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नोकझोंक, जाम व प्रदर्शन से BHU अस्त व्यस्त, 10 दिन से गरमाया है माहौल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 15 Mar 2018 09:11 PM IST
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भारत कला भवन चौराहे पर किया प्रदर्शन, तीन घंटे तक लगाया जाम
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू परिसर का माहौल फिलहाल शांत होता नहीं दिख रहा। बुधवार को मारपीट, रास्ता जाम, आगजनी के प्रयास के बाद गुरुवार को भी दो छात्रावासों के छात्रों में नोकझोंक के साथ ही भारत कला भवन चौराहे पर रास्ता जाम कर छात्रों ने प्रदर्शन किया।
चीफ प्रॉक्टर पर दुर्व्यवहार, काट डालने की धमकी के विरोध में तीन घंटे तक जाम लगाया और नारेबाजी करते हुए चीफ प्राक्टर के इस्तीफे की मांग की। कार्यवाहक कुलपति डॉ. नीरज त्रिपाठी ने छात्रों को दस दिन के भीतर मामले की जांच कराने की बात कही तब जाकर जाम और प्रदर्शन समाप्त हुआ।
पिछले दस दिन से परिसर का माहौल गरमाया है। कभी मेस की अव्यवस्था को लेकर रास्ता जाम हो रहा है तो कभी कक्षाएं न चलने, शुद्ध पेयजल न मिलने के विरोध में छात्र सड़क पर उतर रहे हैं। इन सबके बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो रहा है, आखिर क्यों नहीं अंकुश लग पा रहा है।
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इसके पीछे जहां कुछ अंदरुनी साजिश लगती है वहीं आने वाले कुलपति को लेकर माहौल बनाने से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। बुधवार शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक तीन घटनाओं के बाद गुरुवार को भी सुबह बिड़ला छात्रावास और राजाराम छात्रावास के छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी रही। कई बार बवाल होते-होते रुका।
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चीफ प्रॉक्टर पर दुर्व्यवहार, काट डालने की धमकी के विरोध में तीन घंटे तक जाम लगाया और नारेबाजी करते हुए चीफ प्राक्टर के इस्तीफे की मांग की। कार्यवाहक कुलपति डॉ. नीरज त्रिपाठी ने छात्रों को दस दिन के भीतर मामले की जांच कराने की बात कही तब जाकर जाम और प्रदर्शन समाप्त हुआ।
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पिछले दस दिन से परिसर का माहौल गरमाया है। कभी मेस की अव्यवस्था को लेकर रास्ता जाम हो रहा है तो कभी कक्षाएं न चलने, शुद्ध पेयजल न मिलने के विरोध में छात्र सड़क पर उतर रहे हैं। इन सबके बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो रहा है, आखिर क्यों नहीं अंकुश लग पा रहा है।
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इसके पीछे जहां कुछ अंदरुनी साजिश लगती है वहीं आने वाले कुलपति को लेकर माहौल बनाने से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। बुधवार शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक तीन घटनाओं के बाद गुरुवार को भी सुबह बिड़ला छात्रावास और राजाराम छात्रावास के छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी रही। कई बार बवाल होते-होते रुका।
चीफ प्रॉक्टर के दुव्यर्वहार से नाराज, मांगा इस्तीफा
बुधवार शाम छात्रों ने लगाई थी आग
- फोटो : अमर उजाला
रुईया छात्रावास के छात्रों ने पहले संस्कृत धर्म विज्ञान संकाय के मेन गेट पर ताला बंद किया बाद में भारत कला भवन चौराहे पर प्रदर्शन किया। चीफ प्रॉक्टर पर एक छात्र के साथ दुर्व्यवहार करने, जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए चौराहे पर प्रदर्शन किया।
सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक रास्ता जाम की वजह से विश्वविद्यालय मेन गेट से विश्वनाथ मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। तीन घंटे तक चले जाम, प्रदर्शन के दौरान कोई भी प्रॉक्टर नहीं पहुंचा जिससे कि जाम समाप्त कराया जा सके।
