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बाबा विश्वनाथ के सिर्फ दर्शन, स्पर्श नहीं
ब्यूरो, वाराणसी अमर उजाला
Updated Fri, 19 Feb 2016 02:10 AM IST
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देश-दुनिया के कोने-कोने से काशी आने वाले श्रद्धालु अब बाबा विश्वनाथ को स्पर्श नहीं कर सकेंगे। गर्भगृह में बाबा के विग्रह को छूने पर रोक लगाई जाएगी।
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भक्त गर्भगृह में दर्शन करने के साथ बाबा को सिर्फ जल चढ़ा सकेंगे। चार पहर की आरती, भोग और शृंगार के दौरान बाबा विश्वनाथ की सेवा में तैनात किए जाने वाले मंदिर के अर्चकों और गर्भगृह की सफाई करने वाले सेवादारों को छोड़कर यह नियम हर किसी पर लागू होगा।
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विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन, आरती की पुरानी परंपरा की समीक्षा के क्रम में यह बात सामने आई है। पता चला है कि बाहर से आने वाले बड़े उद्योगपतियों, प्रभावशाली लोगों को बाबा के षोडसोपचार पूजन के दौरान स्पर्श करने से दो कदम आगे बढ़कर विग्रह को रगड़ने तक की छूट दे दी जाती है।
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इस दौरान यजमान मनचाही दक्षिणा देकर मंत्रोच्चार के साथ बाबा को दही, शहद, रोली, चंदन, घी से रगड़ते हैं। इससे ज्योतिर्लिंग पर असर पड़ने की भी चिंता जताई गई है।
न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी का कहना है कि बाबा के स्पर्श की परिपाटी गलत है। ज्योतिर्लिंग का सिर्फ दर्शन किया जाना चाहिए, स्पर्श नहीं।
जल्द ही ऐसी व्यवस्था कराई जाएगी कि लोग बाबा को स्पर्श न कर सकें। इसके लिए सुरक्षा घेरा मजबूत और ऊंचा किया जाएगा।