बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर ने सुरक्षाकर्मी पर छोड़ा हाथ, सीसीटीवी फुटेज से सामने आया मामला
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तीन दिन पहले 12 मार्च को बीएचयू के एक छात्र पर बाहरी युवकों द्वारा मारपीट के मामले में प्रो. रोयाना सिंह को जिम्मेदार ठहराया गया। उसी दिन छात्रों के धरने की कवरेज करने पहुंचे पत्रकार से मारपीट के मामले में प्रो. रोयाना सिंह का नाम सामने आ चुका है। बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह गुरुवार से एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
ताजा मामला कुलपति प्रो. राकेश भटनागर के ट्रॉमा सेंटर के निरीक्षण के दौरान प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी पर हाथ छोड़ने का है। प्रकरण को लेकर पुलिस या कहीं और शिकायत नहीं की गई है, लेकिन मामला विश्वविद्यालय परिसर में चर्चा का विषय बना हुआ है। मंगलवार शाम को ट्रामा सेंटर में हुई घटना की फुटेज सीसी कैमरे में भी रिकॉर्ड हो गई।
बीएचयू के कुलपति मंगलवार देर शाम ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण करने गए थे। चीफ प्रॉक्टर पीछे चल रही थीं। ट्रॉमा सेंटर में प्रवेश करते ही एक सुरक्षाकर्मी से चीफ प्रॉक्टर की कुछ बातचीत हुई। इसके बाद उन्होंने उस पर हाथ छोड़ते हुए धक्का दे दिया। घटना का मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने मोबाइल के कैमरे से वीडियो बना लिया।
वहीं, सीसीटीवी में भी इसकी फुटेज है। चर्चा है कि घटना के बाद गुरुवार को सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर नहीं आया और उसका पता भी नहीं लगा। वहीं, प्रो. रोयाना सिंह ने बताया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। कभी पत्रकार की पिटाई, कभी दिव्यांग छात्र की पिटाई और अब सुरक्षाकर्मी की पिटाई का अनर्गल आरोप मेरे ऊपर लगाया जा रहा है। यह आरोप पूरी तरह से गलत है।
चीफ प्रॉक्टर पर दिव्यांग छात्र ने लगाया धमकी देने का आरोप
बीएचयू के एक दिव्यांग छात्र ने चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ गुरुवार को लंका थाने में लिखित तहरीर दी है। इसमें बताया कि वह बीएचयू में बीए प्रथम वर्ष का छात्र है और दिव्यांग है। 12 मार्च को हुए बवाल के बाद रात में चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह एक दर्जन से अधिक सुरक्षाकर्मियों के साथ बिड़ला हॉस्टल में तलाशी लेने पहुंचीं।
सभी गार्ड छात्रों के कमरे जबरदस्ती खुलवा कर कमरों की तलाशी ले रहे थे। वह किताब लेकर बरामदे में पढ़ाई कर रहा था। उसे देखते ही चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह ने अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा- इसे पकड़ो ये बाहरी छात्र है। दर्जन भर गार्ड उस पर टूट पड़े और पीटते हुए आंख फोड़ने की धमकी दी। उसका आई कार्ड भी छीन लिया।
यह भी आरोप है कि चीफ प्रॉक्टर ने उसे निलंबित करने की धमकी दी। मामले में लंका पुलिस का कहना है कि छात्र की तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है।