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बांग्लादेश बार्डर पर आजमगढ़ ने खोया लाल, पूरे गांव में शोक की लहर
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Thu, 13 Apr 2017 10:49 AM IST
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बीएसएफ जवान के घर पहुंचे गांव वाले
- फोटो : अमर उजाला
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बांग्लादेश बार्डर पर गश्त करते समय मंगलवार को गांव वालों की हमले से घायल हुए बीएसएफ के जवान की देर रात को मौत हो गई। बीएसएफ 36 बटालियन मालदा में उसका इलाज चल रहा था। घटना की सूचना मिलने पर परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्य मालदा के लिए रवाना हो गए।
आजमगढ़ जिले के भटौली इब्राहिमपुर गांव निवासी टेल्हूराम निगम (50) बीएसएफ 36 बटालियन मालदा पश्चिम बंगाल में तैनात थे। बताया जाता है कि टेल्हूराम मंगलवार को अपनी टीम के जवानों के साथ भारत-बांग्लादेश बार्डर पर ड्यूटी करने गए थे।
वहां गांव के कुछ शरारती तत्वों ने हमला बोल दिया। इसमें टेल्हू राम सहित अन्य जवान घायल हो गए। जवानों को बीएसएफ के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान टेल्हूराम की मौत हो गई।
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रात करीब साढ़े नौ बजे बीएसएफ मालदा में तैनात एक सीओ ने फोन कर घटना की जानकारी टेल्हूराम के घर वालों को दी तो कोहराम मच गया।
परिवार के सदस्य मौके के लिए रवाना हो गए। टेल्हूराम दो बेटी और एक बेटे के पिता थे। वह छह भाईयों में तीसरे नंबर पर थे। टेल्हूराम के बड़े भाई बनवारी घर पर खेती करते हैं। इसके बाद सुदामा बीएसएफ में अभी नौकरी कर रहे हैं।
इसके अलावा छोटा भाई विंध्याचल, सुरेश और राजेश भी बीएसएफ के जवान हैं। इसमें विंध्याचल और राजेश की पहले ही मौत हो चुकी है। टेल्हूराम की मौत से ना केवल उनका परिवार बल्कि गांव के लोग भी काफी दुखी और आक्रोशित हैं।
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आजमगढ़ जिले के भटौली इब्राहिमपुर गांव निवासी टेल्हूराम निगम (50) बीएसएफ 36 बटालियन मालदा पश्चिम बंगाल में तैनात थे। बताया जाता है कि टेल्हूराम मंगलवार को अपनी टीम के जवानों के साथ भारत-बांग्लादेश बार्डर पर ड्यूटी करने गए थे।
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वहां गांव के कुछ शरारती तत्वों ने हमला बोल दिया। इसमें टेल्हू राम सहित अन्य जवान घायल हो गए। जवानों को बीएसएफ के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान टेल्हूराम की मौत हो गई।
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रात करीब साढ़े नौ बजे बीएसएफ मालदा में तैनात एक सीओ ने फोन कर घटना की जानकारी टेल्हूराम के घर वालों को दी तो कोहराम मच गया।
परिवार के सदस्य मौके के लिए रवाना हो गए। टेल्हूराम दो बेटी और एक बेटे के पिता थे। वह छह भाईयों में तीसरे नंबर पर थे। टेल्हूराम के बड़े भाई बनवारी घर पर खेती करते हैं। इसके बाद सुदामा बीएसएफ में अभी नौकरी कर रहे हैं।
इसके अलावा छोटा भाई विंध्याचल, सुरेश और राजेश भी बीएसएफ के जवान हैं। इसमें विंध्याचल और राजेश की पहले ही मौत हो चुकी है। टेल्हूराम की मौत से ना केवल उनका परिवार बल्कि गांव के लोग भी काफी दुखी और आक्रोशित हैं।