{"_id":"672a59c2a172a2328c06ca44","slug":"bhu-earned-rs-8-crore-by-selling-garbage-50-thousand-square-feet-of-space-became-vacant-varanasi-news-c-20-vns1056-780771-2024-11-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: बीएचयू ने कचरा बेचकर कमाए 8 करोड़, 50 हजार वर्गफीट जगह हुई खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: बीएचयू ने कचरा बेचकर कमाए 8 करोड़, 50 हजार वर्गफीट जगह हुई खाली
विज्ञापन
- दशकों से विभागों में पड़ा था लैब का कचरा, किराया बढ़ाकर 10 करोड़ अतिरिक्त कमाए
- 10 साल पहले कंडम हो चुकीं 50 पुरानी एंबेसडर कार भी शामिल
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू ने कचरा बेचकर आठ करोड़ रुपये कमा लिए। सभी विभागों में कई साल से रखे कई क्विंटल बेकार उपकरणों को हटाया गया। करीब 50 हजार वर्ग फीट की जगह को लैब और विभागों के कचरे से मुक्त कराया गया। इसे स्क्रैप में बेचने से आठ करोड़ की कमाई हुई। इसमें 10 साल पहले कंडम हो चुकीं 50 पुरानी एंबेसडर कार भी शामिल हैं।
कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने बताया कि बीते तीन साल में बीएचयू की आय 50-60 प्रतिशत बढ़ी है। 2020 में 1414 करोड़ के मुकाबले 2024 में 2293 करोड़ की आय हुई। आय बढ़ाने के लिए सरकारी ग्रांट, रेंट, ट्यूशन फीस और डोनेशन की रकम को बढ़ाया गया। दुकानों के बकाया रेंट, बिजली के बिल, हाॅस्टल फीस को रिकवर कराया। कैंपस में दुकानों के रेट बढ़ाए गए। जिन्होंने किराया नहीं दिया था, उन्हें चिह्नित कर उनसे वसूली की गई। पहले किराये से छह से सात करोड़ रुपये की आय होती थी, 2023-24 में 16 करोड़ की आय हुई। इसके अलावा डोनेशन भी बीते तीन साल में करीब पांच गुना तक बढ़ा है। 80 लाख से पौने चार करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
विज्ञापन
- 10 साल पहले कंडम हो चुकीं 50 पुरानी एंबेसडर कार भी शामिल
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू ने कचरा बेचकर आठ करोड़ रुपये कमा लिए। सभी विभागों में कई साल से रखे कई क्विंटल बेकार उपकरणों को हटाया गया। करीब 50 हजार वर्ग फीट की जगह को लैब और विभागों के कचरे से मुक्त कराया गया। इसे स्क्रैप में बेचने से आठ करोड़ की कमाई हुई। इसमें 10 साल पहले कंडम हो चुकीं 50 पुरानी एंबेसडर कार भी शामिल हैं।
कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने बताया कि बीते तीन साल में बीएचयू की आय 50-60 प्रतिशत बढ़ी है। 2020 में 1414 करोड़ के मुकाबले 2024 में 2293 करोड़ की आय हुई। आय बढ़ाने के लिए सरकारी ग्रांट, रेंट, ट्यूशन फीस और डोनेशन की रकम को बढ़ाया गया। दुकानों के बकाया रेंट, बिजली के बिल, हाॅस्टल फीस को रिकवर कराया। कैंपस में दुकानों के रेट बढ़ाए गए। जिन्होंने किराया नहीं दिया था, उन्हें चिह्नित कर उनसे वसूली की गई। पहले किराये से छह से सात करोड़ रुपये की आय होती थी, 2023-24 में 16 करोड़ की आय हुई। इसके अलावा डोनेशन भी बीते तीन साल में करीब पांच गुना तक बढ़ा है। 80 लाख से पौने चार करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
विज्ञापन