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बलिया डीएम झुके पर बसपाइयों के तेवर अब सख्त
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बलिया। पिछले दिनों प्राथमिक विद्यालय रामपुर नंबर एक में एमडीएम खिलाने में भेदभाव की जांच करने के दौरान बसपा नेता पर की गई टिप्पणी के लिए डीएम भवानी सिंह खंगरौत ने माफी मांग ली है लेकिन सोशल मीडिया पर आरोप -प्रत्यारोप का दौर मंगलवार को भी नहीं थमा। बसपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि डीएम अब भी मनुवादी सोच से घिरे हुए हैं।
हालांकि डीएम के माफी मांगने के बाद अब बड़ी संख्या में लोग उनके पक्ष में भी कमेंट कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि डीएम ने सही किया और स्कूल पर राजनीति करने पहुंचे बसपा नेताओं को यही जवाब दिया जाना चाहिए था। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि मामले की जांच से पहले ही इसे जातिगत रूप देने का प्रयास किया गया, जो गलत था। बसपा नेताओं पर तंज कसने वालों की कमी नहीं थी। कई लोगों ने डीएम के ट्वीट पर रीट्ीवट कर लिखा कि यदि कहीं सच में भेदभाव हो रहा हो तो वह गलत है पर इसके पूर्व मामले की जांच पूरी हो जाने देना चाहिए था।
उधर, बसपा जिला अध्यक्ष संतोष राम ने कहा कि डीएम ने भले ही माफी मांग ली हो पर क्या वह अपने मनुवादी विचारधारा से बाहर आ सके हैं। माफी उनकी तब मानी जाएगी जब वह सभी के लिए एक समान दृष्टिकोण से सोचें और बात करें।
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दुख है कि कुछ लोग आपस की बातों को पूरे वर्ग से जोड़ देते हैं: डीएम
डीएम भवानी सिंह खंगरौत ने कहा कि इस पूरे मामले को इस तरह उठाया गया जैसे मैं किसी जाति या वर्ग के खिलाफ हूं। मैंने माफी इसलिए मांगी कि इस मामले को एक पूरे वर्ग ने अपनी अस्मिता का प्रश्न बना लिया। उनकी भावनाओं का ख्याल रखते हुए एक जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में मैंने माफी मांग ली। मुझे दुख है कि कुछ लोग आपस की बातों को पूरे वर्ग से जोड़ देते हैं और लोग इससे आहत हो जाते हैं। हमें अपनी सोच को बदलना होगा।
कुछ प्रमुख लोगों के ट्वीट
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मेरे हिसाब से आपने जो किया सही था लेकिन आपके द्वारा इतनी विनम्रता से माफी मांगना भी बहुत अच्छा लगा। इसके साथ ही जिस व्यक्ति को आपकी से बात ठेस पहुंची हो, उनको भी उदारता के साथ पद की गरिमा का ख्याल रखते हुए माफ कर देना चाहिए। - मनीष
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सर! आपको माफ़ी नहीं मांगनी चाहिए। क्योंकि आपके पद की गरिमा कुछ और है। वो नेता जो बिना पढ़े लिखे हैं, उनसे माफी मांगी आपने। बहुत बुरा लग रहा है। हमें आपके ऊपर गर्व है। जय हिंद जय भारत। - शिवदास गुप्ता
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जिलाधिकारी महोदय प्रणाम, आपकी भावनाओं का सम्मान है पर जिस तरीके से आपने उस दिन व्यवहार किया, वह कोई सामान्य घटना नहीं थी। आपने अपनी अपरिपक्वता का परिचय दिया । दीपक
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आपकी बात कहीं से गलत नहीं थी। फिर भी आपका माफी मांगना बड़प्पन है। एक सम्मानित पद की इज्जत होनी ही चाहिए। -वरुण सिंह
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सर! आप ने कोई गलत नहीं बोला। ये नेता खुद जाति के नाम पर राजनीति कर रहा है। आपने उसको हकीकत बोला है। सच बोलना कोई पर्सनल कंमेट नहीं होता है। रजनीश राजपूत
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हालांकि डीएम के माफी मांगने के बाद अब बड़ी संख्या में लोग उनके पक्ष में भी कमेंट कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि डीएम ने सही किया और स्कूल पर राजनीति करने पहुंचे बसपा नेताओं को यही जवाब दिया जाना चाहिए था। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि मामले की जांच से पहले ही इसे जातिगत रूप देने का प्रयास किया गया, जो गलत था। बसपा नेताओं पर तंज कसने वालों की कमी नहीं थी। कई लोगों ने डीएम के ट्वीट पर रीट्ीवट कर लिखा कि यदि कहीं सच में भेदभाव हो रहा हो तो वह गलत है पर इसके पूर्व मामले की जांच पूरी हो जाने देना चाहिए था।
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उधर, बसपा जिला अध्यक्ष संतोष राम ने कहा कि डीएम ने भले ही माफी मांग ली हो पर क्या वह अपने मनुवादी विचारधारा से बाहर आ सके हैं। माफी उनकी तब मानी जाएगी जब वह सभी के लिए एक समान दृष्टिकोण से सोचें और बात करें।
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दुख है कि कुछ लोग आपस की बातों को पूरे वर्ग से जोड़ देते हैं: डीएम
डीएम भवानी सिंह खंगरौत ने कहा कि इस पूरे मामले को इस तरह उठाया गया जैसे मैं किसी जाति या वर्ग के खिलाफ हूं। मैंने माफी इसलिए मांगी कि इस मामले को एक पूरे वर्ग ने अपनी अस्मिता का प्रश्न बना लिया। उनकी भावनाओं का ख्याल रखते हुए एक जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में मैंने माफी मांग ली। मुझे दुख है कि कुछ लोग आपस की बातों को पूरे वर्ग से जोड़ देते हैं और लोग इससे आहत हो जाते हैं। हमें अपनी सोच को बदलना होगा।
कुछ प्रमुख लोगों के ट्वीट
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मेरे हिसाब से आपने जो किया सही था लेकिन आपके द्वारा इतनी विनम्रता से माफी मांगना भी बहुत अच्छा लगा। इसके साथ ही जिस व्यक्ति को आपकी से बात ठेस पहुंची हो, उनको भी उदारता के साथ पद की गरिमा का ख्याल रखते हुए माफ कर देना चाहिए। - मनीष
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सर! आपको माफ़ी नहीं मांगनी चाहिए। क्योंकि आपके पद की गरिमा कुछ और है। वो नेता जो बिना पढ़े लिखे हैं, उनसे माफी मांगी आपने। बहुत बुरा लग रहा है। हमें आपके ऊपर गर्व है। जय हिंद जय भारत। - शिवदास गुप्ता
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जिलाधिकारी महोदय प्रणाम, आपकी भावनाओं का सम्मान है पर जिस तरीके से आपने उस दिन व्यवहार किया, वह कोई सामान्य घटना नहीं थी। आपने अपनी अपरिपक्वता का परिचय दिया । दीपक
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आपकी बात कहीं से गलत नहीं थी। फिर भी आपका माफी मांगना बड़प्पन है। एक सम्मानित पद की इज्जत होनी ही चाहिए। -वरुण सिंह
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सर! आप ने कोई गलत नहीं बोला। ये नेता खुद जाति के नाम पर राजनीति कर रहा है। आपने उसको हकीकत बोला है। सच बोलना कोई पर्सनल कंमेट नहीं होता है। रजनीश राजपूत
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