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बीएचयू बवाल के दो माह पूरेः जांच का पता नहीं, सिर्फ बयान दर्ज करने तक ही रही कार्रवाई
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 24 Nov 2017 06:13 PM IST
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बीएचयू परिसर में बीते 23 सितंबर की रात हुई आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ मामले की जांच दो माह बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। बीएचयू बवाल को लेकर एक हजार अज्ञात छात्रों के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था लेकिन तफ्तीश कर रही क्राइम ब्रांच सिर्फ बयान दर्ज करने की कार्रवाई तक ही सीमित रही।
वहीं, छात्रों पर दर्ज मुकदमा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में वापस लेने की बात कही थी। मगर, अभी तक इस संबंध में डीएम और एसएसपी के पास शासन स्तर से कोई आदेश नहीं आया है।
छेड़खानी के मुद्दे को लेकर आंदोलित बीएचयू के छात्र-छात्राओं पर 23 सितंबर की रात कुलपति आवास के समीप प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज कर दिया था। सुरक्षाकर्मियों के लाठीचार्ज से गुस्साए छात्रों ने पथराव और तोड़फोड़ शुरू करते हुए आग लगा दी थी।
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स्थिति को नियंत्रित करने गई पुलिस पर आरोप है कि महिला महाविद्यालय के सामने छात्राओं पर लाठीचार्ज किया। इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़कर और हवाई फायरिंग कर रात दो बजे के लगभग कड़ी मशक्कत के बाद माहौल को सामान्य किया गया था।
एसएसपी के निर्देश पर बीएचयू बवाल से संबंधित मुकदमों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। इस संबंध में एसपी (क्राइम) ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बताया कि विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर फिलहाल चुनाव ड्यूटी में व्यस्त हैं। चुनाव से उनके खाली होते ही जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
लाठीचार्ज मामले की जांच मजिस्ट्रेटी जांच एडीएम प्रशासन मुनींद्रनाथ उपाध्याय को दी गई थी। इस मामले में एडीएम ने बीएचयू में कैंप लगाकर छात्रों के बयान लिए थे।
छात्राओं ने लाठीचार्ज की सीडी भी सौंपी थी। पुलिसवालों के भी बयान लिए गए। जांच अधिकारी एडीएम प्रशासन का कहना है कि नगर निकाय चुनाव की वजह से जांच पूरी नहीं हो पाई है। चुनाव बाद जांच पूरी कर रिपोर्ट डीएम योगेश्वर राम मिश्र को दी जाएगी।
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वहीं, छात्रों पर दर्ज मुकदमा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में वापस लेने की बात कही थी। मगर, अभी तक इस संबंध में डीएम और एसएसपी के पास शासन स्तर से कोई आदेश नहीं आया है।
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छेड़खानी के मुद्दे को लेकर आंदोलित बीएचयू के छात्र-छात्राओं पर 23 सितंबर की रात कुलपति आवास के समीप प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज कर दिया था। सुरक्षाकर्मियों के लाठीचार्ज से गुस्साए छात्रों ने पथराव और तोड़फोड़ शुरू करते हुए आग लगा दी थी।
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स्थिति को नियंत्रित करने गई पुलिस पर आरोप है कि महिला महाविद्यालय के सामने छात्राओं पर लाठीचार्ज किया। इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़कर और हवाई फायरिंग कर रात दो बजे के लगभग कड़ी मशक्कत के बाद माहौल को सामान्य किया गया था।
एसएसपी के निर्देश पर बीएचयू बवाल से संबंधित मुकदमों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। इस संबंध में एसपी (क्राइम) ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बताया कि विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर फिलहाल चुनाव ड्यूटी में व्यस्त हैं। चुनाव से उनके खाली होते ही जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
लाठीचार्ज मामले की जांच मजिस्ट्रेटी जांच एडीएम प्रशासन मुनींद्रनाथ उपाध्याय को दी गई थी। इस मामले में एडीएम ने बीएचयू में कैंप लगाकर छात्रों के बयान लिए थे।
छात्राओं ने लाठीचार्ज की सीडी भी सौंपी थी। पुलिसवालों के भी बयान लिए गए। जांच अधिकारी एडीएम प्रशासन का कहना है कि नगर निकाय चुनाव की वजह से जांच पूरी नहीं हो पाई है। चुनाव बाद जांच पूरी कर रिपोर्ट डीएम योगेश्वर राम मिश्र को दी जाएगी।
चार दिन बाद खत्म हो जाएगा प्रो. त्रिपाठी का कार्यकाल
bhu vc
