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यूपीः इस जिले में तीन तलाक के मामले में चार दिन से धारा खोज रही पुलिस

Sat, 13 Oct 2018 01:32 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,आजमगढ़
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,आजमगढ़ Updated Sat, 13 Oct 2018 01:32 PM IST
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Azamgarh police confuse on matter of teen talaq

विदेश से पत्नी को फोन पर तीन तलाक देने वाले मुनीस आजमी के विरुद्ध केस दर्ज करने के लिए आजमगढ़ के सिधारी थाने की पुलिस चार दिन से धारा नहीं खोज पाई है। इस तरह का जिले में पहला मामला उजागर होने पर पुलिस इस मुश्किल में है कि वह आरोपी के विरुद्ध किस धारा में केस दर्ज करे।

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विधि विशेषज्ञ से राय भी मांगी गई है, लेकिन मामला अटका पड़ा है। सिधारी थाना क्षेत्र के हड़हाबाबा मंदिर के पास स्थित औसत अली कॉलोनी की रहने वाली नफीसा के पति मुनीस आजमी ने ससुराल वालों पर मारपीट का आरोप लगाकर एनसीआर दर्ज करा दी थी।
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इससे नाराज होकर उसके पति ने फोन पर ही तीन तलाक दे दिया था। नौ अक्तूबर को नफीसा ने एसपी ग्रामीण से मिलकर रिपोर्ट दर्ज करने की गुहार लगाई थी। एसपी ग्रामीण ने संबंधित धारा में केस दर्ज करने का निर्देश दिया था।
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किस धारा में रिपोर्ट दर्ज हो इसके लिए पुलिस ने विधि विशेषज्ञ से राय मांगी थी। तीन दिन से मामला लटका हुआ है, ऐसे में पुलिस मुश्किल में पड़ी है। प्रभारी निरीक्षक रमायन सिंह ने बताया कि जिले में इस प्रकार का पहला मामला है।

पहली रिपोर्ट बिजनौर जिले में दर्ज हो चुकी है

Azamgarh police confuse on matter of teen talaq
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फौजदारी वरिष्ठ वकील स्वामी नाथ यादव का कहना है कि इस तरह के मामलों में एक्ट बनाने का क्रम सरकार की तरफ जारी है। इस प्रकार की घटनाएं होने पर उसे पुराने एक्ट की धारा के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

अभियोजन संयुक्त निदेशक वेद प्रकाश वर्मा का कहना है कि इस प्रकार की पहली रिपोर्ट बिजनौर जिले में दर्ज हो चुकी है। आजमगढ़ में फोन पर तीन तलाक का मामला आने पर नौ अक्तूबर को सिधारी पुलिस की तरफ से मौखिक पूछा गया था। हमने बता दिया कि मुस्लिम महिला (अधिकार एवं संरक्षण अध्यादेश 2018) एक्ट की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई करें। यह मामला संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।

एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि फोन पर तीन तलाक देने का मामला प्रकाश में आने पर प्रभारी निरीक्षक सिधारी को विधिक राय लेते हुए कार्रवाई का आदेश दिया जा चुका है।

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