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बलिया में वन विभाग के दारोगा को भाजपा विधायक और समर्थकों ने जमकर पीटा
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Sat, 07 Oct 2017 02:09 PM IST
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धरने पर बैठे विदायक और घायल दारोगा
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के बलिया में गुरुवार की देर रात वन विभाग के कर्मचारियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाकर बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह एवं उनके समर्थकों ने जमकर पीटा। इसके चलते वन दारोगा का बायां पैर फ्रैक्चर हो गया। वन दारोगा ने बताया कि बलिया से जिप्सी से आये वनकर्मियों व जिप्सी के ड्राइवर अनिल कुमार सिंह से भी विधायक समर्थकों ने पीटा।
लोगों ने वन दरोगा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़ित दारोगा ने कहा कि थाने में केस दर्ज नहीं होगा तो वह कोर्ट की शरण में जाएगा। वहीं, विधायक ने आरोप निराधार बताये। उन्होंने वन दारोगा और कर्मचारियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की मांग को लेकर वन विभाग कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया है।
विधायक ने चेतावनी दी कि वन दरोगा पर कार्रवाई नहीं हुई तो शनिवार से अनशन शुरू कर दिया जाएगा। पीड़ित वन दारोगा संतोष कुमार ने बताया कि वह अपने विभाग के चालक रघुपति राम के साथ चिरैया मोड़ के पास रात के करीब नौ बजे बैठे थे। तभी बैरिया विधायक अपने समर्थकों के साथ पहुंचे, जहां चालक से विधायक ने नाम पूछा और फिर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए बदसलूकी की।
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इसके बाद समर्थकों ने मारपीट की। मैंने विरोध किया तो विधायक ने अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए मेरे साथ भी बदसलूकी की और समर्थकों व कार्यकर्ताओं के साथ पीटा। उधर, जिला मुख्यालय से जिप्सी से ड्यूटी पर आ रहे वनकर्मियों व चालक अनिल कुमार सिंह भी वहां पहुंचे तो विधायक समर्थकों ने उन्हें भी पीट कर वापस लौटा दिया।
संतोष ने बताया कि समर्थकों ने थाने पर तहरीर देने जाते समय भी रोका। जिसके बाद साथियों ने देर रात जिला अस्पताल पहुंचाया। वन दारोगा ने आरोप लगाया कि विधायक के संरक्षण में ही क्षेत्र में लाल बालू का खेल चलता है। उनके ही समर्थक व कार्यकर्ता बिहार से लाल बालू लाने का काम करते है।
दूसरी तरफ वन विभाग कार्यालय के प्रांगण में बैरिया विधायक के धरने पर बैठने की सूचना मिलने पर तहसीलदार शशिकांत मणि व सीओ उमेश कुमार यादव मौके पर पहुंचे औकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन विधायक नहीं माने। उनका धरना समाचार लिखे जाने तक जारी रहा।
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लोगों ने वन दरोगा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़ित दारोगा ने कहा कि थाने में केस दर्ज नहीं होगा तो वह कोर्ट की शरण में जाएगा। वहीं, विधायक ने आरोप निराधार बताये। उन्होंने वन दारोगा और कर्मचारियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की मांग को लेकर वन विभाग कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया है।
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विधायक ने चेतावनी दी कि वन दरोगा पर कार्रवाई नहीं हुई तो शनिवार से अनशन शुरू कर दिया जाएगा। पीड़ित वन दारोगा संतोष कुमार ने बताया कि वह अपने विभाग के चालक रघुपति राम के साथ चिरैया मोड़ के पास रात के करीब नौ बजे बैठे थे। तभी बैरिया विधायक अपने समर्थकों के साथ पहुंचे, जहां चालक से विधायक ने नाम पूछा और फिर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए बदसलूकी की।
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इसके बाद समर्थकों ने मारपीट की। मैंने विरोध किया तो विधायक ने अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए मेरे साथ भी बदसलूकी की और समर्थकों व कार्यकर्ताओं के साथ पीटा। उधर, जिला मुख्यालय से जिप्सी से ड्यूटी पर आ रहे वनकर्मियों व चालक अनिल कुमार सिंह भी वहां पहुंचे तो विधायक समर्थकों ने उन्हें भी पीट कर वापस लौटा दिया।
