भरत मिलाप: रामभक्तों के नयनों से बरसी 14 साल के विछोह की पीड़ा, काशी में 528वें साल हुआ ऐतिहासिक आयोजन
वाराणसी के विभिन्न स्थानों पर रामलीला का भव्य-दिव्य आयोजन हुआ तो चहुंओर जय श्रीराम का नारा गुंजायमान हो गया। दशरथ पुत्रों का मिलन देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
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Bharat Milap 2025: परे भूमि नहिं उठत उठाए। बर करि कृपासिंधु उर लाए॥ स्यामल गात रोम भए ठाढ़े। नव राजीव नयन जल बाढ़े...अर्थात भरतजी पृथ्वी पर पड़े हैं, उठाए उठते नहीं। तब कृपासिंधु श्री रामजी ने उन्हें जबरदस्ती उठाकर हृदय से लगा लिया। (उनके) सांवले शरीर पर रोएं खड़े हो गए।
नवीन कमल के समान नेत्रों में (प्रेमाश्रुओं के) जल की बाढ़ आ गई। शनिवार को श्री 108 श्री मौनी बाबा रामलीला कमेटी की ओर से 528वें साल के भरत मिलाप में राचरितमानस का दृश्य साकार हो उठा। हनुमानजी भगवान राम के आगमन का संदेश लेकर नंदीग्राम पहुंचते हैं। संदेश देने के बाद वह तुरंत नाटी इमली भरत मिलाप मैदान के लिए प्रस्थान कर जाते हैं।
भदैनी का प्रसिद्ध भरत मिलाप सम्पन्न : अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास के तत्वावधान में तुलसी घाट की प्रसिद्ध भरत मिलाप लीला शनिवार को संपन्न हुई। चारों भाइयों का मिलन देख हर किस किसी की आंखें नम हो गईं। रात्रि 10:30 बजे भरत मिलाप की लीला संपन्न हुई।
चौबेपुर की रामलीला खत्म : चौबेपुर कस्बे में प्राचीन रामलीला का समापन शनिवार को भरत मिलाप के साथ हुआ। भगवान श्रीराम और भरत के मिलन का मार्मिक दृश्य प्रस्तुत किया गया।
भाइयों का हुआ मिलन, झांकी देख लीला प्रेमी विभोर
रामनगर। रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला में शनिवार को भरत मिलाप की लीला प्रसंग का मंचन किया गया। प्रभु की अगवानी में रामनगर दुर्ग का प्रवेश द्वार भी विद्युत झालरों की रोशनी से जगमग हो उठा। रात 11 बजे रामनगर चौराहे पर पूर्वी दिशा से पुष्पक विमान पर सवार श्रीराम-सीता-लक्ष्मण वानर सेना के साथ आते हैं। पश्चिमी छोर से गुरु वशिष्ठ के साथ भरत-शत्रुघ्न व मंत्री सुमंत भी कुछ ही देर में पहुंच जाते हैं। चौराहे पर बने मंच पर भरत मिलाप की लीला झांकी सजी।
लाल व सफेद महताबी की रोशनी में दिव्य झांकी के दर्शन कर लीला प्रेमी धन्य हुए। रामलीला में रविवार को राज्याभिषेक प्रसंग की झांकी सजेगी। इससे लगी 6 अक्टूबर यानि सोमवार की भोर राज्याभिषेक की आरती की जाएगी।भोर की आरती के नाम से ख्यात झांकी अपने आप में महत्वपूर्ण है।