बीएचयू: अस्पताल में एंबुलेंस से कागजों के बंडल ढो रहे, स्ट्रेचर पर दवाइयां; व्यवस्था पर उठने लगे सवाल
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में एंबुलेंस से मरीजों के बजाय कागजों के बंडल और स्ट्रेचर पर दवाइयां ढोने का मामला सामने आया। पर्चा काउंटर के पास 50 से अधिक पैकेट उतारे गए। घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था और एंबुलेंस के उपयोग को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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बीएचयू अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज, सुविधाएं मुहैया कराने का दावा तो किया जा रहा है लेकिन हकीकत कुछ और है। मंगलवार को अस्पताल की जिस एंबुलेंस को मरीजों की सेवा के लिए लगाया जाना चाहिए, उससे कागजों के बंडल ढोए जा रहे थे।
स्ट्रेचर पर दवाइयों से भरा गत्ता रखकर एक विभाग से दूसरे विभाग तक ले जाया जा रहा है। बीएचयू अस्पताल में वाराणसी के साथ ही आसपास के जिलों से हर दिन ओपीडी में 5000 से ज्यादा मरीज आते हैं। इमरजेंसी में भी 24 घंटे में करीब 200 मरीज आते हैं।
यहां आने पर बहुत से गंभीर मरीज जिनको एंबुलेंस की जरूत होती हैं, उनके लिए कागज पर एंबुलेंस सेवा तो हैं लेकिन हकीकत में इससे अस्पताल में प्रयोग होने वाले कागजों का बंडल बेधड़क ढोया जा रहा है। सोमवार की दोपहर में 1 बजे अस्पताल के पर्चा काउंटर के गेट पर एक एंबुलेंस से 50 से अधिक बंडल उतारे गए।
इसमें रखे बंडल को अस्पताल के कर्मचारी उताकर अंदर लेकर जा रहे थे। दूसरी ओर अस्पताल के जांच केंद्र के पास के गलियारे से एक स्ट्रेचर पर दवाइयों से भरा गत्ता लेकर कर्मचारी बाल रोग विभाग के सामने से होते हुए सड़क से लेकर जाते नजर आए।
किस परिस्थिति में एंबुलेंस का उपयोग कागजों का बंडल ढोने में किया जा रहा है और स्ट्रेचर से दवाइयों को विभागों में पहुंचाया जा रहा है, इस बारे में चिकित्साधीक्षक से बात की जाएगी। यह सुनिश्चित कराया जाएगा कि इस तरह का कार्य दोबारा न किया जाए। मरीजों को सभी सुविधाओं का लाभ दिलाने की दिशा में हर संभव प्रयास किया जा रहा है। - प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस बीएचयू