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बेहतर वित्तीय प्रबंधन से मिलेगा कर्ज से छुटकारा : शिव प्रताप
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वाराणसी। बीएचयू में मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र की ओर से आयोजित वेबिनार में पूर्व केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और राज्यसभा सांसद शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन से ही कर्ज से छुटकारा मिलेगा।
मातृशक्ति की बचत बैंक ने कोविड काल में जो अद्भुत कार्य किया है वह सराहनीय है। प्राचीन काल से बचत के संस्कारों से ही यह संभव हो पाया है इसी कारण से भारत सोने की चिड़िया कहा जाता है। सेबी के सहयोग से आयोजित वेबिनार में पूर्व मंत्री ने भारत सरकार की योजनाओं योजना किसान सम्मान निधि, आयुष्मान योजना के लाभ की चर्चा की। बतौर मुख्य अतिथि जामिया केंद्रीय विश्वविद्यालय की वित्त अधिकारी डॉ.रेणु बत्रा ने कहा कि हमें अपने पांव चादर के हिसाब से ही पसारने चाहिए और जोखिम को देखते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि बीएचयू के वित्त अधिकारी डॉ. अभय ठाकुर ने कहा कि आचार्य कौटिल्य ने भी वित्त व्यवस्था को मूलाधार माना था और वर्तमान में व्यक्ति एवं परिवार के लिए भी वित व्यवस्था का होना बहुत जरूरी है। अध्यक्षता करते हुए केंद्र समन्वयक प्रोफेसर आशाराम त्रिपाठी ने कहा कि बचत और निवेश प हमेशा भविष्य संपदा बनेगी और समझकर निवेश करना चाहिए।
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सेबी के डायरेक्टर जनरल मैनेजर अतुल अग्रवाल ने कहा कि वित्तीय प्रबंधन की जानकारी होना बहुत जरूरी है। विषय प्रवर्तन सेबी के सेवानिवृत अधिकारी सूर्यकांत शर्मा ने किया। कार्यक्रम में ई गवर्नेन्स इंफ्रा के वाइस प्रेसिडेंट नितिन जोशी ने अपनी बात रखी। कार्यक्रम का संचालन बीएचयू पुस्तकालय के उप ग्रन्थालयी डॉ. संजीव सराफ, शुचिता सिंह धन्यवाद ज्ञापन डॉ. उषा त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम में उप समन्वयक डॉ. गिरजा शंकर शास्त्री, डॉ. राम कुमार दांगी, डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, डॉ.राजीव कुमार वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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मातृशक्ति की बचत बैंक ने कोविड काल में जो अद्भुत कार्य किया है वह सराहनीय है। प्राचीन काल से बचत के संस्कारों से ही यह संभव हो पाया है इसी कारण से भारत सोने की चिड़िया कहा जाता है। सेबी के सहयोग से आयोजित वेबिनार में पूर्व मंत्री ने भारत सरकार की योजनाओं योजना किसान सम्मान निधि, आयुष्मान योजना के लाभ की चर्चा की। बतौर मुख्य अतिथि जामिया केंद्रीय विश्वविद्यालय की वित्त अधिकारी डॉ.रेणु बत्रा ने कहा कि हमें अपने पांव चादर के हिसाब से ही पसारने चाहिए और जोखिम को देखते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए।
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विशिष्ट अतिथि बीएचयू के वित्त अधिकारी डॉ. अभय ठाकुर ने कहा कि आचार्य कौटिल्य ने भी वित्त व्यवस्था को मूलाधार माना था और वर्तमान में व्यक्ति एवं परिवार के लिए भी वित व्यवस्था का होना बहुत जरूरी है। अध्यक्षता करते हुए केंद्र समन्वयक प्रोफेसर आशाराम त्रिपाठी ने कहा कि बचत और निवेश प हमेशा भविष्य संपदा बनेगी और समझकर निवेश करना चाहिए।
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सेबी के डायरेक्टर जनरल मैनेजर अतुल अग्रवाल ने कहा कि वित्तीय प्रबंधन की जानकारी होना बहुत जरूरी है। विषय प्रवर्तन सेबी के सेवानिवृत अधिकारी सूर्यकांत शर्मा ने किया। कार्यक्रम में ई गवर्नेन्स इंफ्रा के वाइस प्रेसिडेंट नितिन जोशी ने अपनी बात रखी। कार्यक्रम का संचालन बीएचयू पुस्तकालय के उप ग्रन्थालयी डॉ. संजीव सराफ, शुचिता सिंह धन्यवाद ज्ञापन डॉ. उषा त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम में उप समन्वयक डॉ. गिरजा शंकर शास्त्री, डॉ. राम कुमार दांगी, डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, डॉ.राजीव कुमार वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।