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वित्तीय वर्ष 2021-22: बरेका ने 100वां रेल इंजन देश को किया समर्पित, खींच सकता है छह हजार टन की मालगाड़ी
Sat, 31 Jul 2021 06:16 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Sat, 31 Jul 2021 06:16 PM IST
सार
हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इंजन में रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम होने से 15 से 20 प्रतिशत ऊर्जा की बचत हो सकेगी।
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हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) की महाप्रबंधक अंजली गोयल की उपस्थिति में शनिवार को न्यू लोको टेस्ट शॉप में वित्तीय वर्ष 2021-22 में निर्मित 100वें रेल इंजन डब्ल्यूएजी9एचसी को स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा पूजन के बाद हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित किया। यह रेल इंजन छह हजार अश्वशक्ति का मालवाहक विद्युत लोको छह हजार टन की मालगाड़ी को अकेले खींच सकता है।
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इसमें लगे रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम की वजह से 15 से 20 प्रतिशत ऊर्जा की बचत भी होगी। इसकी अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसमें चालक की सुविधा के लिए चालक कक्ष को पूरी तरह से वातानुकूलित बनाया गया है। यह रेल इंजन पूर्व रेलवे के आसनसोल विद्युत लोको शेड को भेजा गया।
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महाप्रबंधक ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान के लिए 100वें रेल इंजन का अपने साथ मेडिकल टीम को हरी झंडी दिखाने का अवसर दिया। साथ ही कोरोना नियमों का पालन करते हुए उत्पादन जारी रखने के लिए बरेका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बरेका के 25 फीसदी कर्मचारी कोरोना की दूसरी लहर में गंभीर रूप से प्रभावित हुए, बावजूद इसके 50 प्रतिशत कर्मचारियों ने इस कार्य को पूरा किया है।
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इंजन निर्माण में 98 प्रतिशत स्वेदशी उपकरणों का प्रयोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान में इन इंजनों के निर्माण में लगभग 98 प्रतिशत स्वदेशी उपकरणों का प्रयोग हुआ है। इससे एमएसएमई और घरेलू विनिर्माण क्षेत्र को काफी सहायता मिल रही है।