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बनारस में ऑटो चालकों से हर माह 30 लाख की वसूली, प्रशासन मौन

Wed, 15 Mar 2017 03:50 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 15 Mar 2017 03:50 PM IST
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Auto drivers recover 30 lakhs every month
बनारस की सड़कों पर फर्राटा भरती 15 हजार अवैध आटो - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी शहर में चलने वाले करीब 20 हजार ऑटो से नगर निगम के नाम पर रोजाना तकरीबन एक लाख रुपये की वसूली हो रही है। शहर में ऑटो को खड़ा करने पर स्टैंड के नाम पर शहर में वसूली का धंधा नगर निगम की मिलीभगत से धड़ल्ले से चल रहा है।
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ऑटो चालकों का कहना है कि ठेकेदार के आदमियों की जबरिया वसूली को लेकर पुलिस मौन रहती है। इसलिए इसमें पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है।

किसी चौराहे या तिराहे पर ऑटो एक मिनट से ज्यादा रुका नहीं, कि पांच रुपये की पर्ची थमाकर जबरन पैसे ले लिए जाते हैं। कुछ चौराहों पर ऑटो चालकों से तो ऑटो यूनियन की ओर से भी वसूली की जाती है।
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पता चला है कि इस पांच रुपये की पर्ची से आने वाला एक रुपया निगम के खाते में जाता है लेकिन चार रुपये का बंटवारा कहां-कहां, किसके हिस्से में जाता है, इसका कोई हिसाब नहीं है।
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संभागीय परिवहन कार्यालय ने शहर में चलने के लिए पांच हजार ऑटो को परमिट दिया है। इसके इतर करीब 15 हजार ऑटो अवैध रूप से शहर में चलते हैं। इनकी रोकथाम के बजाए सरकारी महकमे इनसे वसूली करने में व्यस्त हैं। पुलिस, परिवहन, प्रशासन सब इनसे वसूली करते हैं।

ठेकेदारी देने में हुआ है बड़ा खेल

Auto drivers recover 30 lakhs every month
ऑटो चालकों से हर माह 30 लाख की वसूली - फोटो : अमर उजाला
नगर निगम की ओर से शहर के 15 स्थानों पर ऑटो स्टैंड तय किए गए हैं। कचहरी, पांडेयपुर, बेनिया बाग, मैदागिन, लंका, आशापुर, सारनाथ, लहुराबीर, इंग्लिशिया लाइन, डीरेका, सुंदरपुर, जवाहर नगर समेत स्टैंड पर ऑटो खड़ा करने के एवज में चालकों से पांच रुपये लिए जाते हैं। दरअसल नगर निगम ने गाजीपुर के एक ठेकेदार को पूरे शहर का ठेका दिया है। सूत्रों की मानें तो ठेकेदार को मोटे मुनाफे पर ठेका दिया गया है।

ऑटो चालकों से वसूली में ठेकेदार को करीब 75 प्रतिशत कमाई होती है।  हर चौराहे पर ठेकेदार के चार से पांच लोग वसूली के लिए रखे गए हैं। आरोप है कि चौराहे पर सवारी उतारने के दौरान भी जबरन पैसे वसूले जाते हैं। तीन सीटर ऑटो के अलावा शहर में आपे और मैजिक से भी वसूली की जाती है।
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