Varanasi: सपा की सराहना, भाजपा की आलोचना, चंद्रशेखर आजाद बोले- 2024 में BJP सरकार को उखाड़ फेकेंगे
संत रविदास की जयंती पर आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद वाराणसी पहुंचे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला बोला।
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संत रविदास की 646वीं जयंती समारोह में शामिल होने के लिए आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद रविवार को वाराणसी के सीरगोवर्धनपुर पहुंचे। संत रविदास की जन्मस्थली पर मत्था टेकने के बाद मीडिया से बातचीत में यूपी सरकार के कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। इसके साथ ही जातिगत जनगणना की वकालत करते हुए उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का दावा किया।
इशारों में समाजवादी पार्टी और स्वामी प्रसाद मौर्य की सराहना की। चंद्रशेखर ने किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन कहा कि धार्मिक ग्रंथ में अगर कहीं कुछ गलत लिखा है तो उसे बदलने की मांग सही है। रामचरित मानस पर विवादित टिप्पणी से संबंधित सवाल पर उन्होंने ये जवाब दिया। कहा कि अब हमारे समाज के लोग भी बीएचयू और जेएनयू जैसे संस्थानों में पढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख का आरोप सही है। देश में ऐसे कई वाकए सामने आएं हैं जब मंदिरों में जाने से रोका गया है। यूपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अनुसूचित व पिछड़ी जातियों और वंचितों को न्याय नहीं मिल रहा। इनके ऊपर कोई अपराध होता है तो पुलिस कार्रवाई नहीं करती।
जातिगत जनगणना को लेकर करेंगे बड़ा आंदोलन
हाल ही में जारी बजट पर आजाद समाज पार्टी के मुखिया ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिक्षा और स्वास्थ के बजट में कटौती की गई है। यह ठीक नहीं है। भाजपा पर हमला बोलते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि जिस दिन इस देश का बेरोजगार सड़क पर खड़ा हो जाएगा तो सरकार को उल्टे पैर भागना पड़ेगा।
कहा कि बहुत जल्द हम लोग जातिगत जनगणना को लेकर बड़ा आंदोलन करने जा रहे हैं। प्रदेश के सभी जिलों में जाकर अपने समाज को जागरूक करेंगे। 2024 में हम लोग इतनी बड़ी संख्या में लोग खड़े करेंगे कि सरकार को उखाड़ फेकेंगे।
हमारे समाज में और जागरूकता आएगी
आजाद समाज पार्टी व भीम आर्मी अध्यक्ष चंद्रशेखर रविवार सुबह समर्थकों के साथ संत रविदास की जन्मस्थली सीरगोवर्धपुर पहुंचे। संत रविदास मंदिर में शीश नवाया। इसके बाद वह संत निरंजन दास से मिले और उनका आशीर्वाद लिया। चंद्रशेखर रविदास भक्तों से भी मिले और कुशलक्षेम पूछा।
उन्होंने कहा कि हर साल संत के दरबार में हम हाजिरी लगाने आते हैं। आज मेला क्षेत्र में अपार जनसमूह उमड़ा है। सद्गुरू ने समतामूलक समाज की परिकल्पना की थी। उनकी जन्मस्थली में उमड़े जन सैलाब से यह पता चलता है कि समाज में अपने संतों, महापुरुषों के आदर्शों पर चलने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। आनेवाले समय में इस समाज में और जागरूकता आएगी।