दोपहर दो बजे कार्यवाहक कुलपति और कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी, छात्र अधिष्ठाता प्रो.एमके सिंह और संस्कृत धर्म विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता के साथ पहुंचे। कुलसचिव को दिए पत्र में छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर पर जान से मारने की धमकी, जातिगत टिप्पणी, विश्वविद्यालय से संस्कृत धर्म विज्ञान संकाय को हटवाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
आयुष पाठक, आयुष चौबे, पवन मिश्रा, वैभव उपाध्याय, सत्यम मिश्र, धीरज, सनी, संदीप उपाध्याय आदि छात्रों ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराने से असलियत सामने आ जाएगी। साथ ही चीफ प्राक्टर कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए।
इस दौरान कुलसचिव ने दस दिन के भीतर जांच कराने का आश्वासन दिया। जिस पर छात्रों ने 25 मार्च तक कार्रवाई न होने पर दुबारा आंदोलन की चेतावनी दी है।
सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक रास्ता जाम की वजह से विश्वविद्यालय मेन गेट से विश्वनाथ मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। तीन घंटे तक चले जाम, प्रदर्शन के दौरान कोई भी प्रॉक्टर नहीं पहुंचा जिससे कि जाम समाप्त कराया जा सके।
दोपहर दो बजे कार्यवाहक कुलपति और कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी, छात्र अधिष्ठाता प्रो.एमके सिंह और संस्कृत धर्म विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता के साथ पहुंचे। कुलसचिव को दिए पत्र में छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर पर जान से मारने की धमकी, जातिगत टिप्पणी, विश्वविद्यालय से संस्कृत धर्म विज्ञान संकाय को हटवाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
आयुष पाठक, आयुष चौबे, पवन मिश्रा, वैभव उपाध्याय, सत्यम मिश्र, धीरज, सनी, संदीप उपाध्याय आदि छात्रों ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराने से असलियत सामने आ जाएगी। साथ ही चीफ प्राक्टर कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए।
इस दौरान कुलसचिव ने दस दिन के भीतर जांच कराने का आश्वासन दिया। जिस पर छात्रों ने 25 मार्च तक कार्रवाई न होने पर दुबारा आंदोलन की चेतावनी दी है।
शुभम की तलाश में छापामारी, तीन से पूछताछ
लंका थाने के समीप हुई मारपीट के मामले में वांछित शुभम सिंह उर्फ गोलू की तलाश में गुरुवार को उसके संभावित ठिकानों पर पुलिस ने छापामारी की। पुलिस ने शुभम के तीन करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन उसका सुराग नहीं लगा।
लंका पुलिस का कहना है कि छापामारी जारी है। अस्सी, लंका थाने के समीप और बीएचयू परिसर में बुधवार को तीन बार मारपीट हुई। उपद्रवी छात्रों के गुट ने दुस्साहस दिखाते हुए लंका थाने के गेट के समीप से एक छात्र को खींच कर पीटा और पुलिस को देख फिर भाग निकले।
इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि शुभम सिंह और 50 से 60 अज्ञात के खिलाफ लंका थाने में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना के दौरान मारपीट से जुड़ी सभी घटनाओं की विवेचक जांच करेंगे और दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
लंका पुलिस का कहना है कि छापामारी जारी है। अस्सी, लंका थाने के समीप और बीएचयू परिसर में बुधवार को तीन बार मारपीट हुई। उपद्रवी छात्रों के गुट ने दुस्साहस दिखाते हुए लंका थाने के गेट के समीप से एक छात्र को खींच कर पीटा और पुलिस को देख फिर भाग निकले।
इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि शुभम सिंह और 50 से 60 अज्ञात के खिलाफ लंका थाने में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना के दौरान मारपीट से जुड़ी सभी घटनाओं की विवेचक जांच करेंगे और दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।