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UP: भारत, जापान में प्राचीन से अब तक के संबंधों पर होगा शोध, बीएचयू और ओसाका यूनिवर्सिटी के बीच बढ़ेगा सहयोग

Tue, 01 Jul 2025 06:30 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 01 Jul 2025 06:30 PM IST
सार

Varanasi News: प्राचीन काल से लेकर वर्तमान तक भारत और जापान के संबंधों पर रिसर्च किया जाएगा। शोध को लेकर बीएचयू और जापान की ओसाका यूनिवर्सिटी के बीच सहयोग किया जाएगा। 

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BHU and Osaka University will conduct research on ancient and modern relations between India and Japan
बीएचयू और जापान की ओसाका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के प्रोफेसरों ने जापानियों को रामायण, मुगल इतिहास और राजस्थानी चित्रकला परंपरा से परिचय कराया। अब भारत जापान समेत हिंद महासागरीय क्षेत्र में आने वाले देशों में एकेडमिक गतिविधियों को बढ़ाएगा। यहां की छुपी जानकारियों को बाहर लाएगा। 

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प्राचीन काल से लेकर वर्तमान तक भारत और जापान के संबंधों पर रिसर्च किया जाएगा। इस मसले को लेकर बीएचयू और जापान की ओसाका यूनिवर्सिटी के बीच सहयोग किया जाएगा। बीएचयू भारत का आठवां और ओसाका जापान का छठा सबसे पुराना विश्वविद्यालय है।
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बीएचयू और ओसाका यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में बीएचयू के छह प्रोफेसरों ने अपना-अपना शोध पत्र भी प्रस्तुत किया। इसमें अद्वैत वेदांत, हाइकू, रामायण, मुगल इतिहास और स्वदेशी प्रतीकवाद, राजस्थानी चित्रकला परंपरा से लेकर समकालीन भारतीय कला, जापानी साहित्य,संस्कृति और भारत के साथ इसके अंतर्संबंधों को विस्तार से बताया गया। 

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हिंद महासागर की दुनिया के साहित्यिक और सांस्कृतिक इतिहास की थीम पर बीएचयू के प्रोफेसरों ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय सहयोग ने मल्टी-डिसिप्लिनरी शोध को बढ़ावा दिया है। यानी कि अलग- अलग विषयों को लेकर दुनिया भर के लोग शोध के लिए एक साथ आएंगे। बीएचयू की ओर से भारतीय सभ्यता के सुदूर-पूर्वी प्रभाव पर आगे बढ़ाने के लिए एक मंच भी बनकर तैयार हो गया है। 

बीएचयू से प्रो. प्रदोष मिश्र, प्रो. श्रद्धा सिंह, प्रो. ताबीर कलाम, डॉ. मोशर्रफ अली, डॉ. कनुप्रिया, डॉ. अब्दुस सामी और डॉ. चांदनी कुमारी ने शोध प्रस्तुत किया। पद्मश्री से सम्मानित जापानी प्रोफेसर टोमियो मिजोकामी भी रहे। इससे अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग बढ़ेगा। आयोजन की जिम्मेदारी डॉ. चांदनी और ओसाका विवि के प्रोफेसर ताकाशी मियामोतो को दी गई थी।

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