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कोरोना को दी मात, अब अन्य बीमारियों परेशान
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कोरोना संक्रमण को मात देने के बाद अब लोगों को पोस्ट कोविड बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। उच्च रक्तचाप, हृदय रोग सहित फेफड़े में संक्रमण की समस्या लेकर लोग बीएचयू समेत अन्य अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। चिकित्सक बेहतर खानपान, नियमित व्यायाम और सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, कोरोना काल में अनियमित जीवनशैली, स्ट्रॉयड, दवाइयों का अधिक सेवन इसकी मुख्य वजह है।
कोरोना की पहली लहर हो या दूसरी संक्रमित होने के बाद बड़ी संख्या में लोग होम आइसोलेशन में रहे तो गंभीर मरीजों को अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ा। दूसरी लहर में ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की भी जरूरत पड़ी। रेमडेसिविर, इंजेक्शन, एंटीबायोटिक दवाओं के साथ ही स्ट्रॉयड का भी इलाज में प्रयोग किया गया। साथ ही संक्रमण कम करने के लिए ढेर सारी दवाइयां दी गईं। अब संक्रमण का खतरा तो कम हो गया है, लेकिन ढेर सारी नई बीमारियां शुरू हो गई हैं। बेचैनी, कमजोरी, बाल झड़ना, सर्दी, खांसी, आंत में सूजन, फेफड़े में संक्रमण, त्वचा संबंधी बीमारियों के साथ ही जोड़ों में भी दर्द बना है। बीएचयू अस्पताल के हृदय रोग विभाग, मेडिसिन, न्यूरोलॉजी सहित अन्य विभागों को मिलाकर हर दिन 20 से 25 मरीज आ रहे हैं। जिन्हें पहले कोरोना हुआ था और अब वह अलग-अलग बीमारियों से परेशान हैं। उधर, मंडलीय अस्पताल के चेस्ट फिजिशियन की ओपीडी में इंफेक्शन सहित अन्य ओपीडी में 50 से 60 मरीज आ रहे हैं।
कोरोना को मात देने के बाद ओपीडी में ब्लड प्रेशर बढ़ने, नींद न आने, बेचैनी, हृदय रोग संबंधी अन्य समस्या लेकर मरीज आ रहे हैं। ऐसे मरीजों के साथ ही परिजनों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
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- प्रो. ओमशंकर, हृदय रोग विशेषज्ञ, बीएचयू
पोस्ट कोविड में चेस्ट इंफेक्शन, ब्लड प्रेशर की समस्या के साथ ही बहुत से लोग जोड़ों में दर्द और कमजोरी की समस्या लेकर आ रहे हैं। इसकी वजह अस्पताल में भर्ती होने के दौरान स्ट्रॉयड और एंटीबायोटिक का सेवन है। ऐसे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
- डॉ. आरके शर्मा, चेस्ट फिजिशियन, मंडलीय अस्पताल
पोस्ट कोविड में सांस संबंधी मरीज अधिक आ रहे हैं। कुछ शुगर की समस्या से भी ग्रसित हैं। शिरशादी काढ़ा, आयुष काढ़ा, अमृतादी काढ़े का सेवन डॉक्टर की सलाह से लेनी चाहिए। शुगर पर नियंत्रण के लिए आयुर्वेदिक औषधियां कारगर हैं।
-डॉ. अजय कुमार गुप्त, कायचिकित्सा विभाग, राजकीय आयुर्वेद कॉलेज
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कोरोना की पहली लहर हो या दूसरी संक्रमित होने के बाद बड़ी संख्या में लोग होम आइसोलेशन में रहे तो गंभीर मरीजों को अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ा। दूसरी लहर में ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की भी जरूरत पड़ी। रेमडेसिविर, इंजेक्शन, एंटीबायोटिक दवाओं के साथ ही स्ट्रॉयड का भी इलाज में प्रयोग किया गया। साथ ही संक्रमण कम करने के लिए ढेर सारी दवाइयां दी गईं। अब संक्रमण का खतरा तो कम हो गया है, लेकिन ढेर सारी नई बीमारियां शुरू हो गई हैं। बेचैनी, कमजोरी, बाल झड़ना, सर्दी, खांसी, आंत में सूजन, फेफड़े में संक्रमण, त्वचा संबंधी बीमारियों के साथ ही जोड़ों में भी दर्द बना है। बीएचयू अस्पताल के हृदय रोग विभाग, मेडिसिन, न्यूरोलॉजी सहित अन्य विभागों को मिलाकर हर दिन 20 से 25 मरीज आ रहे हैं। जिन्हें पहले कोरोना हुआ था और अब वह अलग-अलग बीमारियों से परेशान हैं। उधर, मंडलीय अस्पताल के चेस्ट फिजिशियन की ओपीडी में इंफेक्शन सहित अन्य ओपीडी में 50 से 60 मरीज आ रहे हैं।
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कोरोना को मात देने के बाद ओपीडी में ब्लड प्रेशर बढ़ने, नींद न आने, बेचैनी, हृदय रोग संबंधी अन्य समस्या लेकर मरीज आ रहे हैं। ऐसे मरीजों के साथ ही परिजनों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
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- प्रो. ओमशंकर, हृदय रोग विशेषज्ञ, बीएचयू
पोस्ट कोविड में चेस्ट इंफेक्शन, ब्लड प्रेशर की समस्या के साथ ही बहुत से लोग जोड़ों में दर्द और कमजोरी की समस्या लेकर आ रहे हैं। इसकी वजह अस्पताल में भर्ती होने के दौरान स्ट्रॉयड और एंटीबायोटिक का सेवन है। ऐसे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
- डॉ. आरके शर्मा, चेस्ट फिजिशियन, मंडलीय अस्पताल
पोस्ट कोविड में सांस संबंधी मरीज अधिक आ रहे हैं। कुछ शुगर की समस्या से भी ग्रसित हैं। शिरशादी काढ़ा, आयुष काढ़ा, अमृतादी काढ़े का सेवन डॉक्टर की सलाह से लेनी चाहिए। शुगर पर नियंत्रण के लिए आयुर्वेदिक औषधियां कारगर हैं।
-डॉ. अजय कुमार गुप्त, कायचिकित्सा विभाग, राजकीय आयुर्वेद कॉलेज