वाराणसी: गंगा के उल्टे प्रवाह से बन रहा जानलेवा भंवर, नहर भी समा गई, बीएचयू के प्रोफेसर ने शेयर किया वीडियो
वाराणसी में गंगा पार बाढ़ से बचने के लिए एक रेत की नहर बनाई गई थी। जो गंगा में समाहित हो गई है। जहां गंगा के उल्टे प्रवाह के कारण एक भंवर बनने लगा है। इसका वीडियो आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर विश्वंभर नाथ मिश्र ने शेयर किया है।
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बनारस को बाढ़ से बचाने के लिए गंगा पार रेती में बनाई गई नहर अब पूरी तरह से गंगा में समा चुकी है। घाटों के समानांतर नहर अब मौत का कुआं बन गई है। गंगा के उल्टे प्रवाह के कारण नहर वाले स्थान पर भंवर बनने लगा है, जो बेहद खतरनाक है। नदी विज्ञानी आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर और संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने इसका वीडियो शेयर करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की है।
सोमवार को वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि नए वैज्ञानिकों द्वारा रेत में बनाई नहर, बनी मौत का कुआं। उल्टे गंगा प्रवाह से प्राण घातक भंवर बन रहा है। कोई अध्ययन नहीं बस बना दिया गया नहर। गंगा घाट के समानांतर 5.3 किलोमीटर लंबी नहर तैयार की गई थी। 1195 लाख रुपये की लागत से तैयार नहर तैयार करते समय अधिकारियों ने यह दावा किया था कि नहर के बनने से गंगा घाटों पर दबाव कम हो जाएगा।
नए वैज्ञानिकों द्वारा रेत में बनाया नहर, बना मौत का कुआँ। उल्टे #गंगा प्रवाह से बन रहीं प्राण घातक भँवर।कोई अध्ययन नहीं बस बना दिया गया नहर। @cleanganganmcg @the_hindu @TheQuint @timesofindia @ndtv @DrVNMishraa pic.twitter.com/Tu2p0ANejX
विज्ञापन विज्ञापन— Mahant Sankat Mochan Varanasi (@MahantMochan) August 1, 2021
बीएचयू के नदी विज्ञानियों ने कहा था कि गंगा का जलस्तर बढ़ते ही नहर पूरी तरह से डूब जाएगी। नदी विज्ञानियों ने जो कहा था वह सही साबित हुआ लेकिन अब यह नहर खतरनाक बन चुकी है। प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने वीडियो में कहा है कि नहर डूबने के कारण वहां पर भंवर बन रही है जो बेहद खतरनाक है।
नौका संचालन के दौरान यह हादसे का कारण बन सकती है। प्रो. मिश्र ने कहा कि नदी वैज्ञानिकों की राय को दरकिनार करते हुए 11 करोड़ रुपये से ज्यादा पानी में बहा दिया गया। रेत से बनी नहर में रेत जानी शुरू हो गई है। प्रो. मिश्र ने छह जून को कहा था कि नहर निर्माण से नदी के पश्चिम में सिल्ट का जमाव होगा और नहर बाढ़ में समाहित हो जाएगी।
किस वजह से बनाई नहर, आज तक नहीं समझ आया
नदी वैज्ञानिक प्रो. यूके चौधरी ने भी गंगा में नहर बनाने पर सवाल उठाए थे लेकिन किसी ने उनकी बातों को नहीं सुना। प्रो. चौधरी ने कहा कि किस वजह से नहर बनाई जा रही है यह आज तक किसी को समझ में नहीं आया। बिना किसी सर्वे और अध्ययन के नहर बनाने का नतीजा आज सभी के सामने है। नहर से गंगा का फ्लोर डायनेमिक्स प्रभावित हुआ है और इसके चलते वाराणसी में गंगा का अर्द्धचंद्राकार स्वरूप भी प्रभावित होगा। गंगा के डाउन स्ट्रीम में कटान बढ़ेगा और घाटों पर खतरा बढ़ जाएगा।