आगामी 27 नवंबर को काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। कार्यकाल पूरा होने को महज चार दिन रह गए हैं लेकिन अब तक न तो कुलपति के नाम पर मुहर लग सकी है और ना रेक्टर की ही तैनाती हो पाई है।
कुलपति के नाम पर भी अब तक तो कोई चर्चा भी नहीं है, रेक्टर के नाम की भी कोई सुगबुगाहट नहीं है। रेक्टर के लिए अब तक कुलसचिव की ओर से नाम भी प्रस्तावित नहीं किए हैं। फिलहाल अब तो प्रो. त्रिपाठी के लौटने की उम्मीद भी खत्म हो चुकी है।
कैंपस में नए कुलपति को लेकर जितनी अटकलें लगाई जा रही हैं, उतनी ही शिद्दत से लोग कुलपति के नाम का इंतजार कर रहे हैं। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के नए कुलपति की नियुक्ति के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कवायद तो तेज कीं लेकिन अब तक कुलपति की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
कुलपति पद के लिए आए आवेदनों में से योग्य कुलपति की तलाश के लिए केंद्र सरकार ने विजय केलकर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया, बावजूद इसके नियुक्ति प्रक्रिया में विलंब हो रहा है।
उधर चर्चा है कि अब जब कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी का कार्यकाल पूरा होने में महज चार दिन का वक्त रह गया है। माना जा रहा है कि कुलपति की नियुक्ति होने तक कुलसचिव को ही प्रभार दिया जाएगा।
जानकारों की मानें तो कुलपति का कार्यकाल पूरा होने पर कुलसचिव को ही प्रभार दिया जाता है। रही बात रेक्टर की नियुक्ति की तो अब तक बतौर कार्यकारिणी के सदस्य सचिव कुलसचिव ने अब तक रेक्टर के लिए नाम भी प्रस्तावित नहीं किया है।
कुलपति के नाम पर भी अब तक तो कोई चर्चा भी नहीं है, रेक्टर के नाम की भी कोई सुगबुगाहट नहीं है। रेक्टर के लिए अब तक कुलसचिव की ओर से नाम भी प्रस्तावित नहीं किए हैं। फिलहाल अब तो प्रो. त्रिपाठी के लौटने की उम्मीद भी खत्म हो चुकी है।
कैंपस में नए कुलपति को लेकर जितनी अटकलें लगाई जा रही हैं, उतनी ही शिद्दत से लोग कुलपति के नाम का इंतजार कर रहे हैं। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के नए कुलपति की नियुक्ति के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कवायद तो तेज कीं लेकिन अब तक कुलपति की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
कुलपति पद के लिए आए आवेदनों में से योग्य कुलपति की तलाश के लिए केंद्र सरकार ने विजय केलकर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया, बावजूद इसके नियुक्ति प्रक्रिया में विलंब हो रहा है।
उधर चर्चा है कि अब जब कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी का कार्यकाल पूरा होने में महज चार दिन का वक्त रह गया है। माना जा रहा है कि कुलपति की नियुक्ति होने तक कुलसचिव को ही प्रभार दिया जाएगा।
जानकारों की मानें तो कुलपति का कार्यकाल पूरा होने पर कुलसचिव को ही प्रभार दिया जाता है। रही बात रेक्टर की नियुक्ति की तो अब तक बतौर कार्यकारिणी के सदस्य सचिव कुलसचिव ने अब तक रेक्टर के लिए नाम भी प्रस्तावित नहीं किया है।
अब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल सका
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छेड़खानी को लेकर बीएचयू में हुए बवाल को दो महीने गुजर गए लेकिन अब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल सका। प्रशासन स्तर पर अब तक जांच ही चल रही है। हालांकि इस घटना के बाद कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त जरूर कर दिया गया है।
कैंपस में जहां 65 सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं, वहीं महिला छात्रावासों पर भी सुरक्षा चाक चौबंद कर दी गई है। त्रिवेणी संकुल, नवीन हास्टल के पास बैरिकेडिंग की व्यवस्था कर दी गई है जिससे कि शाम छह बजे के बाद हास्टल के आसपास वाहन न आने जाने पाए और कोई अप्रिय घटना न घटे।
एमएमवी की ओर भी शाम छह बजे के बाद बैरिकेडिंग कर दी जाती है। प्राक्टोरियल बोर्ड से लेकर महिला शिकायत प्रकोष्ठ को नए सिरे से गठन से उसे और सुदृढ़ कर दिया गया है। शिकायत के लिए व्हाट्सएप नंबर भी जारी कर दिया गया।
कैंपस में जहां 65 सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं, वहीं महिला छात्रावासों पर भी सुरक्षा चाक चौबंद कर दी गई है। त्रिवेणी संकुल, नवीन हास्टल के पास बैरिकेडिंग की व्यवस्था कर दी गई है जिससे कि शाम छह बजे के बाद हास्टल के आसपास वाहन न आने जाने पाए और कोई अप्रिय घटना न घटे।
एमएमवी की ओर भी शाम छह बजे के बाद बैरिकेडिंग कर दी जाती है। प्राक्टोरियल बोर्ड से लेकर महिला शिकायत प्रकोष्ठ को नए सिरे से गठन से उसे और सुदृढ़ कर दिया गया है। शिकायत के लिए व्हाट्सएप नंबर भी जारी कर दिया गया।