फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   BHU Hospital Cardiology ward will be shifted to super specialty block

BHU Hospital: सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में शिफ्ट होगा कार्डियोलॉजी वार्ड, दिल के मरीजों को मिलेगी राहत

Thu, 26 Sep 2024 09:48 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Thu, 26 Sep 2024 09:48 AM IST
सार

बीएचयू अस्पताल में दिल के मरीजों की दुश्वारियों को लेकर अमर उजाला में छपी खबर के बाद आईएमएस बीएचयू प्रशासन हरकत में आया। मामले में निदेशक ने विभागाध्यक्ष से जवाब मांगा। ऐसे में अब सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में कार्डियोलॉजी वार्ड शिफ्ट करने की योजना है। 

विज्ञापन
BHU Hospital Cardiology ward will be shifted to super specialty block
IMS BHU - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीएचयू अस्पताल से कार्डियोलॉजी वार्ड और सीसीयू वार्ड को शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) में शिफ्ट किया जाएगा। इसके अलावा एसएसबी में बने सीसीयू के बंद ताले को खुलवाकर यहां मरीजों को भर्ती किया जाएगा। इससे दिल के मरीजों को सर्जरी के बाद एसएसबी से अस्पताल तक का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा।

विज्ञापन


बुधवार को अमर उजाला में एसएसबी में सर्जरी के बाद मरीजों को 400 मीटर दूर अस्पताल में भर्ती होने जाने की समस्या वाली खबर प्रकाशित होने के बाद आईएमएस बीएचयू प्रशासन हरकत में आया। निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने मामले में हृदय रोग विभागाध्यक्ष प्रो. विकास अग्रवाल से मामले में जवाब मांगने के साथ ही एमएस प्रो. केके गुप्ता से भी पूरे प्रकरण पर बातचीत की। उन्होंने बताया कि बहुत जल्द ही शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने को विभागाध्यक्ष से कहा गया है।
विज्ञापन


बीएचयू अस्पताल में आने वाले दिल के मरीजों के इलाज के लिए वर्तमान में अस्पताल में सीसीयू वार्ड के साथ ही सामान्य वार्ड बनाया गया है। एसएसबी में पांचवें तल पर कैथ लैब में मरीजों की सर्जरी की जाती है और यहां भी 17 बेड का सीसीयू वार्ड बनाया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्थिति यह है कि अस्पताल के वार्ड में तो मरीज भर्ती हो रहे हैं, लेकिन एसएसबी में बने सीसीयू वार्ड में ताला बंद होने की वजह से सर्जरी के बाद मरीजों को 400 मीटर दूर चलकर अस्पताल में भर्ती होने आना पड़ता है। नर्सिंग आफिसर की तैनाती न होने से इस तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। बुधवार को अमर उजाला में खबर छपने के बाद आईएमएस निदेशक ने पूरे मामले की जब छानबीन की तो हकीकत सामने आ गई।

निदेशक ने बताया कि मामले में हृदय रोग विभागाध्यक्ष से पूरे मामले में जवाब तलब किया गया है। अस्पताल के सीसीयू वार्ड सहित सामान्य वार्ड को भी एसएसबी में शिफ्ट कराया जाएगा। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए एमएस से भी बातचीत हो चुकी है।

ये है पूरा मामला
बीएचयू अस्पताल में बने हृदय रोग विभाग के वार्ड में 48 और एसएसबी में 41 बेड थे। दो जगह की बजाय एक जगह यानी एसएसबी में ही मरीजों की सुविधा को देखते हुए इसको संचालित करने के लिए एक कमेटी गठित हुई। कमेटी ने अपनी संस्तुति में यह कहा था कि दोनों बेड अलग-अलग न होकर एक ही जगह एसएसबी में चलाया जाना चाहिए। इसके लिए एसएसबी का पूरा चौथा तल और आधा पांचवां तल हृदय रोग को आवंटित कर पूरे विभाग को शिफ्ट करने की संस्तुति की थी। इसके बाद आईएमएस निदेशक ने भी संस्तुति के अनुसार कार्यवाही के लिए निर्देशित किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed