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काशी में रामोत्सव: रामलला की अगवानी में गंगा घाटों पर जलाया एक दीया राम के नाम, उमड़ी रामभक्तों की भीड़
Mon, 22 Jan 2024 07:47 PM IST
प्रगति चंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Mon, 22 Jan 2024 07:47 PM IST
सार
आज अस्सी से नमो घाट तक दीपमाला सजी। पूरे शहर में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा पर दीपावली मनाई गई। इस अवसर पर गंगा घाट पर रामलला के स्वागत में काशीवासियों ने राम के नाम का दीपक जलाया।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अयोध्या में प्रभु श्रीराम के नव्य, भव्य और दिव्य मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के उत्सव को भगवान शिव की नगरी काशी में गंगा घाट पर दीपावली की तरह मनाया। गंगा घाट पर रामलला के स्वागत में सभी ने अपने प्रभु श्रीराम की अगवानी में एक दीप जलाकर अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई। अमर उजाला, जिला प्रशासन, नगर निगम और स्मार्ट सिटी की पहल और काशी की गंगा आरती समितियों के सहयोग से अस्सी से नमो घाट तक दीपमाला सजाई गई।
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22 जनवरी को अयोध्या में श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के शुभ उपलक्ष्य में काशी के समस्त गंगा महासमितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, आरती समितियों के सहयोग से समस्त गंगा घाटों पर दीप प्रज्ज्वलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
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काशी की जनता से भी जिला प्रशासन और आरती समितियों ने अपील की थी कि प्रभु श्रीराम के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को उत्सव के रूप में मनाने के लिए गंगा घाटों पर आएं। यहां अपने घर से लाए एक दीया राम के नाम अर्पित कर महापुण्य के भागीदार बनें। रामलला की अगवानी में काशी के गंगा घाटों पर आरती समितियों के सहयोग से एक दीया राम के नाम जलाया गया।
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दशाश्वमेध घाट पर 11 हजार रामदीप, रामलला को समर्पित हुई आरती
दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से होने वाले गंगा आरती में 22 जनवरी को अयोध्या में विराजमान रामलला को समर्पित हुई। 9 अर्चकों से होने वाली आरती से पहले 11 हजार रामदीप भी जलाए गए। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि आरती को ऐतिहासिक बनाया गया।