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डूब क्षेत्र के निवासियों की धड़कन बढ़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 13 May 2016 02:09 AM IST
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वरुणा किनारे शास्त्री घाट के समीप पाथवे निर्माण के लिए लेबल का मिलान करते इंजीनियर।
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वरुणा के डूब क्षेत्र के निवासियों की धड़कन बढ़ गई है। कारण, आज इस पर कोई फैसला हो सकता है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती डूब क्षेत्र में बने होटलों, इमारतों के खिलाफ कार्रवाई की है। उधर गरीब, मध्यम वर्ग के लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर डूब क्षेत्र की कार्रवाई में भेदभाव बरता गया तो उसका जबरदस्त विरोध होगा। कार्रवाई भेदभाव पूर्ण नहीं बल्कि एक समान होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट वरुणा कॉरिडोर का शुक्रवार को निरीक्षण करने प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन आ रहे हैं। उनके साथ प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल और आला अधिकारी लखनऊ से यहां पहुंच रहे हैं। उनके आगमन की सूचना मिलते ही वीडीए, सिंचाई विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी फाइलें को दुरुस्त करने में जुटे हैं। कमियों को छिपाने का भी पूरा बंदोबस्त किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो डूब क्षेत्र के अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के नाम पर मुख्य सचिव को अधिकारी पुरानी कार्रवाई का फोटो दिखाने की फिराक में हैं।
हाल ही में नए सिरे से कराए गए सर्वे और सीमांकन में डूब क्षेत्र में 762 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं। वीडीए के अधिकारियों ने तटवासियों से कहा है कि मुख्य सचिव के आने पर ही कार्रवाई की रणनीति तय होगी। इस बीच, डूब क्षेत्र में निर्माण पर रोक लगाने के संबंध में वीडीए ने बोर्ड भी लगा दिया है। उधर, राजस्व विभाग में भी पुराने और नए नक्शों का बंडल तैयार किया गया है ताकि निरीक्षण के समय यदि मुख्य सचिव के मांगने पर दिखाया जा सके।
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उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट वरुणा कॉरिडोर का शुक्रवार को निरीक्षण करने प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन आ रहे हैं। उनके साथ प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल और आला अधिकारी लखनऊ से यहां पहुंच रहे हैं। उनके आगमन की सूचना मिलते ही वीडीए, सिंचाई विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी फाइलें को दुरुस्त करने में जुटे हैं। कमियों को छिपाने का भी पूरा बंदोबस्त किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो डूब क्षेत्र के अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के नाम पर मुख्य सचिव को अधिकारी पुरानी कार्रवाई का फोटो दिखाने की फिराक में हैं।
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हाल ही में नए सिरे से कराए गए सर्वे और सीमांकन में डूब क्षेत्र में 762 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं। वीडीए के अधिकारियों ने तटवासियों से कहा है कि मुख्य सचिव के आने पर ही कार्रवाई की रणनीति तय होगी। इस बीच, डूब क्षेत्र में निर्माण पर रोक लगाने के संबंध में वीडीए ने बोर्ड भी लगा दिया है। उधर, राजस्व विभाग में भी पुराने और नए नक्शों का बंडल तैयार किया गया है ताकि निरीक्षण के समय यदि मुख्य सचिव के मांगने पर दिखाया जा सके।
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