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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Balak Das became the President of Kashi Dharma Parishad, the saints called for connecting the people by coming on the road to protect the religion

काशी धर्म परिषद के अध्यक्ष बने बालक दास, संतों ने धर्म रक्षा के लिए सड़क पर उतरकर लोगों को जोड़ने का आह्वान किया  

Mon, 21 Feb 2022 10:30 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 21 Feb 2022 10:30 PM IST
सार

अध्यक्षता करते हुए महंत बालक दास ने कहा कि सभी विद्यालयों, विश्वविद्यालयों में वैदिक शिक्षा को अनिवार्य बनाया जाए। वैदिक गणित व वैदिक विज्ञान को अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाए।

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Balak Das became the President of Kashi Dharma Parishad, the saints called for connecting the people by coming on the road to protect the religion
काशी धर्म परिषद का कार्यक्रम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सनातन धर्म समावेशी है, इसका घोषवाक्य दुनिया के किसी मत, पंथ, धर्म के पास नहीं है। विश्व का कल्याण हो, प्राणियों में सद्भावना हो, इससे बड़ी मानवता और सेकुलरिज्म क्या हो सकता है। उक्त बातें पातालपुरी सनातन धर्म रक्षा परिषद एवं विशाल भारत संस्थान की ओर से सोमवार को पातालपुरी मठ में काशी धर्म परिषद में वक्ताओं ने कहीं।

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परिषद में संतों ने मठों और मंदिरों के संरक्षण के लिए अलग से विभाग बनने सहित नौ प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए। पातालपुरी मठ के महंत बालक दास महाराज को काशी धर्म परिषद का अध्यक्ष घोषित किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि हम सभी भाग्यशाली हैं कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बनते हुए देख रहे हैं।

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अखंड भारत के विभिन्न देशों में रह रहे अन्य धर्मों के लोग राम और कृष्ण की संतानें हैं। यह अटल सत्य है, लेकिन कट्टरपंथी उनको जड़ों से अलग करने में लगे हैं। सनातन कभी सांप्रदायिक नहीं हो सकता, सनातन ही एकमात्र ऐसा धर्म है जो सबको लेकर चलने वाला है। संतों ने धर्म रक्षा के लिये सड़क पर उतरकर लोगों को जोड़ने का आह्वान किया।

धर्म परिषद में महंत सर्वेश्वरण शरण दास, महंत ईश्वर दास, महंत श्रवण दास, महंत राम लोचन दास, महंत सियाराम दास, महंत धनुषधारी दास, महंत अवध बिहारी दास, महंत राजाराम दास, महंत राम दास, महंत महावीर दास, महंत राघव दास, महंत उमेश दास, महंत राम किशोर दास, अनिल शास्त्री, कोतवाल मोहन दास, सोनेश्वर दास, महंत अंकित दास आदि सैकड़ों संत महंत उपस्थित रहे।

ये प्रस्ताव पारित हुए

अध्यक्षता करते हुए महंत बालक दास ने कहा कि सभी विद्यालयों, विश्वविद्यालयों में वैदिक शिक्षा को अनिवार्य बनाया जाए। वैदिक गणित व वैदिक विज्ञान को अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाए। मठों और मंदिरों के संरक्षण के लिए अलग से विभाग बने। आक्रमणकारियों द्वारा तोड़े गए मंदिरों का पुनर्निर्माण किया जाए।

वैदिक विद्यालयों को अनवरत शिक्षा दे रहे मठों को अनुदान दिया जाए। इसके साथ ही विश्वनाथ कॉरिडोर एवं श्रीराम जन्मभूमि निर्माण को पूर्ण समर्थन दिया गया, धर्मांतरण पर रोक लगे, इस्लामी कट्टरपंथ को रोका जाए। गांव-गांव में रामपंथ द्वारा बनवाए जा रहे श्रीराम परिवार मंदिर को काशी धर्म परिषद का समर्थन और मान्यता के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किए गए। 

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