वाराणसी: 9 फरवरी को मुख्तार अंसारी को अदालत में पेश होने का आदेश, कोर्ट ने बांदा जेल अधीक्षक को भेजा पत्र
वाराणसी के बहुचर्चित अवधेश राय हत्याकांड में 9 फरवरी को आरोपी विधायक मुख्तार अंसारी को व्यक्तिगत रुप से कोर्ट में पेश करने का आदेश विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए सियाराम चौरसिया की अदालत ने दिया है।
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विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए सियाराम चौरसिया की अदालत ने बहुचर्चित अवधेश राय हत्याकांड में 9 फरवरी को आरोपी विधायक मुख्तार अंसारी को व्यक्तिगत रुप से कोर्ट में पेश करने का आदेश बांदा कारागार अधीक्षक को दिया है।
प्रकरण में मुख्तार अंसारी द्वारा बीते दिनों वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के दौरान इस मुकदमे में अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए वकालतनामा दाखिल करने की अदालत से इजाजत मांगी गई थी। साथ ही यह भी कहा गया था कि बांदा जेल में उसे किसी भी परिजन अथवा किसी से भी मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
ऐसे में परिजन से मिलने के बाद ही वह अपना वकालतनामा अदालत में प्रस्तुत कर सकता है। इस पर अदालत ने बांदा जेल के अधीक्षक को निर्देश दिया था कि मुख्तार अंसारी को परिजन अथवा अधिवक्ता से मिलने की अनुमति प्रदान करना सुनिश्चित करें ताकि मुख्तार अंसारी का वकालतनामा प्रस्तुत हो सके।
अदालत ने फैक्स व मेल के जरिए उक्त आदेश की प्रति बांदा जिला जेल के अधीक्षक को भेजने का चेतगंज थाना प्रभारी निरीक्षक को निर्देश भी दिया था। वकालतनामा प्रस्तुत नहीं होने पर अदालत ने बांदा जिला जेल के अधीक्षक को आदेश दिया है कि पर्याप्त सुरक्षा में नौ फरवरी को मुख्तार अंसारी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। अदालत ने इस आदेश की प्रति बांदा पुलिस अधीक्षक और कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश को भी भेजने का आदेश दिया है।
तीन अगस्त 1991 को हुई थी अवधेश राय की हत्या
बता दें कि तीन अगस्त 1991 को लहुराबीर क्षेत्र में स्थित आवास के गेट पर ही अवधेश राय के ऊपर फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पूर्व विधायक अजय राय ने मुख्तार अंसारी, पूर्व विधायक अब्दुल कलाम समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में आरोपी मुख्तार की तरफ से प्रमुख साक्षी पूर्व विधायक अजय राय से जिरह की जानी है।