Bhadohi News: एपीके फाइल भेजकर मोबाइल करते थे हैक, पांच साइबर ठग गिरफ्तार; 50 लाख से अधिक की धोखाधड़ी
Bhadohi News: भदोही कोतवाली पुलिस और साइबर सेल ने एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक करने वाले पांच साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल, लैपटॉप समेत अन्य उपकरण बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह लोगों के बैंक खातों से 50 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी कर चुका है।
विस्तार
कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। साइबर ठग लोगों को एपीके फाइल भेज मोबाइल हैक करते और धोखाधड़ी से प्राप्त राशि को फर्जी म्यूल खाते में ट्रांसफर कर लेते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों पर विभिन्न राज्यों से 18 शिकायतों में 50 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप है। पुलिस ने साइबर ठगों को भदोही रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया।
एएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि भदोही कोतवाली पुलिस एनसीआरपी और जेएमआईएस पोर्टल पर चिह्नित म्यूल बैंक खातों की जांच कर रही थी। जिसमें बैंक खातों के लेनदेन, केवाईसी अभिलेख और मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया जा रहा था।
पुलिस की जांच में मो. इरफान निवासी पचभैय्या, अमन निवासी गौरियाना, गुफरान निवासी कटरा बाजार, समीर अंसारी निवासी जमुंद और सैदान अंसारी निवासी नूरेइस्माइलपुर के नाम से संचालित पांच म्यूल बैंक खाते चिह्नित हुए।
जांच में पता चचला कि इन खातों पर कुल 18 एनसीआरपी साइबर धोखाधड़ी शिकायतें दर्ज थीं। जिसमें कर्नाटक और मध्यप्रदेश के दो अभियोग भी शामिल थे। इन शिकायतों में करीब 50 लाख रुपये की धनराशि का धोखाधड़ी किया गया था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर भदोही रेलवे स्टेशन के पास से पांचों को पकड़ लिया।
इस तरह से करते थे धोखाधड़ी
एएसपी ने बताया कि अभियुक्त वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर समूह बनाकर फर्जी निवेश, कार्य आधारित कमाई और शेयर बाजार से संबंधित वेबसाइट चलाते थे। वे लोगों को कम समय में अधिक लाभ का लालच देते थे। इसके लिए एपीके फाइलें भेजते थे, मोबाइल हैक करते थे और विदेशी नंबरों से फर्जी क्यूआर या लिंक उपलब्ध कराते थे। धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को म्यूल बैंक खातों में मंगाकर एटीएम, यूपीआई और अन्य बैंकिंग माध्यमों से निकाल लिया जाता था।
पांचों अभियुक्तों को गिरफ्तार करा लिया गया है। मामले में अभी तीन वांछित है। जिसकी तलाश की जा रही है। वहीं साइबर ठगों का अन्य किन नेटवर्क से संपर्क है। इसका पता लगाया जा रहा है। - शुभम अग्रवाल, एएसपी।