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बीएचयू में शोध प्रवेश प्रक्रिया पर छात्रों ने उठाए सवाल, तालाबंदी कर दिया धरना
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 29 Aug 2017 11:00 PM IST
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काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू के राजनीति विज्ञान विभाग में शोध में हुए दाखिले पर छात्रों ने सवाल खड़ा किया है। मंगलवार को विभाग में निर्धारित सीट से कम पर दाखिले का आरोप लगाते हुए छात्रों ने गेट पर ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए।
बीएचयू प्रशासन के विरोध में नारे लगाते हुए निर्धारित सीटों पर प्रवेश की मांग कर रहे थे। सूचना पाकर पहुंचे चीफ प्राक्टर ने छात्रों को समझाया लेकिन वे नहीं माने। शाम को विभागाध्यक्ष के आश्वासन पर धरना समाप्त किया।
राजनीति विज्ञान विभाग में इन दिनों शोध में खाली सीटों पर दाखिला चल रहा है। मंगलवार को सीट से कम पर दाखिला लेने का आरोप लगाते हुए गुंजेश गौतम, पतंजलि पांडेय, अरुण चौबे, आशीष आदि ने हंगामा शुरू कर दिया। गेट पर तालाबंदी कर धरने पर बैठ गए।
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उनका कहना था कि सितंबर 2016 में जारी विज्ञापन के अनुसार पांच मई 2017 को शोध में नामांकन के लिए साक्षात्कार लिया गया था लेकिन प्रवेश की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। विश्वविद्यालय स्तर पर न्याय नहीं मिला तो प्रकरण से प्रधानमंत्री कार्यालय को अवगत कराया गया।
इसके बाद प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन पूर्व में घोषित 33 सीटों की बजाय केवल नौ सीटों पर नामांकन किया गया। उधर, विभाग पहुंचे चीफ प्राक्टर प्रो. ओएन सिंह ने समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र लिखित कार्रवाई पर अड़े रहे।
गुंजेश ने बताया कि बुधवार को दोपहर तक फैसला लेने के आश्वास पर धरना समाप्त किया गया है। यदि सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती तो आंदोलन किया जाएगा।
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बीएचयू प्रशासन के विरोध में नारे लगाते हुए निर्धारित सीटों पर प्रवेश की मांग कर रहे थे। सूचना पाकर पहुंचे चीफ प्राक्टर ने छात्रों को समझाया लेकिन वे नहीं माने। शाम को विभागाध्यक्ष के आश्वासन पर धरना समाप्त किया।
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राजनीति विज्ञान विभाग में इन दिनों शोध में खाली सीटों पर दाखिला चल रहा है। मंगलवार को सीट से कम पर दाखिला लेने का आरोप लगाते हुए गुंजेश गौतम, पतंजलि पांडेय, अरुण चौबे, आशीष आदि ने हंगामा शुरू कर दिया। गेट पर तालाबंदी कर धरने पर बैठ गए।
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उनका कहना था कि सितंबर 2016 में जारी विज्ञापन के अनुसार पांच मई 2017 को शोध में नामांकन के लिए साक्षात्कार लिया गया था लेकिन प्रवेश की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। विश्वविद्यालय स्तर पर न्याय नहीं मिला तो प्रकरण से प्रधानमंत्री कार्यालय को अवगत कराया गया।
इसके बाद प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन पूर्व में घोषित 33 सीटों की बजाय केवल नौ सीटों पर नामांकन किया गया। उधर, विभाग पहुंचे चीफ प्राक्टर प्रो. ओएन सिंह ने समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र लिखित कार्रवाई पर अड़े रहे।
गुंजेश ने बताया कि बुधवार को दोपहर तक फैसला लेने के आश्वास पर धरना समाप्त किया गया है। यदि सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती तो आंदोलन किया जाएगा।
बीएचयू महिला महाविद्यालय कैंपस अब वाईफाई की शुरुआत
WiFi
बीएचयू स्थित महिला महाविद्यालय परिसर को वाईफाई से लैस कर दिया गया है। यहां पढ़ने और हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं अब मुफ्त वाईफाई सुविधा का लाभ उठा सकेंगी। इस पासवर्ड इनेब्लड वाईफाई का डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर प्रज्ञा कुंज छात्रावास में बनाया गया है।
अगले चरण में कृषि विज्ञान संस्थान, केंद्रीय कार्यालय और होलकर भवन में यह सुविधा शुरू होगी। कुछ महीनों के अंदर पूरे विश्वविद्यालय परिसर को वाईफाई कर दिया जाएगा।
दरअसल, कैंपस वाईफाई करने की शुरुआत 9 फरवरी 2017 को हुई थी। पासवर्ड इनब्लेड वाईफाई के लिए परिसर में भूमिगत फ ाइबर ऑप्टिक केबिल बिछाई जा रही है। अब तक 102 किमी भूमिगत ऑप्टिक केबिल बिछाई जा चुकी है।
208 भवनों में यूटीपी केबिल लगाए जाने के साथ ही परिसर में 20 डिस्ट्रिब्यूशन केंद्र बनाए गए हैं। ये मुख्य नेटवर्क केंद्र की फाइबर आप्टिक केबिल से जुड़े हैं। हर डिस्ट्रिब्यूशन केंद्र से 10 से 15 विभागों और छात्रावासों को जोड़ा गया है।
इसके लिए परिसर में 380 एक्सेस स्विच और 2000 से अधिक वायरलेस एक्सेस प्वाइंट होंगे। नोडल ऑफिसर डॉ. विवेक कुमार सिंह ने बताया कि टेस्टिंग का कार्य अंतिम चरण में है।
अगले चरण में कृषि विज्ञान संस्थान, केंद्रीय कार्यालय और होलकर भवन में यह सुविधा शुरू होगी। कुछ महीनों के अंदर पूरे विश्वविद्यालय परिसर को वाईफाई कर दिया जाएगा।
दरअसल, कैंपस वाईफाई करने की शुरुआत 9 फरवरी 2017 को हुई थी। पासवर्ड इनब्लेड वाईफाई के लिए परिसर में भूमिगत फ ाइबर ऑप्टिक केबिल बिछाई जा रही है। अब तक 102 किमी भूमिगत ऑप्टिक केबिल बिछाई जा चुकी है।
208 भवनों में यूटीपी केबिल लगाए जाने के साथ ही परिसर में 20 डिस्ट्रिब्यूशन केंद्र बनाए गए हैं। ये मुख्य नेटवर्क केंद्र की फाइबर आप्टिक केबिल से जुड़े हैं। हर डिस्ट्रिब्यूशन केंद्र से 10 से 15 विभागों और छात्रावासों को जोड़ा गया है।
इसके लिए परिसर में 380 एक्सेस स्विच और 2000 से अधिक वायरलेस एक्सेस प्वाइंट होंगे। नोडल ऑफिसर डॉ. विवेक कुमार सिंह ने बताया कि टेस्टिंग का कार्य अंतिम चरण में है।
महिला महाविद्यालय परिसर में वाईफाई की शुरुआत कर दी गई है। वहां की छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को संगणक केंद्र की ओर से पहले ही यूजर आईडी और पासवर्ड जारी कर दिए गए हैं। इनका प्रयोग कर वे चौबीस घंटे इसका इस्तेमाल कर सकते हैैं।