संतोष ने बताया कि समर्थकों ने थाने पर तहरीर देने जाते समय भी रोका। जिसके बाद साथियों ने देर रात जिला अस्पताल पहुंचाया। वन दारोगा ने आरोप लगाया कि विधायक के संरक्षण में ही क्षेत्र में लाल बालू का खेल चलता है। उनके ही समर्थक व कार्यकर्ता बिहार से लाल बालू लाने का काम करते है।
दूसरी तरफ वन विभाग कार्यालय के प्रांगण में बैरिया विधायक के धरने पर बैठने की सूचना मिलने पर तहसीलदार शशिकांत मणि व सीओ उमेश कुमार यादव मौके पर पहुंचे औकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन विधायक नहीं माने। उनका धरना समाचार लिखे जाने तक जारी रहा।
आरोप लगा तो धरने पर बैठे विधायक जी
धरने पर बैठे बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि गुरुवार की रात रानीगंज बाजार में आयोजित एक कार्यक्रम से वह घर लौट रहे थे। चिरैया मोड़ पर वन विभाग के और कुछ प्राइवेट लोग बालू के ट्रक से वसूली कर रहे थे।
जब कार्यकर्ताओं से पूछताछ करवाई तो वह कार्यकर्ताओं से धक्का-मुक्की करने लगे। जब मैं गाड़ी से उतरा तो भाग खड़े हुए। उसके बाद क्या हुआ, यह नहीं मालूम। विधायक ने कहा कि जब माझी में वन विभाग का चेक पोस्ट है तो चिरइया मोड़ पर या कहीं खड़े होकर वसूली क्यों की जा रही है।
यहां खनन विभाग, पुलिस व वन विभाग की मिलीभगत से लाल बालू का अवैध धंधा चल रहा है। यह मैं किसी भी सूरत में नहीं होने दूंगा। यहां तैनात भ्रष्टकर्मियों के निलंबन तक अनशन पर बैठा रहूंगा।
क्षेत्रीय वन अधिकारी शिलेंद्र कुमार ने बताया कि बिहार से आने वाले लाल बालू पर अविवहन शुल्क वन विभाग वसूलता है। द्वाबा क्षेत्र में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष राजस्व की वसूली अच्छी हुई है। इसलिए वहां रसीद के साथ प्रवर्तन दल की टीम को लगाया गया है, मई माह में 49 लाख रुपये राजस्व में जमा किया गया है, जबकि अप्रैल से अब तक पौने दो करोड़ रुपये राजस्व के रूप में वसूले जा चुके हैं।
जब कार्यकर्ताओं से पूछताछ करवाई तो वह कार्यकर्ताओं से धक्का-मुक्की करने लगे। जब मैं गाड़ी से उतरा तो भाग खड़े हुए। उसके बाद क्या हुआ, यह नहीं मालूम। विधायक ने कहा कि जब माझी में वन विभाग का चेक पोस्ट है तो चिरइया मोड़ पर या कहीं खड़े होकर वसूली क्यों की जा रही है।
यहां खनन विभाग, पुलिस व वन विभाग की मिलीभगत से लाल बालू का अवैध धंधा चल रहा है। यह मैं किसी भी सूरत में नहीं होने दूंगा। यहां तैनात भ्रष्टकर्मियों के निलंबन तक अनशन पर बैठा रहूंगा।
क्षेत्रीय वन अधिकारी शिलेंद्र कुमार ने बताया कि बिहार से आने वाले लाल बालू पर अविवहन शुल्क वन विभाग वसूलता है। द्वाबा क्षेत्र में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष राजस्व की वसूली अच्छी हुई है। इसलिए वहां रसीद के साथ प्रवर्तन दल की टीम को लगाया गया है, मई माह में 49 लाख रुपये राजस्व में जमा किया गया है, जबकि अप्रैल से अब तक पौने दो करोड़ रुपये राजस्व के रूप में वसूले जा चुके हैं।
'विधायक को नहीं करनी चाहिए थी मारपीट'
घायल दारोगा
- फोटो : अमर उजाला
प्रांतीय सीमावर्ती इलाका बैरिया में गुरुवार की देर रात वनकर्मियों के साथ हुई मारपीट के मामले में डीएफओ एनके सिंह ने कहा है कि क्षेत्रीय विधायक का यह आरोप है कि वनकर्मी अवैध वसूली कर रहे थे तो उन्हें या अन्य अधिकारियों को सूचित करना चाहिए था ना की मारपीट करनी चाहिए।
पिटाई से वन दारोगा का पैर टूट गया है। जिसका इलाज जिला चिकित्सालय में चल रहा है। डीएफओ ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच वह खुद कर रहे हैं। बताया कि घटना के दौरान कुछ ही देर के अंदर जिप्सी लेकर पहुंचे चालक अनिल सिंह की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
पिटाई से वन दारोगा का पैर टूट गया है। जिसका इलाज जिला चिकित्सालय में चल रहा है। डीएफओ ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच वह खुद कर रहे हैं। बताया कि घटना के दौरान कुछ ही देर के अंदर जिप्सी लेकर पहुंचे चालक अनिल सिंह की भूमिका की भी जांच की जाएगी।