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शिक्षकों के रिक्त पद भरेंगे, फिर बढ़ाएंगे सीट
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 08 Oct 2016 02:08 AM IST
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काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय में गुरुवार को केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपतियों की बैठक में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने विश्वविद्यालयों में सीटें बढ़ाए जाने पर जोर दिया। शुक्रवार को बीएचयू ने इस ओर एक कदम बढ़ा दिया। कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी का कहना है कि बीएचयू में मौजूदा समय में जितनी सीटें हैं, उसके दस गुना विद्यार्थी यहां पढ़ने की इच्छा रखते हैं। फिर भी सीटें बढ़ाने के लिए यूनिवर्सिटी एडमिशन कोआर्डिनेशन बोर्ड की मीटिंग में विचार किया जाएगा।
हालांकि विश्वविद्यालय में अभी छात्र-छात्राओं के अनुपात में शिक्षकों की कमी है। फिलहाल विश्वविद्यालय का पूरा जोर यहां रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने पर है। हाल ही में यहां साढ़े तीन सौ से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति हुईं है। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में तीस फीसदी शिक्षक पद रिक्त हैं। नियुक्तियों के साथ ही हमारा जोर क्वालिटी एजूकेशन पर है। इसके लिए च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू करने की योजना है। संकाय स्तर पर इसे शुरू कर दिया गया है।
अलग-अलग संकाय इसके लिए पाठ्यक्रम तैयार कर रहे हैं। विद्यार्थियों के ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए बीएचयू में कॅरियर डेवलपमेंट सेंटर, डिजाइन इनोवेशन सेंटर, दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र, प्लेसमेंट सेंटर, स्ट्रेस मैनेजमेंट सेंटर स्थापित हैं। दूसरे विश्वविद्यालयों ने इसे नजीर मानते हुए अपने यहां भी ऐसे केंद्र खोलने की बात कही है। हालांकि दूसरे विश्वविद्यालयों ने ऑटोमेशन में बेहतर काम किया है, इसे बीएचयू भी अपनाएगा।
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हालांकि विश्वविद्यालय में अभी छात्र-छात्राओं के अनुपात में शिक्षकों की कमी है। फिलहाल विश्वविद्यालय का पूरा जोर यहां रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने पर है। हाल ही में यहां साढ़े तीन सौ से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति हुईं है। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में तीस फीसदी शिक्षक पद रिक्त हैं। नियुक्तियों के साथ ही हमारा जोर क्वालिटी एजूकेशन पर है। इसके लिए च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू करने की योजना है। संकाय स्तर पर इसे शुरू कर दिया गया है।
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अलग-अलग संकाय इसके लिए पाठ्यक्रम तैयार कर रहे हैं। विद्यार्थियों के ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए बीएचयू में कॅरियर डेवलपमेंट सेंटर, डिजाइन इनोवेशन सेंटर, दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र, प्लेसमेंट सेंटर, स्ट्रेस मैनेजमेंट सेंटर स्थापित हैं। दूसरे विश्वविद्यालयों ने इसे नजीर मानते हुए अपने यहां भी ऐसे केंद्र खोलने की बात कही है। हालांकि दूसरे विश्वविद्यालयों ने ऑटोमेशन में बेहतर काम किया है, इसे बीएचयू भी अपनाएगा।
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