बनारस लिट फेस्ट: गंगा आरती, ऋतेश्वर महाराज के आशीर्वचन से शुरू होगा आयोजन; अनुपम खेर-डीवाई चंद्रचूड़ होंगे खास
Banaras Lit Fest: 29 जनवरी को फ्यूजन बैंड के तहत अमेरिका, बुल्गारिया, स्वीडन और भारत के कलाकार प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही बनारस के चार कलाकार भारत के 10 राज्यों के लोकगीतों का इतिहास बताएंगे और लोकगीतों की प्रस्तुति देंगे।
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Varanasi News: बनारस लिट फेस्ट का चौथा संस्करण इस बार तीन नहीं, चार दिनों का होगा। लिट फेस्ट की शुरुआत 29 जनवरी को अस्सी घाट पर गंगा आरती, सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज के प्रवचन और फ्यूजन बैंड की प्रस्तुति से होगी। इस उत्सव में देश-विदेश से 250 से अधिक लेखक, कवि, कलाकार, विचारक, पत्रकार, शिक्षाविद् एवं सांस्कृतिक प्रतिनिधि सहभागिता करेंगे। कविता, कथा, कथेतर, आलोचना, नाटक, सिनेमा, पत्रकारिता और सांस्कृतिक विमर्श होंगे।
यह जानकारी आयोजन समिति के अध्यक्ष और सनबीम समूह के चेयरमैन दीपक मधोक ने शनिवार को बनारस क्लब में दी। उन्होंने बताया कि नव भारत निर्माण समिति एवं बनारस लिट फेस्ट की ओर से होने वाले इस आयोजन में 25 हजार बुकमार्क का विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा। इसे आठ पुस्तकों का स्वरूप दिया जाएगा।
30 जनवरी से होटल ताज में मुख्य आयोजन शुरू होंगे और विश्व रिकॉर्ड के लिए तैयार बुकमार्क का डिस्प्ले किया जाएगा। काशी साहित्य-कला उत्सव केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं, बल्कि भाषा, समाज, कला, संगीत, लोक-परंपरा, शास्त्रीय चेतना, विचार, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और समकालीन विमर्श का उत्सव है।
उन्होंने कहा कि वास्तविक अर्थों में बनारस ही आयोजक है।
चल रही तैयारी
डॉ. मधोक ने बताया कि हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी सहित भारतीय भाषाओं का व्यापक प्रतिनिधित्व होगा। इसके साथ ही लोक एवं शास्त्रीय संगीत, नृत्य, नाट्य एवं दृश्य-कला प्रस्तुतियां, युवाओं के नए विचारों, एआई, विज्ञान, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों पर केंद्रित विशेष सत्र होंगे।
आयोजन समिति के सचिव बृजेश सिंह ने कहा कि काशी की ज्ञान-विद्या-साहित्य परंपरा मूलतः संवाद, सहिष्णुता और सृजनात्मकता की परंपरा रही है। बनारस लिट फेस्ट उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साहित्य और संस्कृति के माध्यम से समाज, समय और सभ्यता से संवाद स्थापित करता है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों का समावेशी, संवादधर्मी आयोजन है।
कलाकार एवं छायाकार: मनीष पुष्कले, अखिलेश, डॉ. गोपाल प्रसाद, डॉ. एसएम मूर्ति, एस. प्रणाम सिंह, डॉ. सुनील कुमार, प्रो. विजय सिंह एवं अन्य अनेक ख्यात चित्रकार, कलाकार, छायाकार एवं शिल्पकार।
इसके साथ पूर्वांचल और देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े अनेक वरिष्ठ एवं युवा रचनाकार, लोक-कलाकार, रंगकर्मी और नवोदित प्रतिभाएं भी मंच साझा करेंगी। अवधेश प्रधान, व्योमेश शुक्ल, श्रीप्रकाश शुक्ल, प्रभात मिश्र और अनेक स्थानीय लेखक भी भाग लेंगे।
काव्य एवं सांस्कृतिक सत्र: कविता का कोलाज, काव्य-कलश, बहुभाषी कविता सत्र, कवि-सम्मेलन-मुशायरा, भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोक-संगीत, कथक, फ्यूजन प्रस्तुतियां, म्यूजिकल बैंड संगीत, नृत्य एवं रंगमंच।
शशि थरूर और डीवाई चंद्रचूड़ भी आएंगे लिट फेस्ट में
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर, पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी, विचारक राकेश सिन्हा, पुरुषोत्तम अग्रवाल, पूर्व आईएएस अमिताभ कांत, लेखिका अरुंधति भट्टाचार्य, बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन, राज्यसभा सांसद रविशंकर प्रसाद, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और साहित्यकार प्रो. सदानंद शाही भी आएंगे।
ये होंगे प्रमुख लोग... पीयूष मिश्रा, अशोक वाजपेयी, अनुपम खेर, दमोदर मौजो, डैन मॉरिसन, मालिनी अवस्थी, पुलेला गोपीचंद, निरंजन गोस्वामी (पद्मश्री), अरुण कमल, गगन गिल, ममता कालिया, बद्री नारायण, ललित उपाध्याय (ओलंपियन), डॉ. सत्यजीत प्रधान, डॉ. नवीन खत्री, डॉ. गिरीश रामभाटलाले।