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बीएचयू: बीवोक की नई एसओपी, मॉपअप राउंड में हर सीट पर दो अभ्यर्थी; कोर्स न छोड़ने पर भी छह महीने में सर्टिफिकेट

Tue, 29 Sep 2026 06:02 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Tue, 29 Sep 2026 06:02 PM IST
सार

नई व्यवस्था के अनुसार, रोजगार और व्यावसायिक विकास के लिए छात्रों के बढ़ते अनुरोधों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। छात्र बिना कोर्स छोड़े भी क्रेडिट पूरा करने पर स्तर 4, 5 और 6 के सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे।

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BHU new SOP for BVoc with two candidates per seat in mop-up round in Varanasi
बनारस हिंदी विश्वविद्यालय, BHU - फोटो : X (@bhupro)

विस्तार

बीएचयू में बैचलर ऑफ वोकेशन (बी.वोक) कोर्स के अंतिम चरण में 100 सीटों के लिए 200 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। वहीं, इस कोर्स की नई एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी की गई है। अगले सत्र से इसे लागू कर दिया जाएगा। एसओपी के तहत क्रेडिट और अवधि के आधार पर चार स्तरों पर उपाधियां दी जाएंगी। जरूरी नहीं कि छात्र कोर्स छोड़कर जाए ही। छह महीने पूरा करने पर सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसमें 30 क्रेडिट मिलेंगे।

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एक वर्ष में 60 क्रेडिट और डिप्लोमा की उपाधि दी जाएगी। दो वर्ष में 120 क्रेडिट और एडवांस डिप्लोमा, वहीं तीन वर्ष में 180 क्रेडिट की बी.वोक डिग्री दे दी जाएगी। राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के मानकों के तहत इस व्यवस्था को तैयार किया गया है। 
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नई व्यवस्था के अनुसार, रोजगार और व्यावसायिक विकास के लिए छात्रों के बढ़ते अनुरोधों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। छात्र बिना कोर्स छोड़े भी क्रेडिट पूरा करने पर स्तर 4, 5 और 6 के सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे। बीएचयू में हाल ही हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में भी इसे अनुमति दी गई है।

कोर्स बीच में छोड़ने की देनी होगी सूचना
नई एसओपी में बताया गया है कि प्रमाणपत्र जारी करने से पहले समन्वयक और परीक्षा नियंता कार्यालय की ओर से विभागीय बकाये की निकासी, क्रेडिट की समीक्षा और अनुशासनहीनता के मामलों की जांच की जाएगी। सत्यापन पूरा होने के बाद डिजिटल और फिजिकल रिकॉर्ड बनाए रखते हुए प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। वहीं, यदि कोई छात्र पढ़ाई बीच में ही छोड़ना चाहता है, तो उसे विभागाध्यक्ष और परीक्षा नियंता को लिखित घोषणा पत्र देना होगा। हालांकि, इसके बाद नियमों के बिना फिर से प्रवेश संभव नहीं होगा।
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