 Jan 2021 01:20 PM IST
विज्ञापन
bio-toilets will be installed in locomotives of railway train engine from new year in varanasi
बनारस रेलइंजन कारखाना की महाप्रबंधक अंजली गोयल। - फोटो : अमर उजाला

नए साल से रेलवे के विद्युत मालवाहन इंजन में ड्राइवर की सुविधाएं बढ़ जाएंगी। विद्युत रेल इजनों में बायो टॉयलेट लगाने की तैयारी है। बनारस रेलइंजन कारखाना ने इस दिशा में कार्य करना शुरू कर दिया है। नए वित्तीय वर्ष 2021-22 से सभी उत्पादित सभी विद्युत इंजनों में (वाटर क्लोजेट) बायोटॉयलेट लगाया जाएगा।

विज्ञापन

इसके टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं जितने इंजन निकल चुके हैं, उनमें शेड के जरिए कार्य किया जाएगा। यह बातें बनारस रेलइंजन कारखाना की महाप्रबंधक अंजली गोयल ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहीं।
विज्ञापन


 
बरेका की उपलब्धियों को रखते हुए महाप्रबंधक ने कहा कि मालवाहन ट्रेनों में गार्ड और ब्रेकवान को हटाया जा रहा है। बहुत ही कम लागत से रेडियो टेलीमेट्री उपकरण का उपयोग किया जा रहा है। जिससे रेल इंजन ड्राइवर व अंतिम वैगन के बीच संचार स्थापित हो जाएगा और यह सुनिश्चित होगा कि ट्रेन संपूर्ण कोच-वैगन के साथ चल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

महाप्रबंधक ने बताया कि 31 दिसंबर 2020 तक बरेका ने 200 विद्युत रेलइंजन का निर्माण किया। यह उत्पादन रिकॉर्ड कोविड-19 के सभी प्रोटोकाल को पूरा करते हुए हासिल किया गया। अप्रैल 2020 में उत्पादन शून्य था और मई में मात्र 8 रेल इंजनों का उत्पादन किया गया था। इस उपलब्धि का महत्व इसलिए और ज्यादा है क्योंकि विगत वर्ष 2019 तक 195 रेलइंजन बनाए गए थे।

इस प्रकार भारतीय रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण के विस्तार के साथ विद्युत रेलइंजनों की आपूर्ति बढ़ रही है। इस बात की सराहना विनोद कुमार यादव, अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेलवे बोर्ड ने नवंबर-2020 में निर्मित 39वें रेलइंजन ‘दीपशक्ति’ के लोकार्पण के अवसर पर की थी।

बरेका की विद्युत रेल इंजन उत्पादन लाइन में 98 फीसदी स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इससे व्यापक तौर पर एमएसएमई क्षेत्र एवं घरेलू निर्माण को मदद मिली है। बरेका की वार्षिक खरीद 2020-21 में 3000 करोड़ है। एमएसएमई क्षेत्र से पर्याप्त मात्रा में सामग्री खरीदी गई। 2019-20 में एमएसएमई क्षेत्र से लगभग 1400 करोड़ की खरीद की गई।

बरेका ने लगभग 4000 करोड़ के वार्षिक टर्नओवर से निर्माण क्षेत्र की जीडीपी में योगदान दिया। अब बरेका अपने बहुद्देशीय संरचना का प्रयोग मल्टीगेज एवं मल्टी ट्रेक्शन रोलिंग स्टॉक के उत्पादन के लिए करने को तैयार है। इससे भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत की नीति का संकल्प पूरा होगा।

बरेका इस समय मोज़ाम्बिक को 51.6 करोड़ मूल्य के 6 केप गेज 3000 अश्व शक्ति रेलइंजन के निर्यात पर कार्य कर रहा है। इसे नवंबर 2020 में फास्ट ट्रैक पर रखा गया। बरेका में इस आदेश के अंतर्गत पहली बार 12 सिलिन्डर क्रेंक केस का निर्माण किया जा रहा है। गैर रेलवे ग्राहकों के लिए 37.72 करोड़ मूल्य के 4 रेलइंजन का आदेश बरेका के पास है।

बनारस रेलइंजन कारख़ाना ने पहला निर्यात रेलइंजन तंजानिया के लिए मार्च 1976 में बनाया और इसके बाद से विभिन्न गैर रेलवे ग्राहकों को 622 रेलइंजनों की आपूर्ति की गई। इसमें तंजानिया, वियतनाम, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार, सेनेगल, सूडान, अंगोला, माली, मोज़ाम्बिक एवं मलेशिया जैसे देशों को निर्यात किए गए 165 रेलइंजन शामिल हैं।

महाप्रबंधक अंजली गोयल ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने बरेका को 9000 अ.श. मालवाहक रेलइंजन प्लेटफॉर्म के प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का कार्य लेने के लिए तैयार रहने के लिए निर्देशित किया है। प्रोद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्र में शेल, बोगी, ट्रेक्शन मोटर, लोकोमोटिव असेंबली, परीक्षण एवं कमिशनिंग शामिल है। यह परियोजना 4 वर्षों की होगी, 200 रेल इंजनों का उत्पादन किया जाएगा। इससे बरेका कर्मशाला की गुणवत्ता में प्रगति होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed