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Varanasi News: नदेसर से गायब बाहुबली ढाई माह बाद मिला कोलकाता में
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नदेसर से अगवा हुआ एक साल का बाहुबली ढाई महीने बाद कोलकाता में मिला। बाहुबली को बच्चों को अगवा कर बेचने वाले अंतरप्रांतीय गिरोह ने साढ़े तीन लाख रुपये में बेचा था। बच्चे को खरीदने वाले कोलकाता निवासी नंदलाल और मध्यस्थ झारखंड के कोडरमा के रहने वाले कुलदीप पासवान को ट्रांजिट रिमांड पर कमिश्नरेट की पुलिस वाराणसी लेकर आ रही है।
नदेसर क्षेत्र में सड़क किनारे रहने वाले तपन कुमार और शिखा का बेटा बाहुबली बीते 30 अप्रैल की रात गायब हो गया था। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं लगा। इसके बाद 14 मई की रात रवींद्रपुरी क्षेत्र के रामचंद्र शुक्ल चौराहे पर सड़क किनारे रहने वाले परिवार का चार वर्षीय बच्चा गायब हुआ। पुलिस ने एक बार फिर तफ्तीश शुरू की तो सामने आया कि शिवदासपुर क्षेत्र की शिखा मोदनवाल बच्चा अगवा कर बेचने वाले अंतरप्रांतीय गिरोह की पूर्वांचल की मास्टरमाइंड है। शिखा के कहने पर उसका पति संजय मोदनवाल और शिवदासपुर क्षेत्र का विनय मिश्रा, संतोष गुप्ता व उसका बेटा शिवम वाराणसी से बच्चों को अगवा कर अंतरप्रांतीय गिरोह को सौंपते हैं। इसके बाद पुलिस ने वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज से अगवा पांच बच्चों को बरामद कर झारखंड और राजस्थान से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर नदेसर से अगवा हुए बाहुबली की खोजबीन के लिए डीसीपी वरुणा जोन अमित कुमार ने फुलवरिया चौकी प्रभारी सौरभ पांडेय के नेतृत्व में दरोगा वैभव शुक्ला और कांस्टेबल अनुज कुशवाहा की टीम गठित की। सर्विलांस की मदद से पुलिस टीम नंदलाल और कुलदीप के पास पहुंची। बाहुबली को बरामद कर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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वाराणसी से झारखंड ले जाया गया था बाहुबली
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि शिखा मोदनवाल के कहने पर बाहुबली को संतोष, विनय और शिवम ने अगवा किया था। बच्चे को अगवा कर तीनों उसे शिखा मोदनवाल के पास ले गए। शिखा ने बच्चे को झारखंड के हजारीबाग जिले के कटमकम सांडी थाना के लुपुंग की रहने वाली और तिलैया कोडरमा स्थित एक नर्सिंगहोम में नर्स का काम करने वाली अनुराधा देवी को दिया। अनुराधा देवी के नर्सिंगहोम में कुलदीप पासवान अपनी पत्नी का उपचार कराता था। अनुराधा ने कुलदीप को कहा कि किसी को बच्चा चाहिए तो बताना। कुलदीप ने लड़के के लिए लालायित अपने परिचित नंदलाल को यह बात बताई तो वह तैयार हो गया। अनुराधा देवी ने साढ़े तीन लाख रुपये लेकर बाहुबली को नंदलाल को सौंप दिया। इसके बाद नंदलाल के घर में बाहुबली उसके बेटे के जैसे रहने लगा।
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चौकाघाट से अगवा की गई बच्ची बरामद करना बाकी
शिखा मोदनवाल ने पुलिस की पूछताछ में बताया था कि वह चौकाघाट क्षेत्र में सड़क किनारे रहने वाले एक परिवार की बच्ची को अगवा कर बेची थी। बच्ची के परिजनों ने पुलिस से शिकायत नहीं की थी। अब उसी बच्ची को बरामद करना बाकी रह गया है। शेष, हाल के महीनों में जो भी मासूम बच्चे बनारस से अगवा किए गए थे वह सभी बरामद कर लिए गए हैं।
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नदेसर क्षेत्र में सड़क किनारे रहने वाले तपन कुमार और शिखा का बेटा बाहुबली बीते 30 अप्रैल की रात गायब हो गया था। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं लगा। इसके बाद 14 मई की रात रवींद्रपुरी क्षेत्र के रामचंद्र शुक्ल चौराहे पर सड़क किनारे रहने वाले परिवार का चार वर्षीय बच्चा गायब हुआ। पुलिस ने एक बार फिर तफ्तीश शुरू की तो सामने आया कि शिवदासपुर क्षेत्र की शिखा मोदनवाल बच्चा अगवा कर बेचने वाले अंतरप्रांतीय गिरोह की पूर्वांचल की मास्टरमाइंड है। शिखा के कहने पर उसका पति संजय मोदनवाल और शिवदासपुर क्षेत्र का विनय मिश्रा, संतोष गुप्ता व उसका बेटा शिवम वाराणसी से बच्चों को अगवा कर अंतरप्रांतीय गिरोह को सौंपते हैं। इसके बाद पुलिस ने वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज से अगवा पांच बच्चों को बरामद कर झारखंड और राजस्थान से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर नदेसर से अगवा हुए बाहुबली की खोजबीन के लिए डीसीपी वरुणा जोन अमित कुमार ने फुलवरिया चौकी प्रभारी सौरभ पांडेय के नेतृत्व में दरोगा वैभव शुक्ला और कांस्टेबल अनुज कुशवाहा की टीम गठित की। सर्विलांस की मदद से पुलिस टीम नंदलाल और कुलदीप के पास पहुंची। बाहुबली को बरामद कर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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वाराणसी से झारखंड ले जाया गया था बाहुबली
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि शिखा मोदनवाल के कहने पर बाहुबली को संतोष, विनय और शिवम ने अगवा किया था। बच्चे को अगवा कर तीनों उसे शिखा मोदनवाल के पास ले गए। शिखा ने बच्चे को झारखंड के हजारीबाग जिले के कटमकम सांडी थाना के लुपुंग की रहने वाली और तिलैया कोडरमा स्थित एक नर्सिंगहोम में नर्स का काम करने वाली अनुराधा देवी को दिया। अनुराधा देवी के नर्सिंगहोम में कुलदीप पासवान अपनी पत्नी का उपचार कराता था। अनुराधा ने कुलदीप को कहा कि किसी को बच्चा चाहिए तो बताना। कुलदीप ने लड़के के लिए लालायित अपने परिचित नंदलाल को यह बात बताई तो वह तैयार हो गया। अनुराधा देवी ने साढ़े तीन लाख रुपये लेकर बाहुबली को नंदलाल को सौंप दिया। इसके बाद नंदलाल के घर में बाहुबली उसके बेटे के जैसे रहने लगा।
चौकाघाट से अगवा की गई बच्ची बरामद करना बाकी
शिखा मोदनवाल ने पुलिस की पूछताछ में बताया था कि वह चौकाघाट क्षेत्र में सड़क किनारे रहने वाले एक परिवार की बच्ची को अगवा कर बेची थी। बच्ची के परिजनों ने पुलिस से शिकायत नहीं की थी। अब उसी बच्ची को बरामद करना बाकी रह गया है। शेष, हाल के महीनों में जो भी मासूम बच्चे बनारस से अगवा किए गए थे वह सभी बरामद कर लिए गए हैं।