अवधेश राय हत्याकांड: चश्मदीद गवाह से बचाव पक्ष ने पूरी की जिरह, मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी
31 साल पुराने अवधेश राय हत्याकांड में चश्मदीद गवाह विजय कुमार पांडेय से बचाव पक्ष ने जिरह पूरी कर ली। विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) की अदालत में चल रही इस मुकदमे की सुनवाई में आरोपी विधायक मुख्तार अंसारी का बांदा जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई।
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वाराणसी के बहुचर्चित अवधेश राय हत्याकांड में चश्मदीद गवाह विजय कुमार पांडेय से बचाव पक्ष ने जिरह पूरी कर ली। कोर्ट ने अब इस मामले में अगले गवाह के रूप में विवेचक को कोर्ट में पर्याप्त सुरक्षा के बीच 26 सितंबर को पेश करने का आदेश चेतगंज थाना प्रभारी को दिया है।
विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) सियाराम चौरसिया की अदालत में चल रही इस मुकदमे की सुनवाई में आरोपी विधायक मुख्तार अंसारी का बांदा जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी द्वारा अदालत में उपस्थित चश्मदीद गवाह से पूर्व में किए गए जिरह की कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए जिरह पूर्ण कर ली गई।
इसके बाद अदालत में अभियोजन की ओर से एडीजीसी ज्योति शंकर उपाध्याय की ओर से अगले साक्षी के रूप में मुकदमे के विवेचक कृपा शंकर शुक्ला को बतौर साक्षी पेश किए जाने की बात कही गई।
अदालत में मुकदमे की सुनवाई के लिए कड़ी सुरक्षा में पूर्व विधायक अजय राय, गवाह विजय कुमार पांडेय अधिवक्ता अनुज यादव व विकास सिंह के साथ कोर्ट में उपस्थित हुए।
तीन अगस्त 1991 को लहुराबीर स्थित आवास के गेट पर ही अवधेश राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भाई अजय राय ने पूर्व विधायक व माफिया मुख्तार अंसारी, पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, भीम सिंह, कमलेश सिंह व राकेश न्यायिक समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।