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बीएचयू में हीरा ढूंढने वाला उपकरण
ब्यूरो/ अमर उजाला, वाराण्ासी
Updated Tue, 12 Apr 2016 02:11 AM IST
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जियोलॉजी विभाग में ईपीएमए मशीन का हुआ उद्घाटन
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय की खासियतों में एक और कड़ी जुड़ गई है। विज्ञान संस्थान के जियोलॉजी विभाग में सोमवार को ईपीएमए यानी ‘इलेक्ट्रॉन प्रोब माइक्रो एनालाइजर’ मशीन स्थापित की गई। ये उपकरण न सिर्फ किसी भी धातु की केमिस्ट्री बता सकता है बल्कि जमीन के अंदर हीरा ढूंढने में भी सक्षम है।
सोमवार को इसका उद्घाटन जामिया मिलिया इस्लामिया के कुलपति व डीएसटी एसईआरबी (साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड) के चेयरमैन प्रो. तलत अहमद ने किया। अध्यक्षता बीएचयू कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने की। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार द्वारा संचालित परियोजना के तहत 10 करोड़ की लागत से इस उपकरण को बीएचयू में स्थापित किया गया है।
इस परियोजना के प्रधान अन्वेषक बीएचयू जियोलॉजी विभाग के प्रो. एनवी चलपति राव हैं। इनके साथ प्रो. राजेश कुमार श्रीवास्तव, प्रो. मल्लिकार्जुन जोशी और प्रो. एचबी श्रीवास्तव भी कार्यरत हैं। प्रो. राव ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बीएचयू पहला संस्थान है जहां ये उपकरण स्थापित है। इस सुविधा का लाभ बीएचयू के साथ साथ आईआईटी के शोध छात्र भी उठा सकेंगे।
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सोमवार को इसका उद्घाटन जामिया मिलिया इस्लामिया के कुलपति व डीएसटी एसईआरबी (साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड) के चेयरमैन प्रो. तलत अहमद ने किया। अध्यक्षता बीएचयू कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने की। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार द्वारा संचालित परियोजना के तहत 10 करोड़ की लागत से इस उपकरण को बीएचयू में स्थापित किया गया है।
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इस परियोजना के प्रधान अन्वेषक बीएचयू जियोलॉजी विभाग के प्रो. एनवी चलपति राव हैं। इनके साथ प्रो. राजेश कुमार श्रीवास्तव, प्रो. मल्लिकार्जुन जोशी और प्रो. एचबी श्रीवास्तव भी कार्यरत हैं। प्रो. राव ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बीएचयू पहला संस्थान है जहां ये उपकरण स्थापित है। इस सुविधा का लाभ बीएचयू के साथ साथ आईआईटी के शोध छात्र भी उठा सकेंगे।
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