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BHU Hospital: हृदय रोग विभाग में 10 दिन से खराब पड़ी है कैथ लैब की मशीन, मरीजों को मिल रही तारीख पर तारीख

Wed, 22 Jun 2022 02:26 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 22 Jun 2022 02:26 PM IST
सार

बीएचयू अस्पताल के हृदय रोग विभाग में कैथ लैब में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी की सुविधा भी है, लेकिन 10 दिन से मशीन खराब होने से काम ठप है। 

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BHU Hospital Department of Cardiology cath lab machine not working  for last 10 days patients are getting date
सर सुंदरलाल अस्पताल , बीएचयू - फोटो : फाइल

विस्तार

बदलते समय में दिल की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। केवल बड़े, बुजुर्ग ही नहीं अब युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। किसी के दिल में छेद है तो दिल से जुड़े नस ब्लॉक हैं। बीएचयू अस्पताल के हृदय रोग विभाग में कैथ लैब में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी की सुविधा भी है, लेकिन 10 दिन से मशीन खराब होने से काम ठप है।

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किसी भी मरीज की सर्जरी नहीं हो पा रही है। मंगलवार को भी पांच से अधिक मरीजों को बिना एंजियोग्राफी लौटना पड़ा। मशीन कब तक बनेगी, इसकी भी जानकारी नहीं मिल पा रही है।  कैथ लैब में रोज औसतन 15 से 20 मरीजों की एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी सहित अन्य सर्जरी की जाती है।
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चिकित्सक मरीजों को देखने के बाद उन्हें डेट भी देते हैं। लेकिन पिछले 10 दिन से मशीन खराब होने से 200 से मरीज निराश लौट चुके हैं। मंगलवार को वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर सहित अन्य जगहों से मरीज परिजनों संग पहुंचे, लेकिन सर्जरी नहीं हो सकी।

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सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में है कैथ लैब लेकिन बंद

हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओमशंकर ने कहा कि कैथ लैब में मशीन खराब होने की सूचना एमएस ऑफिस को सप्ताह भर पहले ही दी जा चुकी है। सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में विभाग के लैब को शुरू करने को कहा गया है, ताकि मरीजों की सर्जरी प्रभावित न हो। अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ।

केस-1
चंदौली जिले के सैयदराजा निवासी सत्येंद्र कुमार (55) को कई दिन से सीने में दर्द हो रहा था। हृदय रोग विभाग में दिखाया तो चिकित्सक ने एंजियोग्राफी की सलाह दी। पत्नी ने बताया कि 14 जून की डेट मिली थी, उस दिन आने पर पता चला कि मशीन खराब है। फिर 21 जून को बुलाया गया था, तब भी मशीन नहीं बन पाई। 

केस-2
पहड़िया निवासी राघवेंद्र को महीने भर पहले सीने में दर्द हुआ था। प्रो. ओमशंकर को दिखाया तो उन्होंने भर्ती कर कुछ दिन इलाज किया, फिर एंजियोग्राफी की। बीमारी पकड़ में आने के बाद मंगलवार को एंजियोप्लास्टी होनी थी। जो कि मशीन खराब होने की वजह से नहीं हो सकी। 
 

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