वाराणसी: बालिग से नाबालिग हुआ और फिर रामनगर से फरार हो गया था बदमाश दीपक
भदोही जिले के सुरियावां में सोमवार की देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया 50 हजार का इनामी बदमाश दीपक उर्फ रवि 25 मई 2014 की रात रामनगर स्थित राजकीय बाल सुधार गृह के कर्मचारियों को चकमा देकर फरार हुआ था। दीपक के चौकाघाट स्थित जिला जेल से बाल सुधार गृह पहुंचने की कहानी भी दिलचस्प है।
दीपक कैंट थाने के गैंगेस्टर एक्ट के एक मामले में चौकाघाट स्थित जिला जेल में बंद था। जमानत पर छूट कर वह बाहर आया। इसके बाद भदोही जिले के हत्या और गैंगेस्टर एक्ट के एक मामले में वह दोबारा जिला जेल में बंद किया गया।
इन दोनों मामलों में जिला जेल में 18 माह रहने के बाद अचानक उसके अधिवक्ता उसकी कक्षा पांच की मार्कशीट न जाने कहां से ले आए और अदालत में पेश कर दी। अदालत ने दीपक को अपचारी किशोर घोषित करते हुए रामनगर स्थित बाल सुधार गृह में रखने का आदेश दिया।
बाल सुधार गृह में रखे जाते ही दीपक वहां के कर्मचारियों को चकमा देकर भाग निकला। पुलिस के अनुसार दीपक के फरार होने के लिए ही उसे बाल सुधार गृह में रखने की कवायद की गई थी। दीपक के खिलाफ वाराणसी में चार मुकदमे दर्ज हैं।
2010 में लूट का एक मुकदमा जीआरपी कैंट थाने में, 2010 में एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मुकदमा कैंट थाने में और 2010 में ही गैंगेस्टर एक्ट के तहत एक मुकदमा कैंट थाने में दर्ज किया गया था। इसके अलावा बाल सुधार गृह से भागने के आरोप में 2014 में एक मुकदमा रामनगर थाने में दर्ज किया गया था।